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संकर से जूझ रहे जेट एयरवेज के संस्थापक नरेश गोयल ने बोर्ड से इस्तीफा दिया

तर्कसंगत

Image Credits: Wikimedia/Punjab Kesari

March 26, 2019

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कई दिनों से चल रहे कयासों और प्रयास के बाद, जेट एयरवेज के संस्थापक नरेश गोयल और उनकी पत्नी अनीता गोयल ने 25 मार्च को कैश-स्ट्रैप्ड एयरलाइंस के बोर्ड से इस्तीफा दे दिया. दंपति ने एयरलाइंस की स्थापना 25 साल पहले 1993 में की थी. एक अधिसूचना में, एयरलाइंस ने कहा कि गोयल एयरलाइंस के चेयरमैन नहीं होंगे.

अधिसूचना में यह भी कहा गया है कि एयरलाइन को “अपनी परिसंपत्तियों की सुरक्षा के लिए उधारदाताओं के माध्यम से 1,500 करोड़ रुपये तक का तत्काल वित्तीय सहायता मिलेगी.”
जेट एयरवेज जो $1 बिलियन से अधिक के क़र्ज़ में डूबी है, उसे 2013 में इसी तरह की स्थिति का सामना करना पड़ा था. ऐसे समय में जब एयर कैरियर अपने अस्तित्व को बचाये रखने के लिए संघर्ष कर रहा है भारतीय स्टेट बैंक और पंजाब नेशनल बैंक की अगुवाई में ऋणदाताओं ने क़र्ज़ देने की पेशकश की है.

 

टाइम्स ऑफ इंडिया ने नरेश गोयल और उनके प्रतिनिधियों को हटाने के कदम का जिक्र करते हुए एक सूत्र के हवाले से कहा, “वह बिना कोई पैसा लाए भी नियंत्रण बनाए रखना चाहते हैं” इस खबर के बीच यह बात सामने आई कि एतिहाद कंपनी मदद करने के बजाय बाहर निकलना चाहता है.

जेट एयरवेज को अधिक संकट का सामना करना पड़ रहा है क्योंकि अंतर्राष्ट्रीय एयरलाइन कंपनी एतिहाद एयरवेज ने भारतीय स्टेट बैंक (SBI) को लिखा है कि वह जेट एयरवेज से अपना अनुबंध तोड़ने जा रही है. जेट एयरवेज में एतिहाद एयरवेज की 24 फीसदी हिस्सेदारी है. दूसरी ओर, पायलटों ने घोषणा की है कि वे 1 अप्रैल से हड़ताल पर चले जाएंगे, अगर उनके बकाया वेतन का भुगतान नहीं किया गया तो. मंगलवार को, एतिहाद एयरवेज ने भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) को एक औपचारिक अनुरोध लिखा, जिसमें बैंक से अपने शेयर खरीदने के लिए कहा.

“एतिहाद जेट से पूरी तरह से बाहर निकलना चाहता है. अब कोई भी निर्णय एसबीआई से आएगा,” एक सूत्र ने कहा. एतिहाद के सीईओ टोनी डगलस ने सोमवार को एसबीआई के चेयरमैन रजनीश कुमार के साथ इस बारे में चर्चा की है.

संपर्क करने पर, एतिहाद ने अपने पहले के बयान को ही दोहराया कि यह जेट के साथ काम कर रहा है, एक अल्पसंख्यक शेयरधारक के रूप में, एतिहाद जेट एयरवेज के लिए एक समाधान की सुविधा के लिए भारतीय ऋणदाताओं, कंपनी और प्रमुख हितधारकों के साथ मिलकर काम कर रहा है,” इकनॉमिक टाइम्स ने बताया. नेशनल एविएटर गिल्ड – जेट के घरेलू पायलटों का प्रतिनिधित्व करने वाले संगठन – ने उड़ान को रोकने और 1 अप्रैल से हड़ताल पर जाने की धमकी दी है, अगर जारी समस्या का कोई समाधान नहीं निकला गया और अगर मार्च के अंत तक वेतन का बकाया नहीं सुलझाया जाता है. यह संगठन एयरलाइन के लगभग 1,000 पायलटों का प्रतिनिधित्व करता है.

 

एतिहाद मदद के लिए आगे नहीं आएंगे

एतिहाद द्वारा अपनी हिस्सेदारी को वापस लेने के प्रस्ताव ने जेट एयरवेज के वित्तीय संकट को और बढ़ा दिया है. ज्ञापन के अनुसार, एतिहाद  24.9% की हिस्सेदारी के लिए 1,600-1,900 करोड़ रुपये का निवेश करना चाहता था.

जेट एयरवेज ने अबू धाबी स्थित एतिहाद एयरवेज से 750 करोड़ रु की वित्तीय सहायता की मांग की थी. परिचालन कारणों के कारण, जेट ने कई उड़ानें रोक दी हैं. हाल के दिनों में जेट एयरवेज से यात्रा करने वाले कई यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा है एतिहाद के एक प्रवक्ता ने कहा कि उनके लिए वैकल्पिक उड़ानों को पुनर्निर्धारित किया गया है या उनके टिकट के पैसे वापस किए गए हैं.

इस मुद्दे को ध्यान में रखते हुए, सुरेश प्रभु ने ट्वीट किया, “जेट एयरवेज, एडवांस बुकिंग, कैंसिलेशन, रिफंड और सेफ्टी इश्यूज़ द्वारा उड़ानों की ग्राउंडिंग पर आपातकालीन बैठक आयोजित करने के लिए सचिव @MoCA_GoI को निर्देश दिया गया है, DGCA @Jayantsinha से तुरंत जेट अनुपालन मुद्दों पर एक रिपोर्ट प्राप्त करने के लिए भी कहा गया है”

जेट एयरवेज के लिए इंडिगो, गोएयर और स्पाइसजेट जैसी कंपनियों के बीच सस्ते दामों में बढ़ती प्रतिस्पर्धा के कारण विमानन उद्योग में खुद को बनाए रखना मुश्किल हो गया है. जेट एयरवेज ने 60 से अधिक विमानों को उतारा है और कई उड़ानों को रद्द कर दिया है. ऐसा इन्होनें अपनी आधे से ज़्यादा उड़ानों के लिए किया है.

 

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