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चुनाव आयोग ने सीएम योगी को उनके “मोदीजी की सेना” व्यक्तव्य के खिलाफ नोटिस जारी किया

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Image Credits: India Tv News

April 5, 2019

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31 मार्च को गाजियाबाद के बिसडा में एक राजनीतिक रैली में, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भारतीय सेना को “मोदीजी की सेना” कहा. अब, चुनाव आयोग ने योगी को नोटिस भेजा है. उन्हें अपनी प्रतिक्रिया देने के लिए 5 अप्रैल को शाम 5 बजे तक का समय दिया गया है.

 

 

विपक्ष और रक्षा कर्मियों को योगी की ये टिप्पणी गले से नहीं उतरी. उन्होंने इसे सेना का राजनीतिकरण कहा. इसके अतिरिक्त, नौसेना के पूर्व प्रमुख एडमिरल एल रामदास ने 2 अप्रैल को कहा कि वह अपनी टिप्पणी के संबंध में सीएम योगी के खिलाफ चुनाव आयोग से संपर्क करेंगे. चुनाव आयोग ने भी गाजियाबाद के जिला मजिस्ट्रेट से एक रिपोर्ट पेश करने के लिए कहा था कि क्या सीएम योगी की यह टिप्पणी आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन है. यह ध्यान दिया जा सकता है कि कुछ दिनों पहले चुनाव आयोग ने राजनीतिक दलों से किसी भी राजनीतिक लाभ के लिए रक्षा बलों का उपयोग करने से परहेज करने के लिए कहा था.

 

“सशस्त्र बल किसी व्यक्ति से संबंधित नहीं हैं”

द टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, सेना, वायु सेना और नौसेना के अधिकारियों के एक समूह ने कहा था कि व्यक्तिगत रूप से, उनके पास अलग-अलग राजनीतिक झुकाव हो सकते हैं, परन्तु रक्षा बलों का एक  “गैर राजनीतिक और धर्मनिरपेक्ष होने का एक निर्विवाद रिकॉर्ड रहा है”

कारगिल संघर्ष के दौरान सेना प्रमुख के रूप में कार्य करने वाले सेवानिवृत्त जनरल वीपी मलिक ने कहा कि तब राजनीतिकरण के इसी तरह के प्रयास किए गए थे. हालाँकि, जब उन्होंने तत्कालीन पीएम अटल बिहारी वाजपेयी के साथ इस मामले को उठाया, तो वे ग्रहणशील थे “और सहमत थे कि यह नहीं किया जाना चाहिए.”

पूर्व नौसेना प्रमुख एडमिरल अरुण प्रकाश ने कहा था कि उन्हें उम्मीद है कि पीएम मोदी इस “चौंकाने वाले और अनुचित” बयान के खिलाफ अपनी अस्वीकृति व्यक्त करेंगे.

द क्विंट से बात करते हुए पूर्व नौसेना प्रमुख एडमिरल एल रामदास ने कहा कि वह इस मामले में चुनाव आयोग से संपर्क करेंगे. उन्होंने कहा, ‘सशस्त्र बल किसी एक व्यक्ति के नहीं होते, वे देश की सेवा करते हैं. चुनाव खत्म होने तक मुख्य चुनाव आयुक्त ही बॉस होते हैं. मैं इस संबंध में चुनाव आयोग से संपर्क करूँगा.”

 

विपक्ष ने आपत्ति जताई है

रैली में सीएम योगी ने कहा, “कांग्रेस के लोग आतंकवादियों को बिरयानी खिलते हैं, और मोदी की सेना उन्हें गोली खिलाती है. यही अंतर है हममें और कांग्रेस में”.

कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने सीएम योगी की इस टिप्पणी को चुनाव आयोग का “झूठा उल्लंघन” बताया.

पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने कहा कि सेना का “निजीकरण और विनाश” एक अपमान है. उन्होंने ट्वीट कर लोगों से इस बयान को खारिज करने के लिए कहा क्योंकि भारतीय सेना एक संपत्ति है और “भाजपा का कैसेट” नहीं है.

 

सीपीआई नेता डी राजा ने सीएम योगी की टिप्पणी की निंदा करते हुए चुनाव आयोग से उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करने की अपील की है.

रैली का एक और पहलू जिसने बड़ी आलोचना आकर्षित की, वह ये था कि दादरी मामले का एक आरोपी इस रैली में मौजूद था. दरअसल, उन्हें रैली में सबसे आगे बैठे देखा गया था. आरोपी विशाल सिंह स्थानीय भाजपा नेता संजय राणा का बेटा है, जिसका दावा है कि उसे गलत तरीके से फंसाया गया है. सिंह समेत सभी आरोपी फिलहाल जमानत पर बाहर हैं.

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