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पाकिस्तान 400 मंदिरों की मरम्मत करा फिर से धार्मिक अनुष्ठान के योग्य बनाएगा

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Image Credits: India Today/Ary News

April 15, 2019

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पाकिस्तान में रहने वाले हिंदू समुदाय के तरफ से लंबे समय से चली आ रही मांग और प्रतिबद्धता को पूरा करने के लिए, संघीय सरकार ने पूरे देश में 400 से अधिक हिंदू मंदिरों को बहाल करने और फिर से खोलने और अल्पसंख्यक हिंदुओं को सौंपने का फैसला किया है.

 

मंदिरों को मदरसा बना दिया था

जैसा कि हम सभी जानते हैं, विभाजन के दौरान कुछ हिन्दू भी उसी तरह से पाकिस्तान में ही रह गए जैसे कुछ मुसलमान भारत में रच बस गए, हालांकि, हिंदू जो जो वहां रह गए, वे अपने धार्मिक मान्यताओं का उतना खुल कर नहीं जी पाए जितना की हिन्दोस्तान के मुस्लिम भाई, मंदिरों की ज़मीन को वहां के स्थानीय लोगों ने कब्ज़े में ले लिया था. कुछ मंदिर मदरसे में बदल दिए गए थे. इन सबके पीछे बंटवारे का ज़ख्म भी था जो उस वक़्त हरा था.
हिंदू समुदाय की बेहतरी के लिए, इमरान खान की अगुवाई वाली पाकिस्तान सरकार ने घोषणा की कि वे मंदिरों को फिर से बनाएंगे, उन्हें बहाल करेंगे और उन्हें हिंदुओं को वापस देंगे. जो कि उनकी तरफ से सामाजिक सद्भाव और शांति को बहक करने का एक प्रयास होगा.

 

प्रति वर्ष दो मंदिर

पाकिस्तान सरकार ने 400 मंदिरों को पुनर्स्थापित करने में अपनी रुचि दिखाई है, क्योंकि वहां भी बड़ी संख्या में मंदिर हैं, वे प्रति वर्ष दो मंदिरों को  तैयार करेंगे, और इसकी शुरुआत सियालकोट और पेशावर के मंदिरों से होगी. सियालकोट में एक कामकाजी जगन्नाथ मंदिर और एक 1000 साल पुराना शिवालय तेजा सिंह मंदिर है. बाबरी मस्जिद विध्वंस के तुरंत बाद, शिवालय तेजा सिंह मंदिर पर भीड़ द्वारा हमला किया गया था और अब खंडहर बन चूका है.

देश भर में ऑल-पाकिस्तान हिंदू राइट्स मूवमेंट (APHRM) द्वारा किए गए एक सर्वेक्षण में पाया गया कि 428 हिंदू मंदिर पाकिस्तान की धरती पर मौजूद थे, हालांकि, उनमें से 408 रेस्तरां, स्कूल, सरकारी कार्यालय और खिलौना स्टोर 1990 में बदल गए थे.

हाल ही में पाकिस्तान सरकार के सर्वेक्षण के अनुसार, सिंध में कम से कम 11 मंदिर, पंजाब में चार, बलूचिस्तान में तीन और खैबर पख्तूनख्वा में दो 2019 में चालू स्थिति में हैं.

 

पड़ोसियों के साथ संबंध सुधारने का प्रयास

विशेषज्ञों का मानना है कि ये नवीनतम प्रयास भारतीय और पाकिस्तान के बीच रिश्तों को बेहतर बनाने के लिए किए गए हैं. गुरु नानक की जन्मस्थली तक भारतीयों को आने देने के लिए इमरान खान ने करतारपुर साहिब कॉरिडोर को खोलने की भी मंज़ूरी दी है.

इंडिया टुडे के अनुसार, पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में स्थित एक पुराने मंदिर शारदा पीठ की यात्रा के लिए पाकिस्तानी हिंदुओं को अनुमति देने की योजना पर भी विचार कर रहा है.

 

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