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फेसबुक ने ‘कैंडिडेट कनेक्ट’ फीचर शुरू किया, जो उम्मीदवारों के साथ मतदाताओं को जोड़ेगा

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Image Credits: Addodigital

March 28, 2019

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11 अप्रैल से शुरू होने वाले आगामी आम चुनावों के लिए फेसबुक ने भारत में एक नई सुविधा की घोषणा की है जो देश भर के मतदाताओं से जुड़ने के लिए चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों की मदद करने वाली है.

 

क्या हैं नए फीचर्स?

फेसबुक ने  ‘कैंडिडेट कनेक्ट’ नाम की एक सुविधा शुरू की है, जो भारत में फेसबुक उपयोगकर्ताओं को विभिन्न चुनाव उम्मीदवारों द्वारा बनाए गए वीडियो को देखने में सक्षम बनाएगी. ये शार्ट वीडियो फेसबुक उपयोगकर्ताओं के समाचार फ़ीड में चुनाव के दिन तक उपलब्ध होंगे और विशेष लोक सभा उम्मीदवार द्वारा पोस्ट किए गए कुछ उचित प्रश्नों के एक सेट के उत्तर प्रदान करेंगे.

समीद चक्रवर्ती, निदेशक – प्रोडक्ट मैनेजमेंट फॉर सिविक इंटीग्रिटी, फेसबुक, ने पीटीआई को बताया कि “हम वास्तव में सोचते हैं कि सबसे बड़ा योगदान जो हम कर सकते हैं, वह यह है कि हर किसी को अधिक सुचना प्राप्त करने में मदद करें. ‘कैंडिडेट कनेक्ट’ अनिवार्य रूप से मतदाताओं के लिए एक मार्गदर्शक है.”

 

उन्होंने कहा कि कैंडिडेट कनेक्ट भारत में लॉन्च किया गया है ताकि फेसबुक उपयोगकर्ता अपने निर्वाचन क्षेत्रों में उम्मीदवारों के विचारों को सीधे सुन सकें. फेसबुक इन उम्मीदवारों को प्रश्नों का एक सेट देने जा रहा है, जो बाद में प्रत्येक प्रश्न का जवाब देते हुए 20 सेकंड के लंबे वीडियो पोस्ट करेंगे.

उन्होंने कहा कि फेसबुक उम्मीदवारों के नाम प्राप्त करने के लिए एक गैर पक्षपाती थर्ड पार्टी के साथ काम कर रहा है जो उन्हें चुनाव आयोग की सूची से प्राप्त होता है. वीडियो फेसबुक उपयोगकर्ताओं के टाईमलाईन पर दिखाई देगा. इसके अतिरिक्त, फेसबुक ‘शेयर यू वोटेड’ टैग के ज़रिये मतदान की तारीखों पर लोगों को रिमाइंडर भी भेजेगा.

इस चुनाव के मौसम में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए नई सुविधाओं का परिचय फेसबुक की ओर से एक अच्छा कदम है.

 

आचार संहिता

हाल ही में, इंटरनेट और मोबाइल एसोसिएशन ऑफ इंडिया (IAMAI) और विभिन्न सोशल मीडिया संगठनों, ने 19 मार्च को चुनाव आयोग के साथ एक बैठक में आगामी चुनावों के मद्देनजर ऑनलाइन प्लेटफार्मों के लिए एक व्यापक “आचार संहिता” तैयार करने पर सहमति व्यक्त की थी.

कथित तौर पर, बैठक में IAMAI, Facebook, Whatsapp, Twitter, Google, ShareChat, TikTok और BigoTV के अधिकारियों ने भाग लिया. बैठक उन चरणों की समीक्षा करने के लिए आयोजित की गई थी जो चुनाव से पहले चुनावी नियम के उल्लंघन की रिपोर्ट करने के लिए उठाए जाने चाहिए.

20 मार्च से शुरू होकर 19 मार्च को मतदान के अंत तक, सोशल मीडिया प्लेटफार्मों ने मतदान समाप्त होने से पहले 48 घंटे के “मौन काल” के दौरान राजनीतिक विज्ञापनों को पोस्ट न करने पर सहमति व्यक्त की है. यह और इसके अलावा अन्य नियम “आचार संहिता” का हिस्सा हैं, जिसका भारत में सोशल मीडिया कंपनियों ने पालन करने पर सहमति व्यक्त की है.

IAMAI के साथ कंपनियों ने  मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा के सम्मुख सामूहिक रूप से आचार संहिता प्रस्तुत की जिसमें आठ बिंदु थे. भारत में स्वतंत्र और पारदर्शी चुनाव कराने में मदद करने के लिए आचार संहिता एक स्वैच्छिक तंत्र है. इस कोड का उद्देश्य “उन उपायों की पहचान करना है जो प्रतिभागियों को चुनावी प्रक्रिया में विश्वास बढ़ाने में मदद करते हैं.

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