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फैक्ट चेक – क्या नेहरू-गांधी परिवार खुशियां मना रहा था जब इसरो साइकिल और बैलगाड़ी का प्रयोग करता था?

तर्कसंगत

Image Credits: Mint

April 3, 2019

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जब से प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने 27 मार्च को उपग्रह-रोधी मिसाइलों के सफलतापूर्वक परीक्षण की घोषणा की है जिसे भारतीय स्पेस एजेंसी इसरो और डीआरडीओ ने मिलकर अंजाम दिया है एक फ़र्ज़ी समाचार जोर शोर से घूम रहा है. इस घोषणा के बाद से ही भाजपा और कांग्रेस के बीच झगड़ा शुरू हो गया. कांग्रेस का दावा है कि इसका श्रेय मनमोहन सिंह सरकार को जाना चाहिए जिन्होंने A-SAT वास्तव में शुरू किया था.

फेसबुक पर अब दो पोस्ट वायरल हो रहे हैं जिसमें दावा किया गया है कि जब इसरो अपने उपग्रहों और रॉकेट के संबंध में काम करने में कठिनाई का सामना कर रहा था तब नेहरू-गांधी परिवार एक चार्टर्ड विमान में जन्मदिन मना रहा था. दोनों पोस्ट में एक ऐसी तस्वीर है जिसमें गाँधी परिवार एक विमान में जन्मदिन मना रहा है.

पहली फोटो में दो आदमी एक साईकिल पर रॉकेट के एक हिस्से को ले जाते हुये दिख रहे हैं जबकि दूसरी फोटो में एक बैलगाड़ी दिखाई दे रही है, जो एक मशीन को ले जा रही है.

 

फोटो का दावा क्या है?

साईकिल के साथ फोटो का दावा है कि नेहरू-गांधी परिवार उस समय एक विमान में जन्मदिन मना रहा था जब इसरो के वैज्ञानिक एक साईकिल पर रॉकेट के हिस्सा को ले जाया जा रहा था. पोस्ट पर 4,000 से अधिक प्रतिक्रियाएं और 6,000 से अधिक शेयर हैं जिसे Post Card Fans नामक फेसबुक पेज ने साझा किया है.

बैलगाड़ी के साथ फोटो में भी इसी तरह का दावा किया गया है कि जब एक विमान में राहुल गांधी का जन्मदिन मनाया जा रहा था तब इसरो अपने उपग्रह को बैलगाड़ी पर ले जा रहा था.

Never forget, When ISRO was carrying their rocket's part on Bullock Carts, Gandhi family was celebrating birthday on chartered plane.

Posted by PMO India : Report Card on Wednesday, 27 March 2019

 

सच क्या है?

 

द क्विंट ने एक रिवर्स इमेज सर्च किया, जिसमें पाया गया कि लाइवमिंट के द्वारा शेयर की फोटो जिसमें साईकिल पर रॉकेट का हिस्सा है वो 1966 से पहले की है जिसे इसरो ने जारी किया था. इससे पहले 1963 में, भारत का पहला साउंडिंग रॉकेट केरल के एक गांव थुम्भा से लॉन्च किया गया था जो फोटो का वास्तविक स्थान है.

 

प्लेन में जन्मदिन के जश्न की तस्वीर वास्तव में राहुल गांधी के जन्मदिन की तस्वीर है जिसे इंदिरा गांधी, प्रियंका गांधी, सोनिया गांधी और परिवार के अन्य सदस्यों ने प्लेन के अंदर मनाया था. हालांकि, टाइम्स नाउ की एक रिपोर्ट बताती है कि यह फोटो साल 1977 की है, जिसका मतलब है कि 11 साल पहले साईकिल वाली तस्वीर क्लिक की गई थी. इसके अलावा राहुल गांधी का जन्म 19 जून, 1970 को हुआ था जिसमें यह पता चलता है कि जब साईकिल वाली फोटो ली गयी थी तब उनका जन्म भी नहीं हुआ था.

 

 

दूसरी ओर, लाइवमिंट की एक रिपोर्ट से पता चला है कि बैलगाड़ी के साथ वाली फोटो 1981 की है. बैलगाड़ी पर APPLE उपग्रह (Ariane Passenger PayLoad Experiment) को ले जाया जा रहा था. हिंदुस्तान टाइम्स की एक रिपोर्ट में बताया गया है कि इसे एक बैलगाड़ी पर इसलिए ले जा रहे थे क्योंकि भारत के अंतरिक्ष वैज्ञानिक एक ऐसे वाहन को खोज में थे जो धातु-मुक्त था. ऐसा नहीं था कि उनके पास संसाधनों या धन की कमी थी.

 

 

इसरो के पूर्व वरिष्ठ वैज्ञानिक पद्म श्री डॉ. आर.एम.वासगाम का एक लेख भी इस बात की पुष्टि करता है. वासगाम APPLE परियोजना के निदेशक भी थे.

जिससे ये निष्कर्ष निकलता है कि जन्मदिन के जश्न और बैलगाड़ी की फोटो का एक दूसरे से कोई संबंध नहीं है. जाहिर है इसरो ने अपने उद्देश्य के लिए बैलगाड़ी का उपयोग किया था.

 

तर्कसंगत का तर्क 

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