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फेक न्यूज : फेसबुक और बीबीएमपी ने गलत सूचना पर अंकुश लगाने के लिए चुनाव आयोग से हाथ मिलाया

तर्कसंगत

March 29, 2019

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2019 लोकसभा चुनाव अब दहलीज पर है और सोशल मीडिया में ग़लत और भ्रामक सूचनाओं का उबाल पूरे उफ़ान पर है. ऐसे में उन पर लगाम लगाने के लिए, फ़ेसबुक ने दिल्ली में एक 24×7 का ऑपरेशन सेंटर शुरू किया है जो चुनाव संबंधी सामग्री पर नज़र रखेगा.

फ़ेसबुक इंडिया और एशिया के पब्लिक पॉलिसी डायरेक्टर श्री शिवनाथ ठुकराल ने बताया कि ये केंद्र सोशल मीडिया के कैलिफोर्निया, डबलिन और सिंगापुर स्थित बड़े ऑफिसों से तारतम्य के साथ कार्य करेगा.

फ़ेसबुक के अलावा, ब्रहत बेंगलुरु महानगरपालिका (BBMP) ने भी चुनाव पूर्व सोशल मीडिया सामग्री पर नज़र रखने की तैयारी कर ली है. BBMP मुख्य चुनाव अधिकारी की अध्यक्षता में एक पांच सदस्य टीम, चुनाव आयोग के दिशनिर्देशों के उल्लंघन करने वाली सोशल मीडिया की पोस्ट्स पर कड़ी नज़र रखेगी. टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार,  इस समिति में सूचना और प्रसारण मंत्रालय के एक अधिकारी के अलावा, दूरदर्शन के एक सेवामुक्त पत्रकार भी शामिल रहेंगे.

फ़ेक न्यूज़ के ख़िलाफ़ युद्ध

राजनीतिक पार्टियों और उम्मीदवारों के सोशल मीडिया उपयोग पर चुनाव आयोग ने संबंधित दिशनिर्देशों को पहले से ही जारी कर दिया है. “उम्मीवारों को नामांकन दाखिल करते वक़्त अपने सभी सोशल मीडिया अकाउंट की जानकारी देनी होगी. चूंकि सोशल मीडिया एक इलेक्ट्रॉनिक मीडिया भी है अतएव सोशल मीडिया पर सभी राजनैतिक विज्ञापनों के पूर्व अनुमति मीडिया सर्टिफिकेशन और मॉनिटरिंग कमेटी (MCMCs) से लेना अनिवार्य होगा. इसके अलावा, राजनैतिक पार्टियों और उम्मीदवारों को अपने चुनावी कैंपेन के कुल ख़र्च में सोशल मीडिया पर होने वाले खर्चे का भी ब्यौरा देना होगा.” दिए गए दिशनिर्देशों से उद्धत.

भारत ने फ़ेसबुक पर अपने प्लेटफॉर्म का ग़लत इस्तेमाल होने पर रोक लगा पाने में नाकामी के कारण वैसे ही काफ़ी दवाब बना रखा है. अमरीका के बाद भारत ऐसा दूसरा देश होगा जिसने चुनाव के मद्देनजर ऐसा ऑपरेशन केंद्र स्थापित किया है.

लाइवमिंट को बताते हुए ठुकराल कहते है कि फ़ेसबुक, चुनाव आयोग के साथ सक्रिय रूप से कार्यरत है कि कैसे इन भ्रामक सूचनाओं और गाली गलौज पर काबू किया जा सकता है. हालांकि ऑपरेशन केंद्र लगभग अमरीका की तरह ही होगा लेकिन कई प्रक्रियाएं अभी भी निश्चित नहीं है. एक पार – कार्यात्मक टीम चुनाव आयोग के साथ सभी सामग्री पर नीति और कानून अनुरूप नज़र रखेगी.

सबसे पहली और बड़ी प्राथमिकता, भ्रामक सूचनाओं को फ़ैलाने वाले अकाउंटों पर होगी.  सितंबर 2017 से अक्टूबर 2018 के बीच फ़ेसबुक लगभग 2 बिलियन फर्जी अकाउंट को बंद कर देने का दावा करता है. अगली बड़ी प्राथमिकता फेक न्यूज़ को फैलने से रोकने की होगी. इसके लिए विभिन्न भाषाओं अंग्रेज़ी, हिंदी, बंगाली, तेलुगु, मलयालम और मराठी की मुख्य 7 कम्पनियों बूमलाइव, एफ़पी, इंडिया टुडे, विश्वास डॉट न्यूज़, फैक्टली, न्यूजमोबाइल और फैक्ट क्रिसेंडो के साथ साझेदारी की है.

जबकि BBMP ऐसे फर्जी अकाउंटों को ही नज़र रखेगा जो फेक न्यूज़ फ़ैलाने के लिए संभावित है.

तर्कसंगत का तर्क 

जहां ट्रोल्स और पैरोडी अकाउंट भ्रामक सूचनाओं को फ़ैलाने की पुरजोर कोशिश करेंगे, हमारी जिम्मेदारी होगी कि सूचनाओं का सावधानीपूर्वक इस्तेमाल करें. इंटरनेट पर मौजूद किसी भी जानकारी पर विश्वास करने से पहले उसकी विश्वसनीयता प्रमाणित करने की जिम्मेदारी हमारी है. हम सब जब, चुटकी भर नमक, चम्मच भर संदेह और एक गहरे शोध के साथ ही किसी सूचना को पढ़ेंगे और सोच बनाएंगे, तभी एक स्वस्थ नागरिक सक्रिय समाज की अवधारणा सक्षम है.

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