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हैदराबाद: बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव ने निर्मला सीतारमण का फ़र्ज़ी हस्ताक्षर कर गवर्नमेंट जॉब का वायदा किया, केस दर्ज़

तर्कसंगत

March 29, 2019

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भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव मुरलीधर राव के खिलाफ जालसाजी और धोखाधड़ी के आरोप में आईपीसी की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है. हालांकि बीजेपी नेता मुरलीधर राव ने इन आरोपों से इनकार किया है. बीजेपी नेता मुरलीधर पर रक्षा मंत्री के फर्जी साइन करने का आरोप भी लगा है.

यह मामला मंगलवार, 26 मार्च को प्रकाश में आया जहाँ केंद्रीय रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण के जाली हस्ताक्षरों का उपयोग करके 2.17 करोड़ जमा करके हैदराबाद स्थित रियाल्टार को धोखा देने के लिए भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव पी मुरलीधर राव और आठ अन्य के खिलाफ एक आपराधिक मामला दर्ज किया गया था.

 

क्या है पूरा मामला ?

शिकायतकर्ता, तल्ला प्रवरना रेड्डी ने कहा कि वह और उनके पति, तल्ला महिपाल रेड्डी ने एक पत्रकार एस्वर रेड्डी के साथ अच्छे सम्बन्ध थे, जो कि भाजपा के कुछ प्रमुख नेताओं को करीब से जानने दावा करता था. 2015 में, इस्वर रेड्डी ने दंपति से संपर्क किया, उन्होंने कहा कि वह ए. कृष्णा किशोर को जानते थे जो भाजपा के महासचिव पी. मुरलीधर राव के बहुत करीबी हैं और वह किसी को भी सरकारी नौकरी पाने में मदद करेंगे.

टाइम्स ऑफ इंडिया के अनुसार दंपति द्वारा प्रस्ताव को अस्वीकार करने के बाद भी, किशोर के साथ ईश्वर रेड्डी, स्थानीय भाजपा नेता मंडा राम चंद्र रेड्डी, हनुमंथा राव, एस. चंद्रशेखर रेड्डी, बाबा और श्रीकांत ने उन पर प्रस्ताव स्वीकार करने और 2.17 करोड़ रुपये का भुगतान करने के लिए दबाव डाला, जिसके बाद वे फार्मा एक्सिल की सदस्यता प्राप्त करने के लिए तैयार हो गए जो केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के अंतर्गत आता है.

तल्ला प्रवरना रेड्डी ने कहा, “उन्होंने हमसे पैसे वसूलने के बाद निर्मला सीतारमण द्वारा कथित तौर पर हस्ताक्षर किए गए एक नियुक्ति पत्र की फोटोकॉपी दिखाई, और हमें बताया कि मेरे पति को फ़ार्मा एक्सिल के चेयरपर्सन के रूप में नियुक्त किया जाएगा.”

हालांकि, प्रक्रिया में देरी होने के बाद उन्होनें अपने पैसे वापस मांगे लेकिन पी. मुरलीधर राव ने उन्हें धमकी दी. बाद में, एक बीजेपी नेता ने उन्हें अपने पैसे वापस करने का वादा किया और उन्हें हस्ताक्षरित चेक भी दिए, लेकिन दंपति को अपना पैसा वापस नहीं मिला.

शिकायतकर्ता टी. प्रवरना रेड्डी ने एक याचिका के माध्यम से अदालत का दरवाजा खटखटाया है. इसलिए उनके शिकायत के आधार पर, सरूरनगर पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की धारा 406 (आपराधिक विश्वासघात), 420 (धोखाधड़ी), 468, 471 (जालसाजी), 506 (आपराधिक धमकी) और 120 बी (आपराधिक साजिश) (IPC) और सीआरपीसी की धारा 156 (3) के तहत मामला दर्ज किया है.

पुलिस ने कहा कि शिकायतकर्ता ने बाद में इस्वर रेड्डी और रामचंद्र रेड्डी से संपर्क किया, लेकिन दोनों ने इस मुद्दे पर कोई जवाब नहीं दिया.

टाइम्स ऑफ इंडिया के अनुसार, पी. मुरलीधर राव ने आरोपों को खारिज कर दिया और कहा कि शिकायतकर्ता ने उन्हें तीन साल पहले इसी मामले से संबंधित बात कही थी. जिसके बाद उन्होनें उसे शिकायत दर्ज करने के लिए कहा लेकिन दंपत्ति ने ऐसा नहीं किया. उन्होंने कहा कि वह कुछ आरोपियों को जानते हैं, हालांकि इस मामले या पैसे से उनका कोई लेना-देना नहीं है.

उन्होनें ट्वीट कर लिखा

 

 

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