मेरी कहानी

मेरी कहानी: “अपने पीसीओएस दोस्तों से मिलकर लगा कि हम इस बीमारी से लड़ सकते हैं ”

तर्कसंगत

Image Credits: Aishath Reema/Facebook

April 16, 2019

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दुनिया में 10 में से लगभग 1 महिलाओं को प्रभावित करते हुए, पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (PCOS) बहुत बढ़ चुका है. शरीर में पुरुष टेस्टोस्टेरोन की उपस्थिति के कारण, यह अक्सर चेहरे के बालों की वृद्धि करता है और वजन बढ़ने का कारण बनता है. जबकि यह एक हार्मोनल बीमारी है, कई महिलाएं इन सारे लक्षणों के लिए शर्मिंदा होती हैं और धीरे धीरे दुखी होती हैं. इस समय के दौरान, उनकी मदद करना बहुत आवश्यक है. यह एक ऐसी महिला की कहानी है, जिसने “पीसीओएस साथियो” की मदद से अकेलेपन और कलंक को मिटा दिया है.

 

2011 में मुझे पता चला, तो मैं बहुत अकेलापन महसूस करती थी. “आपका वजन बढ़ रहा हैं”, “कम खाएं”, कई ब्रेकआउट क्यों हो रहे?” और “महिलाओं के चेहरे पर बाल नहीं नहीं होते हैं” प्रजनन रोकने वाली दवाईयों का भी कुछ असर नहीं हुआ.

लेकिन पॉलीसिस्टिक ओवेरियन सिंड्रोम (PCOS) असंतुलन पैदा करता है, पुरुष हार्मोन का उत्पादन करता है और हमारे अंडाशय में सिस्ट्स(cysts) का निर्माण करता है.

यह हमें इंसुलिन प्रतिरोधी बना सकता है, चेहरे के बालों का कारण बन सकता है, अनियमित पीरियड्स और डार्क स्किन स्पॉट को तीव्र कर सकता है. हमारे बाल भी पतले होने लगते हैं, मुंहासे, अनिद्रा और वजन बढ़ना आम बात है.

इसके बाद, शर्म और चिंता दोनों ही आपको घेर लेती हैं.

इसलिए जब मैं पहली बार अपने पीसीओएस साथियों से मिली, तो मुझे एहसास हुआ कि हम इससे लड़ सकते हैं. उन्होंने समझा, मुझे आहार और व्यायाम की योजना के साथ-साथ समर्थन भी दिया. मम्मी बहुत प्यारी थीं, वह मेरे लिए सिर्फ स्पेशल खाना बनाती है. योग ने भी काफ़ी मदद की.

फिर भी ऐसे परिवार का होना बहुत अच्छा है जो इस बात को समझ सकता है, मेरी तरह दूसरों तक भी पहुंच बनाना बहुत आवश्यक हो जाता है. क्योंकि मैं अब अकेला महसूस नहीं करती हूँ.

 

कहानी – ऐशाथ रीमा इब्राहीम

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