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ग्राहक को पेपर बैग के 3 रुपये देने के लिए मजबूर करने पर बाटा पर 9000 रुपये का जुर्माना लगाया गया

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Image Credits: Wikimedia

April 16, 2019

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चंडीगढ़ स्थित एक उपभोक्ता फोरम ने फुटवियर ब्रांड बाटा इंडिया पर पेपर बैग के लिए 3 रुपये मांगने पर 9,000 रुपये का जुर्माना लगाया है. फोरम ने ग्राहकों को परेशान करने और सेवाओं में कमी के लिए भी कंपनी को  जिम्मेदार ठहराया.

चंडीगढ़ के निवासी दिनेश प्रसाद रतूड़ी ने उपभोक्ता फोरम में शिकायत दर्ज कराई. अपनी शिकायत में, रतूड़ी ने कहा कि उन्होंने 5 फरवरी को चंडीगढ़ के सेक्टर 22 डी में स्थित एक बाटा शोरूम से एक जोड़ी जूते खरीदे थे और स्टोर ने उनसे पेपर बैग की कीमत के साथ 402 रुपये लिए.

रतूड़ी ने पेपर बैग के लिए भुगतान करने से इनकार कर दिया और सेवाओं में कमी के लिए मुआवजे की मांग की. कंपनी ने अपनी सेवाओं में कमी के दावों को खारिज कर दिया है लेकिन फोरम ने कंपनी को कोई राहत देने से इनकार कर दिया और कहा कि ग्राहक को पेपर बैग खरीदने के लिए मजबूर करना कंपनी की सेवाओं में कमी है.



 फोरम ने क्या आदेश दिया?

फोरम ने कहा कि कैरी बैग, जिसके लिए उपभोक्ताओं को अपनी जेब से अतिरिक्त भुगतान करना पड़ता है, दोनों साइड पर प्रिंटेड कैरी बैग है, जिसमें स्टोर के विज्ञापन का एक प्रमुख प्रदर्शन होता है और ग्राहकों से एन्डोर्समेंट के लिए शुल्क नहीं लिया जा सकता है.

यह कहते हुए कि पेपर बैग प्रदान करना कंपनी का कर्तव्य था, फोरम ने बाटा को बैग की लागत वापस करने और 1000 रुपये लिटिगेशन चार्जेज के रूप में देने का निर्देश दिया. इसके अलावा, नियामक ने कंपनी को रतुरी को 3,000 रुपये मानसिक पीड़ा के लिए भुगतान करने का आदेश दिया और राज्य उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग के कानूनी सहायता खाते में 5000 रु जमा करने का आदेश दिया.

इसने बाटा इंडिया को अपने ग्राहकों को मुफ्त पेपर बैग प्रदान करने का भी आदेश दिया है क्योंकि वे ग्राहकों से अपने हाथों में सामान ले जाने की उम्मीद नहीं कर सकते हैं. कंपनी ने कहा कि प्लास्टिक बैन के कारण, वे पेपर बैग का उपयोग करने और ग्राहकों को चार्ज करने के लिए मजबूर हैं.

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