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कानपुर की एक एनिमल एक्टिविस्ट जिन्होनें आवारा जानवरों को एक नयी ज़िन्दगी दी है

तर्कसंगत

March 28, 2019

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कानपुर की शुभांगी सारावगी ने यह नेक काम, असहाय, दर्द बयाँ ना कर पाने वाले जानवरों की मदद करने के लिये किया. उनके जानवरों के प्रति इस लगाव ने उन्हें आगे बढ़ने पर मजबूर किया, जो कि पहले सिर्फ़ अपने पालतू जानवरों के लिए हुआ करता था. वह कुत्ते से लेकर पक्षी जैसे सभी जीवों के लिए काम करती हैं और अपने साथ साथ समाज में भी लोगों को प्रेरित करती हैं. उन्होंने फेसबुक पर एक पेज “रेस्पेक्ट द वॉयसलेस” भी बनाया है, जो उनके इस काम को आगे बढ़ाने में मदद करता है.

 

उनकी यात्रा की शुरुआत

यह सब कुछ 6 साल पहले फरवरी 2014 में शुरू हुआ, जब उन्होंने एक टूटे हुए पैर वाला कुत्ता देखा जो की उनके घर के बाहर बैठा था. उनसे रहा नहीं गया. उन्होंने उसे दूध पिलाया और उसकी देखभाल की. उन्होंने उसे कुछ प्राथमिक उपचार भी प्रदान किये. उन्होनें फिर उसके बाद में उसके बच्चे और फिर उनके भी बच्चे सभी की देखभाल की.

 

 

तर्कसंगत से बात करते हुए उन्होनें कहा “मुझे लोगों से बात करने की आवश्यकता महसूस हुई ताकि वो भी जाने कि मैं जानवरों के प्रति क्या कर रही हूं? जिससे अधिक से अधिक लोग इसमें पहल कर सकें. इसलिए, मैंने एक YouTube चैनल रेस्पेक्ट द वॉयसलेसशुरू किया जो अब तक की मेरी यात्रा का सबूत है और साथ ही यह चैनल लोगों को जानवरों के प्रति अधिक विचारशील और प्यार करने के लिए प्रेरित करता है.”  उन्होनें आगे बताया कि “मेरे पास कानपुर के सहायकों का एक व्हाट्सएप ग्रुप है, लेकिन उनके तरफ से मुझे शायद ही कोई जवाब मिलता है. हाँ अगर मेरे शहर में ऐसे लोग हैं जो पशु प्रेमी हैं, तो उनके सहयोग से मुझे अपने जानवरों के लिये काफी मदद मिल जायेगी.”

यह सब कुछ उन्होनें अकेले ही शुरू किया. लेकिन जब उनके परिवार ने पाया कि उन्हें जानवरों से बहुत लगाव है तो वह भी इस नेक काम का हिस्सा बन गए. जब वह घर पर नहीं होती, तो उनके घरवाले जानवरों की अच्छे से देखभाल भी करते हैं.

 

 

वह ट्युसन पढ़ाकर इन सभी कार्यो के लिये पैसे जमा करती है. इसके अलावा उनके दोस्तों और परिवार द्वारा भी उन्हें सहयता मिलती है. उनके छोटे-छोटे योगदानों से उन्हें इस कार्य में मजबूती बहुत मजबूती मिलती है. उनका उद्देश्य सभी के साथ मिलकर आवारा जानवरों की भलाई करना है. उन्होनें तर्कसंगत को आगे बताया कि “जरूरत के समय में, मेरे परिवार और कुछ अन्य पशु प्रेमियों ने मेरी मदद भी की है. इसके अलावा अगर कोई भी मदद करना चाहता है, तो वह मेरे फेसबुक पेज पर मुझसे संपर्क करके मदद कर सकता हैं.”

 

उनके दोस्तों और परिवार की प्रतिक्रिया

जब उन्होनें यह सब कुछ शुरू किया, तब सभी दोस्तों को शुभांगी के ऊपर बहुत गर्व महसूस हुआ और उन सभी ने कभी भी शुभांगी की ऊर्जा को व्यर्थ नहीं जाने दिया. जानवरों के प्रति उनका स्नेह और प्यार, उनकी कड़ी मेहनत, प्रेरणा और सौम्य मुस्कान के माध्यम से झलकता है. इसके अलावा उनके माता-पिता हालांकि शुरू में बहुत हिचकते थे कि वह क्या हासिल करेगी इन सबसे, लेकिन उनके अच्छे उद्देश्य को देखते हुए बाद में वह भी उनका समर्थन करने लगे.

 

समाज के लिए सन्देश 

शुभांगी, ने बीबीए और एमबीए की डिग्री ली है. इस वक़्त वह सरकारी नौकरी की तैयारी कर रही हैं और जानवरों के प्रति अपना जुनून और प्यार बनाए रखती हैं जिनसे उन्हें स्फूर्ति मिलती है. वह लक्ष्य बनाती है और उसी के अनुरूप अध्ययन करती है ताकि उनके परिणामो में भी उनकी बातो की झलक दिखे. उन्हें मॉडलिंग का भी शौक है.

 

 

अपने शौक से जुड़ी महत्वकांक्षाओं के बारे में उन्होंनें बताया “भविष्य के लिए, मैं अपने काम का विस्तार करने और अधिक आवारा पशुओं की देखभाल के लिए एक एनजीओ खोलना चाहती हूं. मैं तर्कसंगत के माध्यम से यही संदेश देना चाहती हूं कि सभी को जानवरों की जरूरतों का ध्यान रखना चाहिए.” उनका कहना है कि लोग आमतौर पर दर्द में पड़े एक असहाय जानवर को अनदेखा कर देते हैं और अब इसे बदलना चाहिए. सभी जानवर चाहे पालतू जानवर हों या आवारा जानवर एक अच्छे जीवन जीने के हक़दार होते हैं. लोगों को बिना किसी डर के, जानवरों के साथ हो रहे दुर्व्यवहार के खिलाफ खड़े होना चाहिए, जहां पर भी वह ऐसी गतिविधिया देखे. वह एक शाकाहारी जीवन शैली अपनाने के लिए लोगों को प्रोत्साहित करती हैं. उन्होनें अपने कई दोस्तों को शाकाहारी बनते हुए देखा है और अगर दूसरे लोगो को भी बदल सकीं तो उनके लिये इससे बड़ी कोई खुशी नहीं होगी.

 

 

सभी को उनका यही संदेश है – कि भगवान के सभी छोटे और बड़े प्राणि एक अच्छे जीवन जीने के हक़दार है. उनका प्रमुख उद्देश्य जानवरों के साथ हो रहे अत्याचार से लड़ना है और दूसरों को भी इसके बारे में जागरूक करना है.

तर्कसंगत के साथ बातचीत में उन्होंने बताया, कि वह अभी लगभग 24 कुत्तों की देखभाल करती है. वह या तो खुद भोजन पकाती है या वह दुकान से खरीद कर लाती है. वह गायों और सांडों जैसे अन्य आवारा जानवरों को भी भोजन खिलाती है इसके साथ साथ वह उन्हें आवश्यक चिकित्सा सहायता भी प्रदान करवाती हैं.

तर्कसंगत उनके इस नेक कार्य के लिए उन्हें शुभकामनाएं देता है और अपने पाठकों से अनुरोध करता है कि इस नेक कार्य में उनका साथ दें, उनके काम में साथ देने के लिए “रेस्पेक्ट द वॉयसलेस के फेसबुक पर उनसे संपर्क करें.    

 

लेखक: अभिषेक अवस्थी 

 

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