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चुनावों से पहले निर्वाचन आयोग ने देश भर से 540 करोड़ रूपये के नकद, शराब, ड्रग्स जब्त किये

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Image Credits: NDTV

March 28, 2019

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आदर्श आचार संहिता के 26 मार्च को जारी होने के बाद चुनाव आयोग ने देश भर में 540 करोड़ रुपये की नकदी, अवैध शराब और ड्रग्स जब्त किए हैं.

 

तमिलनाडु इस सूची में सबसे ऊपर है

भारत के दक्षिणी राज्य – तमिलनाडु ने 107.24 करोड़ रुपये की अधिकतम जब्ती दर्ज की गयी है, जो अधिकारियों का मानना है कि मतदाताओं को लुभाने के लिए इस्तेमाल किया गया था. सूची में दूसरा राज्य उत्तर प्रदेश था, जिसने 104.53 करोड़ रुपये की अवैध कमाई की थी. आंध्रप्रदेश और पंजाब ने क्रमश: 103.4 करोड़ और 92.8 करोड़ रुपये के साथ तीसरा और चौथे स्थान पर हैं. एक अन्य दक्षिणी राज्य, कर्नाटक में कुल 26.53 करोड़ रुपये की नकदी जब्त की गईहै. महाराष्ट्रा की जब्त राशि 19.11 रुपये थी, जबकि तेलंगाना की 8.2 करोड़ रुपये थी.

चुनाव आयोग के एक अधिकारी ने कहा कि जब्त की गई वस्तुओं का कुल मूल्य 539.99 करोड़ रुपये था.

 

89.64 करोड़ रुपये की शराब जब्त

चुनाव की तारीखों के 10 दिनों के बाद अवैध धन और संपत्तियों पर चुनाव आयोग की छापेमारी की घोषणा के आंकड़ों के अनुसार, चुनाव आयोग ने कुल 143.37 करोड़ रुपये नकद, 89.64 करोड़ रुपये की शराब और 131.75 करोड़ रुपये की ड्रग्स जब्त की है. निर्वाचन आयोग ने अन्य मूल्यवान धातुओं जैसे सोना और बाद बाकि चीज़ों को मिलाकर 162.93 करोड़ रु जब्त किये हैं. मुफ्त में दिए जाने वाले छोटे मोटे उपहारों की कीमत 12.20 करोड़ रुपये के हिसाब लगाई गयी है.

चुनाव आयोग ने सैकड़ों सामान्य पर्यवेक्षकों, व्यय पर्यवेक्षकों को तैनात किया है. उन्होंने काले धन के संचलन और अन्य अवैध संतुष्टि पर नजर रखने के लिए देश में मोबाइल निगरानी दल भी बनाए हैं.

 

अचार संहिता क्या है?

चुनाव आयोग द्वारा 10 मार्च को चुनाव तारीखों की घोषणा के बाद आदर्श आचार संहिता (एमसीसी) को लागु किया गया था. आदर्श आचार संहिता दिशानिर्देशों का एक सेट है जो राजनीतिक दलों और उसके उम्मीदवारों को स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए विनियमित करता है. चुनाव आयोग को संविधान के अनुच्छेद 324 द्वारा ये शक्तियां प्राप्त है जो उसे केंद्र और राज्य सरकारों के साथ-साथ राजनीतिक दलों और उनके उम्मीदवारों की निगरानी करने की अनुमति देता है. अचार संहिता प्रावधान भाषणों, चुनावों के प्रबंधन, मतदान केंद्रों, विभागों, चुनाव घोषणापत्रों की सामग्री, सहित अन्य मुद्दों से संबंधित हैं.

 

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