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जातिगत संघर्ष, पूंजीवाद का विकास, नौवीं कक्षा की इतिहास की किताबों से NCERT द्वारा हटा दिया जायेगा.

तर्कसंगत

March 28, 2019

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NCERT की कक्षा IX के छात्रों को अब जातिगत संघर्ष से संबंधित कुछ अध्यायों को नहीं पढ़ना होगा क्योंकि उन्हें इतिहास की पाठ्यपुस्तकों से हटा दिया जाएगा. यह एचआरडी मंत्री प्रकाश जावड़ेकर का एक कदम है, जिससे पाठ्यक्रम में अनौपचारिक अभ्यासो की वजह से छात्रों पर पड़ रहे बोझ को, कम किया जायेगा.

भारत और समकालीन विश्व को पुस्तक से लगभग 70 पृष्ठों को हटाने का निर्णय – वर्तमान सरकार के तहत की गई दूसरी पाठ्यपुस्तक समीक्षा है. संशोधित पाठ्यपुस्तकें नए शैक्षिक सत्र से ठीक पहले मार्च से उपलब्ध होंगी. 2017 में, एनसीईआरटी ने 1,334 बदलाव किए, जिसमें कुल 182 पाठ्यपुस्तकों में कुछ तथ्य जोड़े गये, कुछ का डेटा अपडेट किया गया और कुछ सुधार शामिल थे.

 

कौन से अध्यायों को हटा दिया गया है?

एनसीईआरटी के एक अधिकारी ने कहा, “जिन अध्यायों को हटाया जाना है उनमें कपड़ों पर एक और सामाजिक आंदोलनों ने हमें कैसे प्रभावित कियाशामिल हैं.”

द हिन्दू के अनुसार, अधिकारी ने कहा, “दूसरा अध्याय भारत में क्रिकेट का इतिहास और इसका जाति, क्षेत्र और समुदाय की राजनीति से क्या जुड़ाव है, जबकि तीसरा पूंजीवाद के विकास पर केंद्रित है और उपनिवेशवाद ने कैसे किसानों और किसानों के जीवन को बदल दिया है.”

Clothing: A social Historyपाठ्यपुस्तक का अंतिम अध्याय है जिसमें दिखाया गया है कि कैसे भारत और इंग्लैंड में कपड़े दोनों राष्ट्रों के सामाजिक आंदोलनों और वास्तविकताओं को आकार देते हैं. 2016 में जाति संघर्ष और पोशाक में परिवर्तन, इस अध्याय का एक हिस्सा तब सुर्खियों में आया जब राजनीतिक नेताओं ने त्रावणकोर में “Upper Cloth Revolt पर आपत्ति जताई.

विद्रोह के दौरान, ‘निचलीजाति की नादर महिलाएं, जिन्हें उनके ऊपरी शरीर को ढंकने से मना किया गया था, उन्हें मई 1822 में ‘नायरों’ ने सार्वजनिक तौर पर अपमानित किया था. “बाद के दशकों में, ड्रेस कोड पर हिंसक संघर्ष हुआ,” अध्याय में यह कहा गया है.

2016 में, CBSE ने अपने सभी संबद्ध स्कूलों को एक सर्कुलर जारी किया, जहां उन्होंने उन्हें सूचित किया कि इस विशेष खंड को पाठ्यक्रम से हटा दिया गया है. जब तक एनसीईआरटी ने पूरे अध्याय को पूरी तरह से हटाने का फैसला नहीं किया तब तक यह खंड पाठ्यपुस्तक का हिस्सा बना रहा. कथित तौर पर, जबकि मंत्रालय छात्रों के बोझ को कम करने की कोशिश कर रहा है, गणित और विज्ञान की पाठ्यपुस्तकों से हटा दिया जाने वाले आध्यायो से तुलना की जाए तो इतिहास से हटाए गए भागों की संख्या बहुत ज्यादा है.

2018 में, NCERT ने बारहवीं कक्षा की राजनीति विज्ञान की किताब में गुजरात में मुस्लिम विरोधी दंगोंके संदर्भ को बदलने के लिए दबाव का सामना किया, ताकि उसे ‘गुजरात दंगों’ के नाम से जाना जाये और उस दौरान हिंदुत्व की व्याख्या को भी बदलने की कोशिश की गयी.

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