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फैक्ट चेक : यह स्कूल बस ईवीएम को नहीं ले जा रही है, ताकि बीजेपी छेड़छाड़ कर सके.

तर्कसंगत

Image Credits: Times Of India

April 11, 2019

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नकली समाचारों के बढ़ने के साथ, एक वीडियो जो व्हाट्सएप पर वायरल हो गया है, जिसके अंदर कई इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) के साथ एक स्कूल बस को दिखाया गया है. वीडियो में, कई लोगों को चिल्लाते हुए सुना जा सकता है, जो कह रहे यह “लोकतंत्र की हत्या” है.

 

दावा क्या है?

लोग इस वीडियो का उपयोग कर यह दावा कर रहे हैं कि भाजपा अध्यक्ष अमित शाह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आगामी लोकसभा चुनावों में विपछी से जीतने के लिये धांधली का फैसला किया है. लोग दावा कर रहे हैं कि यही वजह है कि भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) को इतना भरोसा है कि वो जीत जाएगी.

मेसेज जो हिंदी में है और वीडियो में साझा किया जा रहा है, “बिना नंबर प्लेट वाली एक स्कूल बस और तीन बोलेरो जीप को मध्य प्रदेश के (एमपी) बीना बाजार में स्ट्रोंग रूम्स में ईवीएम मशीनों को ट्रान्सफर करते हुए पकड़ा गया था. संबंधित अधिकारियों में से कोई भी यह बताने में सक्षम नहीं है कि क्या हो रहा है. शायद, इसीलिए मोदी-शाह को फिर से सरकार बनाने का भरोसा है.

यह संदेश आगे नागरिकों से वीडियो साझा करने की अपील करता है ताकि पीएम मोदी की वास्तविकता और उजागर हो और लोकतंत्र को बचाया जा सके.

 

 

तीन मिनट के वीडियो में क्या हो रहा है, इसे लोगों द्वारा मोबाइल कैमरे का उपयोग करते हुए रिकॉर्डिंग करते हुए देखा जा सकता है. इसमें एक आदमी को चिल्लाते हुए भी सुना जा सकता है कि “मंत्री हमारे लोकतंत्र की हत्या कर रहे है”. इस बीच, अन्य लोग सोच रहे हैं कि बस इतने सारे ईवीएम को क्यों ले जा रही है.

 

Breaking News Modi, shah, chunaaw aayog ki mili bhagat ki khuli pol.Madhya Pradesh ke beena bazar mein bina number ki school bus aur 3 bolero jeep mein sawwaon 100 ki tadaad mein EVM MACHINE strong room mein rakhte hue pakdegaye.Koi bhi zimmedaar officer jawab nahin de parahan hai tabhi to Modi aur Shah danke ki chot par kehte hai ki sarkar hamari hi banegi.Saathiyon is video ko zyada se zyada share kare taake haramiyon ka pata public ko maloom hojaye.

Posted by Abdullah Bin Ghalib on Sunday, 31 March 2019

सच क्या है?

नवंबर 2018 में राज्य के विधानसभा चुनावों के दौरान मध्य प्रदेश में मतदान समाप्त होने के दो दिन बाद यह वीडियो शूट किया गया था. सागर में एक कलेक्शन सेंटर से, ईवीएम ले जा रही एक स्कूल बस पकड़ी गई थी. इसके बाद, मध्य प्रदेश के मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने दावा किया था कि बस में ईवीएम को “रिज़र्व” में रखा गया था.

टाइम्स ऑफ इंडिया ने 1 दिसंबर, 2018 की एक एनडीटीवी रिपोर्ट को पाया, जिसमें कीवर्ड बीना मध्य प्रदेशका उपयोग किया गया था. यह रिपोर्ट उसी वीडियो की सहायता से दृश्य/फोटो लेती है. रिपोर्ट के अनुसार, मतदान संपन्न होने के 48 घंटे बाद यह घटना हुई.

NDTV पर इसी रिपोर्ट का एक अंग्रेजी संस्करण भी आया था. रिपोर्ट में, अधिकारियों के हवाले से कहा गया है कि इन ईवीएम को तकनीकी खराबी के दौरान बैकअप के लिये अलग रखा गया था, लेकिन इनका इस्तेमाल मतदान के लिए नहीं किया गया था.

इसी कहानी में आगे, द टाइम्स ऑफ़ इंडिया ने उल्लेख किया कि नायब तहसीलदार को ईवीएम के बदले रिज़र्व ईवीएम को सौंपने में 48 घंटे की देरी से देने के कारण निलंबित कर दिया गया था. यह जिला निर्वाचन अधिकारी की सिफारिश पर किया गया था.

जिला कलेक्टर आलोक सिंह ने तब कहा था,मुश्किल से 25 किमी दूर खुरई से मतदान के ठीक दो दिन बाद 37 रिज़र्व ईवीएम पहुचाने के लिए जिला मुख्यालय से एक स्कूल बस सहित दो वाहन सागर पहुंचे. स्कूल बस के पास कोई रजिस्ट्रेशन नंबर नहीं था”.

एमपी कांग्रेस के ट्विटर हैंडल ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए सवाल किया कि क्या सरकार भाजपा को जीत दिलाने की साजिश कर रही है.

CEO MP चुनाव ट्विटर हैंडल के माध्यम से यह स्पष्ट किया कि इन सारे ईवीएम को रिजर्वके रूप में रखा गया था.

 

तर्कसंगत का तर्क 

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