पर्यावरण

सिर्फ फ़ोन ही क्यूँ अपने किचन को भी स्मार्ट किचन बनाइये और 9200 लीटर पानी बर्बाद होने से बचाइए

तर्कसंगत

March 28, 2019

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इस ज़मीन पर इंसान के वजूद के लिए जो सबसे ज़रूरी चीज़ है वो पानी है. धरती का 70 % हिस्सा पानी में डूबा हुआ है, उस 70% में से 3% उपयोग करने लायक पानी है, जिसमें से उपयोग के लिए उपलब्ध पानी की मात्रा केवल 0.4 % है. इसलिए पानी के फ़िज़ूलख़र्ची को रोकना हम सभी के लिए ज़रूरी है.

 

आप यह सोच सकते हैं कि आप जहाँ रहते हैं वहां पानी की कोई किल्लत कभी नहीं रही, मगर यह आपको पानी की फ़िज़ूलख़र्ची का हक़ नहीं देता क्यूंकि प्रकृति ने हमें सिमित मात्रा में पानी दिया है, और कई लोग इस ज़मीन पर ऐसे हैं जिन्हें पीने तक को साफ़ पानी नहीं मिल रहा. इसे आने वाली नस्लों के लिए बचाना हमारा कर्त्तव्य है,  इस World Water Day हम यह प्रण लें कि हमसे जितना बन पड़ेगा उतना प्रयास करेंगे कि पानी की बर्बादी न हो, उसे बचा के रखने से उसका लाभ भी हम ही उठाएंगे और अगर नहीं तो आने वाली नस्लें पानी को तरसेंगी.

 

ये सब कुछ जितना कहने में आसान लग रहा है हकीकत में भी ये उतना ही आसान है. बस कुछ अपनी पुराने आदतों में बदलाव की ज़रूरत है. अपने आस पास लोगों से बात करने की ज़रूरत है, लोगों को इस बात का ख्याल रखने के लिए कहने की ज़रूरत है, आप या तो अपार्टमेंट में रह रहे हों, हॉस्टल में, अपने घर में या किराए के घर में. अपने घर के ख़राब नल को ठीक कराएं, बागवानी के लिए पाइप के बजाए बाल्टी से पानी पटायें, अपनी गाडी को ड्राई वाश करें, ऐसी छोटी छोटी बदलाव से भी आप पानी बचाने में मदद कर सकते हैं.

 

हम अपने घर में सबसे ज़्यादा पानी का इस्तेमाल रसोई में करते हैं. ये सही भी है क्यूंकि वहां साफ़ सफाई की ज़रूरत भी सबसे ज़्यादा होती है. अगर छोटे मोटे कामों को अलग कर भी दें तो भी रसोई में एक बार बर्तन साफ़ करने में इस्तेमाल होने वाले पानी की मात्रा एक मिनट में तकरीबन 9 लीटर है. इस तरह आप सोच सकते हैं कि  दिन भर में हम कितना सारा पानी केवल अपने रसोई में बहा देते हैं, अगर इसका हिसाब लगाएं तो ये 50 से 60 लीटर पानी तक हो सकती है.

 

 

बदलते समय के साथ हमने विज्ञान के माध्यम से इन कुदरती नैमत को बचाने के लिए काफी प्रयास किया है, जैसे नार्मल बल्ब की जगह एलईडी बल्ब का उपयोग कर रहे हैं, क्यूंकि इससे बिजली की बचत होती है, बैटरी से चलने वाली गाड़ियां आ गयी ताकि पेट्रोल जैसे सिमित रिसोर्स को बचाया जा सके. उसी तरह से पानी के इस बर्बादी को रोकने के लिए भी हमारे पास एक बेहतर आसान और सस्ता विकल्प है ‘डिशवाशर’.

 

पानी की बर्बादी को रोकने के लिए Bosch कंपनी ने अपने माध्यम से हमें कई सारे ‘डिशवाशर’ के विकल्प दिए हैं जिनका उपयोग हम अपने घर,बर्तन और अपनी ज़रूरत के हिसाब से कर सकते हैं. अगर इससे जुड़े बजली और पानी के खर्च पर हम ध्यान दें, तो पाएंगे कि इसके इस्तेमाल में केवल 0.87 यूनिट बिजली की खपत होती है. एक बार घर के सारे बर्तन धोने में मात्र 9.5 पानी ही खर्च होता है और वह भी केवल 10 मिनट में, और उस बचे हुए समय का इस्तेमाल आप दूसरे ज़रूरी कामो को निपटाने में कर सकते हैं या अपनों के साथ समय बिता सकते हैं.

 

 

सबसे अच्छी बात यह है कि रसोई के साफ़ सफाई का ख्याल रखते हुए इन डिशवाशर में धोने के लिए उपयोग में आने वाले पानी 70 डिग्री तक गरम होते हैं जिससे 99.9% जीवाणु ख़त्म हो जाते हैं. इन डिशवाशर में शुरू से अंत तक बर्तन धोने में मात्र 45 मिनट तक का समय लगता है. जिससे आपके 210 अमूल्य घंटे की बचत होती है और इतना ही नहीं इसके इस्तेमाल से आप साल भर में 9200 लीटर पानी बचा कर इत्मीनान हो सकते हैं कि आपने प्रकृति के लिए कुछ अच्छा किया.

 

पानी बचाना कई लोगों को एक मुश्किल काम लग सकता है, मगर ऐसा नहीं है. इसमें हमारी मदद करता है Bosch डिशवॉशर. थोड़े सी सोच और आदत में बदलाव कर के हम भी एक ज़िम्मेदार नागरिक बन सकते हैं और दूसरों को भी इस चीज़ के लिए प्रेरित कर सकते हैं.

 

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