ख़बरें

पश्चिम बंगाल : अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल के 29 वें दिन 350 सरकारी नौकरी के इच्छुक में से 50 अस्पताल में भर्ती

तर्कसंगत

Image Credits: ABP News

March 29, 2019

SHARES

जब लोकसभा चुनाव शुरू होने वाले हैं, तो राज्य में नौकरियों की कमी ने ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के राजनीतिक प्रचार में बाधा उत्पन्न कर दी है. लगभग 350 सरकारी नौकरी के इच्छुक उम्मीदवारों ने वर्तमान सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया और अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं वह केवल वर्तमान सरकार का विरोध कर रहे हैं.

विरोध 29 दिन से चल रहा है और कोलकाता प्रेस क्लब के सामने हो रहा है. प्रदर्शनकारियों के अनुसार, वे सभी 5000 उम्मीदवारों में से हैं जिन्होंने सहायक शिक्षकों के पद के लिए आवेदन किया था और 2013 और 2017 में स्कूल सेवा आयोग (एसएससी) की परीक्षा में भी उत्तीर्ण हुए थे, लेकिन वे अभी भी भर्ती होने की प्रतीक्षा कर रहे हैं. प्रदर्शनकारियों ने यह भी माना कि 2014 के बाद से कोई भर्ती नहीं हुई है और राज्य के कई सरकारी स्कूलों में हजारों रिक्ति बनी हुई है, जैसे की एबीपी न्यूज ने बताया.

 

विरोध प्रदर्शन जारी है

द टेलीग्राफ की रिपोर्ट के अनुसार मुद्दे को लेकर कई विरोध प्रदर्शन हुए हैं लेकिन छोटे स्तर पर. विभिन्न रिपोर्टों के अनुसार, विरोध में लगभग 50 एस्पिरेंट्स बीमार पड़ गए और उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया है. प्रदर्शनकारियों ने कहा कि अगर उनकी मांग पूरी हुई तभी वे विरोध प्रदर्शन को रोकेंगे. प्रदर्शनकारियों में से एक, प्रकाश घोष ने कहा कि वे 3 अप्रैल तक प्रदर्शन करेंगे, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शहर में एक रैली आयोजित करने वाले हैं.

 

ममता प्रदर्शनकारियों से मिलीं

ममता बनर्जी ने प्रदर्शनकारियों से बात की, मुख्यमंत्री ने 22 मार्च को शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी के तहत गठित नवनिर्मित समिति के साथ चर्चा करने के लिए उम्मीदवारों को आमंत्रित किया. उन्होंने आगे कहा कि वे चुनाव के बाद इस मामले को देखेंगी और तर्क दिया कि यदि पार्टी अभी अगर कुछ करती है, तो यह चुनाव आयोग द्वारा निर्धारित आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन करेगा. उसने कहा, “मैं सहानुभूतिपूर्वक आपके मामले पर विचार करुँगी जितना मैं कर सकती हूं. मेरा आपसे अनुरोध है कि कुछ समय के लिए ठहरिये. चुनावों की घोषणा हो चुकी है. अगर मैं (मामले को सुलझाना) चाहूं तो भी मैं इसे पूरा नहीं कर सकती. आदर्श आचार संहिता लागू है. ”उन्होंने प्रदर्शनकारियों  से विरोध प्रदर्शन वापस लेने का अनुरोध किया है.

राज्य सरकार पर कीचड़ उछालते हुए वाममोर्चा के अध्यक्ष बिमान बोस ने कहा कि सीएम अचार संहिता का हवाला देकर सभी को धोखा दे रही हैं.

 

 

अपने विचारों को साझा करें

संबंधित लेख

लोड हो रहा है...