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एमपी: सीएम कमलनाथ के करीबी के घर पर छापे के बाद आईटी डिपार्टमेंट ने 281 करोड़ रु की संपत्ति ज़ब्त की

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Image Credits: NewsNation/Twitter/Ashunita_Nikhil/Twitter

April 10, 2019

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आयकर विभाग ने 8 अप्रैल को कहा कि उसने मध्य प्रदेश में लगभग 281 करोड़ रुपये की बेहिसाब संपत्ति से जुड़े एक “व्यापक और सुसंगठित” रैकेट का पता लगाया है. यह मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री कमलनाथ के सहयोगियों और दो अन्य लोगों पर एक बड़ी कार्रवाई के लगभग 48 घंटे बाद आया.

 

50 स्थानों पर आईटी ने छापे मारे

टाइम्स ऑफ़ इंडिया के अनुसार सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्स (सीबीडीटी) ने कहा कि आईटी कारोबारियों ने 20 करोड़ रुपये के संदिग्ध नकदी का भी पता लगाया है, जिसे कथित तौर पर हवाला के माध्यम से “दिल्ली में एक प्रमुख राजनीतिक दल के मुख्यालय” में ले जाया जा रहा था.

चुनाव आयोग ने किसी भी तरह की कवायद करने से पहले जांच एजेंसियों को इसकी सूचना देने को कहा था. “चुनाव आयोग दृढ़ता से सलाह देता है कि चुनाव की अवधि के दौरान सभी प्रवर्तन कार्रवाइयाँ, जो मतदाता को प्रभावित करने से रोकने के लिए की जाती हैं उस पर अंकुश लगाने के लिए, बिल्कुल निष्पक्ष, निष्पक्ष और गैर-भेदभावपूर्ण तरीका अपनाने को कहा था.”  CBDT ने एक बयान में कहा, “अब तक 252 शराब की बोतल 14.6 करोड़ रूपये और, कुछ हथियार के साथ बाघ के छिपे हुए खाल मिले है.”

सीबीडीटी के बयान में कहा गया है कि लिखित डायरी, एक्सेल शीट और कंप्यूटर डॉक्स के रूप में नकदी के संग्रह और संवितरण के रिकॉर्ड भी पाए गए हैं. इसके अलावा, दिल्ली में वरिष्ठ अधिकारी के करीबी रिश्तेदार के घरों से सबूतों की जब्ती हुई जिसमें 230 करोड़ रुपये की बेहिसाब लेन-देन की रिकॉर्डिंग है, इसके अलावे 242 करोड़ रुपये से अधिक की फर्जी बिलिंग के जरिये पैसे की चोरी करने का मामला सामने आया है. साथ ही दिल्ली में पॉश स्थानों पर कई बेनामी संपत्तियों का भी पता चला है.

आईटी विभाग ने रविवार को चार राज्यों के 52 स्थानों पर तड़के सुबह छापेमारी शुरू की. वे लोग सीएम कमलनाथ से जुड़े लोगों की जांच कर रहे थे. जिन लोगों की तलाशी ली गई उनमें नाथ के पूर्व अधिकारी विशेष ड्यूटी (ओएसडी) प्रवीण कक्कड़, पूर्व सलाहकार राजेंद्र मिगलानी और अश्वनी शर्मा शामिल हैं.

प्रवीण कक्कड़ ने NDTV को बताया, “दिल्ली में लगभग 3.30 बजे सुबह टैक्स धिकारी मेरे घर में घुस गए… खोज बहुत देर तक चली… घर और दफ्तर में तलाशी ली गई… उन्होंने दो बैंक लॉकरों की भी जाँच की लेकिन कुछ नहीं मिला. मुझे लगता है कि कार्रवाई राजनीति से प्रेरित हैं.”

भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने कहा, “इससे एक बात स्पष्ट हो गई है कि जो चोर हैं उन्हें चौकीदार से शिकायत है.”

 

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