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उप्र : कम से कम 7 शिक्षकों को पुलवामा हमले के बाद सरकार की आलोचना करने के लिए निलंबित किया गया

तर्कसंगत

March 27, 2019

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इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार उत्तर प्रदेश में सात सरकारी स्कूलों के शिक्षकों को निलंबित कर दिया गया है, जिनमें से दो ने पुलवामा हमले पर सत्तारूढ़ सरकार की आलोचना करने और सोशल मीडिया पर बालाकोट हवाई हमलों की आलोचना करने के लिए आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन किया.

इन सभी सात शिक्षकों के निलंबन आदेश पारित कर दिए गए क्योंकि उन्होंने सेवा नियमों का उल्लंघन किया था. इन शिक्षकों ने विवादास्पद विषयों पर टिप्पणी करने के लिए व्हाट्सएप और फेसबुक का उपयोग किया. निलंबित होने वालों में से एक बीएसए (बेसिक शिक्षा अधिकारी), एक ग्रुप-ए शिक्षा सेवक है. मुजफ्फरनगर के बीएसए दिनेश यादव को 21 फरवरी को विशेष सचिव आनंद कुमार सिंह ने निलंबित कर दिया था. उन्होंने प्रांतीय शिक्षा सेवा के एक व्हाट्सएप ग्रुप पर पुलवामा हमले पर जोर देते हुए कहा कि इसके पीछे साजिश थी.

बाराबंकी के एक प्राइमरी स्कूल के हेडमास्टर सुरेंद्र कुमार को 27 फरवरी को बाराबंकी बीएसए, वीपी सिंग ने निलंबित कर दिया. उन्होंने व्हाट्सएप ग्रुप पर इस हमले के बारे में सवाल किया था.

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, सुल्तानपुर में एक प्राथमिक स्कूल सहायक शिक्षक अमरेन्द्र कुमार को क्षेत्र के बीएसए ने व्हाट्सएप ग्रुप पर इमरान खान की प्रशंसा करने के लिए निलंबित कर दिया था. एक अन्य प्राथमिक स्कूल सहायक शिक्षक को निलंबित कर दिया गया था क्योंकि उन्होंने एक फेसबुक पोस्ट पर बालाकोट हवाई हमले के बाद एक भारतीय वायुसेना के जेट की शूटिंग और एक पायलट को पकड़ने का हवाला देते हुए देश की “जीत” पर सवाल उठाया था.

रायबरेली के रवींद्र कनौजिया ने इस पोस्ट को आगे नकार दिया और कहा कि किसी और ने उनके फोन से पोस्ट किया होगा. मिर्जापुर के एक प्राथमिक विद्यालय में प्रधानाध्यापक रवि शंकर यादव को भारत के राष्ट्रपति के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी करने के लिए निलंबित कर दिया गया. प्रधानमंत्री और यूपी के सीएम के खिलाफ टिप्पणी करने के लिए आजमगढ़ के एक प्राथमिक विद्यालय के सहायक शिक्षक नंदजी यादव को निलंबित कर दिया गया था. मोदी पर एक पोस्ट लिखने के लिए एक अन्य प्राथमिक हेडमास्टर रायबरेली के निरंकार शुक्ला को निलंबित कर दिया गया. आरबीआई गवर्नर के पद से हटने पर नरेंद्र मोदी को ज़ज़िम्मेदार ठहराने वाले एक पोस्ट में रायबरेली के एक प्राथमिक सहायक शिक्षक राजेश शुक्ला को निलंबित कर दिया गया था. अब तक, सरकार ने एक निजी स्कूल शिक्षक के खिलाफ एफआईआर का आदेश दिया है.

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