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ईडी : विजय माल्या, नीरव मोदी जैसे 36 बिजनेसमैन देश छोड़कर भाग गए हैं

तर्कसंगत

Image Credits: Hindustan Times/India Today/Economic Times

April 17, 2019

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अगस्ता वेस्टलैंड वीवीआईपी चॉपर्स घोटाले की चल रही जांच में, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने उन लोगों के खिलाफ कार्रवाई की है जिनके नाम सामने आए हैं. जांच एजेंसी ने 15 अप्रैल को अगस्ता वेस्टलैंड मामले में गिरफ्तार एक कथित रक्षा एजेंट सुषेन मोहन गुप्ता द्वारा प्रस्तावित जमानत याचिका को खारिज कर दिया.

ईडी को आशंका है कि अगर जमानत दी गई तो गुप्ता देश से भाग सकते हैं. एजेंसी ने उनकी जमानत याचिका का कड़ा विरोध किया. देश छोड़कर भागने वाले अन्य लोगों का जिक्र करते हुए ईडी ने कहा कि वह उन 36 कारोबारियों की तरह दूसरे देश में भी सहारा ले सकता है जिनके खिलाफ आपराधिक मामले चल रहे थे.

 

बाकि 34 कौन हैं?

जांच एजेंसी ने विशेष न्यायाधीश अरविंद कुमार को सूचित किया कि नीरव मोदी और विजय माल्या जैसे 36 कारोबारी फरार हो गए हैं.

आश्चर्य की बात यह है कि जो अन्य 34 भगोड़े कौन हैं, जिन्हें ईडी ढूंढ रहा है? चुनावी लड़ाई के साथ, यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या जांच एजेंसी इन फरार कारोबारियों की सूची जारी करती है.

 

गुप्ता ने भरोसे की दुहाई दी

एजेंसी के विशेष लोक अभियोजकों डी पी सिंह और एन के मटका ने गुप्ता के इस दावे को सिरे से नकार दिया कि गुप्ता ज़मानत के बाद नहीं भागेंगे. ललित मोदी, मेहुल चोकसी और सैंडेसरा भाइयों (स्टर्लिंग बायोटेक लिमिटेड प्रमोटर्स) के उदाहरण का हवाला देते हुए, अभियोजकों ने कहा कि वह भी अपने अच्छे खासे कारोबार को  छोड़ कर विदेश भाग गए.

ईडी के वकील सामवेद वर्मा ने इस तथ्य पर जोर दिया कि जांच एक महत्वपूर्ण चरण में है और निकाय “RG” के अर्थ को क्रैक करने के लिए काम कर रहा है जिसका उल्लेख सुषेन की डायरी में किया गया है.

ईडी ने यह भी आरोप लगाया कि गुप्ता ने गवाह के साथ छेड़छाड़ की और मामले में महत्वपूर्ण सबूत नष्ट करने की कोशिश की है. दूसरी ओर, गुप्ता ने इस आधार पर गुहार लगाई कि जांच पहले ही पूरी हो चुकी है और उसने सहयोग करते हुए जब जब उन्हें तलब किया गया वो उपस्थित हुए हैं.

ईडी अधिकारियों के अनुसार, गुप्ता की भूमिका राजीव सक्सेना द्वारा किए गए खुलासे के आधार पर सामने आई. सक्सेना ने यूएई से निकाले जाने और यहां एजेंसी द्वारा गिरफ्तार किए जाने के बाद मामले में अपना पक्ष रखा.

 

 

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