सप्रेक

एक NGO जो बच्चों को सिखाती हैं कि अपने पैसे कैसे संभालें.

तर्कसंगत

April 8, 2019

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यूनिसेफ की 2016 की एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत में लगभग 385 मिलियन बच्चों में से 30% या 115 मिलियन से ज्यादा बच्चे अत्यधिक गरीबी में रहते हैं. दक्षिण एशियाई देशों में से, भारत में यह संख्या सबसे अधिक है. इनमें से ज्यादातर बच्चे सड़कों पर रहते हैं क्यूंकि उनके पास कोई और आसरा नहीं है.

इन वंचित और गरीब बच्चों को दो वक्त के खाने और रात में सोने जैसी बुनियादी आवश्यकताओं के लिये दिन भर संघर्ष करना पड़ता है. शिक्षा, जीवन कौशल और बचत ऐसी चीजें हैं जिन्हें वे नजरअंदाज करने के लिये मजबूर हैं. इनमें से अधिकांश बच्चे जीवन यापन करने के लिए काम करते हैं. उनकी बुनियादी जरूरतों को पूरा करने के लिये  एक NGO, Butterfly India इन बच्चों के लिए “बाल विकास खज़ाना” (CDK-Child Development Khajana) नामक एक जीवन कौशल कार्यक्रम चलाती हैं. ये खज़ाना बच्चों द्वारा बच्चों के लिये चलाया जाता है. इस खजाने में बच्चे जो कुछ भी कमाते हैं उसे जमा करते हैं. उनमें से हर एक को एक पासबुक भी दी जाती है.

 

 

बच्चों का खज़ाना

Butterfly India के सुजय जोसेफ ने तर्कसंगत को बताया “बच्चों का विकास खज़ाना एक जीवन कौशल शिक्षा कार्यक्रम है जो बच्चों और किशोरों को लोकतांत्रिक मूल्यों और पैसों को सँभालने के लिये शिक्षित कर रहे हैं. CDK का मुख्य उद्देश्य 9 से 18 वर्ष के बच्चों को जिम्मेदार बनाना, उन्हें बजट और बचत के बारे में सिखाना है. कोई भी ग्रामीण, शहरी और जातीय समुदायों का बच्चा खज़ाना का सदस्य हो सकता है जोकि उनका खुद का है. इस खजाने को बड़ो के मार्गदर्शन में स्वयं बच्चों द्वारा चलाया जाता है.”

 

 

CDK की अवधारणा 2001 में की गई थी जो अब नौ राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों – जम्मू और कश्मीर, केरल, दिल्ली, बिहार, झारखंड, ओडिशा, राजस्थान, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह और महाराष्ट्र में चल रही है. भारत ही नहीं, बल्कि CDK की अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी मौजूदगी है. वह सात देशों (पांच एशिया में, दो अफ्रीका में) में वहां के संगठनों के साथ मिलकर काम कर रही है.

 

 

बच्चों के लिये, बच्चों के द्वारा

 

 

जोसेफ ने बताया कि इस खजाने को मुख्य रूप से बच्चों के द्वारा चलाया जाता है और बड़ो की निगरानी में सुविधा प्रदान की जाती है. हर छह महीने में, बच्चे एक Child Volunteer Manager (CVM) और एक Assitanr Child Volunteer Manager (CVM) का चुनाव करते हैं. मतदान के बाद, निर्वाचित CVM और ACVM अपने CDK को चलाने और देख रेख के प्रशिक्षण से गुजरते हैं. उन्हें सदस्यों की कैश बुक, लेजर बुक और पास बुक का विवरण भी सिखाया जाता हैं. वे आगे बताते हैं “प्रत्येक संगठन के लिए, बच्चों द्वारा उनके CDK खाते में जमा की गई राशि को फिर एक अलग CDK के खाते में बैंक में जमा किया जाता है, न कि संगठन के खाते में.”

 

 

सहायक समिति के सदस्यों को अपने भविष्य को बचाने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है और उन्हें पैसे सँभालने की शिक्षा दी जाती है. किसी भी अन्य MNC employee की तरह, बच्चों को उनकी बचत राशि को देख प्रोत्साहन मिलता है. उनके पास आगे बढ़ने का एक विकल्प है जैसे माता-पिता के लिये घर बनाने, स्वास्थ्य, स्कूल की फीस और शिक्षा जैसी अन्य जरूरतों को पूरा करने में मदद करना.

“यदि किसी सदस्य को ज्यादा विकास और कल्याण की आवश्यकता होती है तो वह समिति के सामने अपना प्रस्ताव रखता है जिसे बच्चों के समाने समीक्षा की जाती है. प्रस्ताव की शर्तों पर सहमत होने के बाद पैसे दिए जाते हैं.” जोसेफ बताते हैं “31 मार्च, 2018 तक CDK के दुनिया भर में 16,912 सदस्य हैं जिनके पास $ 82,061/- की बचत धनराशि है.”

 

 

केवल पैसा ही नहीं, बच्चों को संचार, लैंगिक समानता, संवेदनशीलता और उद्यमशीलता जैसे मूल्यवान जीवन कौशल भी सिखाए जाते हैं.

 

Butterfly NGO

Butterfly की स्थापना रीता पैनिकर ने की थी जो इसके कार्यकारी निदेशक के रूप में भी काम करती हैं. यह संगठन 1989 में स्थापित किया गया था और तब से कमजोर बच्चों के साथ काम कर रहा है. 1987 में, यूनिसेफ के इशारे पर, जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के डॉ. प्रवीण नांगिया के साथ पैनिकर ने सड़क के बच्चों के बीच एक सर्वे किया. इस अध्ययन के दौरान, पैनिकर ने यह समझा कि किसी भी चीज़ से अधिक, ये बच्चे अपनी आजादी और अपने जीवन को संभालने के लिये मजबूर हैं. इन बच्चों को अपने जीवन से संबंधित निर्णय लेने के लिए सक्षम करना Butterfly का मुख्य उद्देश्य बन गया.

CDK के अलावा, Butterfly ने एक बाल स्वास्थ्य सहकारी, बच्चों का मीडिया, स्वास्थ्य केंद्र और चाइल्डलाइन, खेलने का अधिकार और बाल सामाजिक सुरक्षा समिति कार्यक्रम भी चलाया है. NGO व्यावसायिक प्रशिक्षण भी प्रदान करता है. यह NGO सभी बच्चों के कल्याण और कल्याण से संबंधित नीतियों और कार्यक्रमों को सक्रिय रूप से आयोजित करता है.

 

तर्कसंगत का तर्क 

तर्कसंगत का मानना ​​है कि सभी बच्चे सुरक्षा और सुरक्षित बचपन के हकदार हैं. जिन्हें एक जिम्मेदार, सचेत और स्वतंत्र वयस्क में बदलने के लिए निर्देशित और सिखाया जाना चाहिये. यह बहुत सराहनीय है कि Butterfly NGO ने इस तरह का एक अनूठा कार्यक्रम शुरू किया है और उन्हें न केवल उनकी दैनिक चुनौतियों के लिए बल्कि उनके भविष्य के लिए भी तैयार कर रहा है.

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