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अगर आप अपना नाम मतदाता सूची से नहीं हटने देना चाहते हैं तो क्या करें ?

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Image Credits: India Tv News/Business World/Indian Express

April 18, 2019

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11 अप्रैल से 19 मई, 2019 तक भारतीय आम चुनाव चल रहे हैं लेकिन चुनाव आयोग के हाथों में एक नई समस्या है..

आश्चर्यजनक बात ये है कि कई मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से कट गये हैं. 11 अप्रैल को पहले चरण के मतदान के बाद सोशल मीडिया पर सार्वजनिक रूप से नाराजगी जाहिर की गई क्यूंकि लोग अपने मतदान करने का अवसर खो चुके हैं. ऐसे लोगों में मारुति सुजुकी की चेयरपर्सन आरसी भार्गव शामिल हैं जिन्होंने नोएडा में मतदान की कोशिश की. अपोलो हॉस्पिटल्स की कार्यकारी वाइस चेयरपर्सन शोभना कामिनेनी हैं जो तेलंगाना सिर्फ वोट डालने गयीं थी. यामिनी मजाज़दार (प्रसिद्ध उद्यमी किरण मजूमदार की माँ) भी उन निराश मतदाताओं में शामिल हैं.

आप इस चुनावी मौसम में अपना वोट डालने जाते हैं. आइये समझते हैं कि मतदाता सूची तैयार करने के पीछे क्या क्या होता है और आप अपना नाम कटने से कैसे बच सकते हैं.

 

चरण 1: मतदाता सूची में अपने नाम की जाँच करें

जारी चुनावों में मतदान करने के लिये यह आवश्यक है कि आपका नाम मतदाता सूची में होना चाहिये. यदि आपका नाम सूची में है और आपके पास मतदाता पहचान पत्र नहीं है तो कोई भी एक अन्य पहचान पत्र (जैसे आधार या PAN कार्ड ) जिस पर आपका फोटो लगा हो, ले जाकर आप अपने अधिकार का प्रयोग कर सकते हैं.

 

कैसे पता करें कि आपका नाम सूची में है या नहीं ?

 

  1.     Play Store से (Android और Apple डिवाइस) पर मतदाता हेल्पलाइन ऐप.

ऐसा करने के कई तरीके हैं लेकिन कन्नूर के जिलाधिकारी मीर मोहम्मद अली, के अनुसार सबसे आसान तरीका है ‘वोटर हेल्पलाइन एप’. भारत निर्वाचन आयोग का यह ऐप लोकसभा चुनाव के बारे में मतदाता सूची से लेकर उम्मीदवार के विवरण तक सभी आवश्यक जानकारी पूरी तरह से देता है.

 

  1.     वेबसाइट पर पर पता करना.

राष्ट्रीय मतदाता सेवा पोर्टल (NVSP) पर ऑनलाइन जायें और अपने Electoral Photo ID Card (EPIC) नंबर को ढूंढे जो मतदाता पहचान पत्र पर लिखा होता है.

 

यदि आपके पास EPIC नंबर नहीं है

आप अपने नाम, लिंग, आयु, विधानसभा क्षेत्र आदि किसी भी विवरण से NVSP पेज पर अपने बारे में खोज सकते हैं.

यदि सूची में आपके नाम का कोई रिकॉर्ड नहीं है, तो आपको भारत के निर्वाचन आयोग के फॉर्म 6 को एक नये मतदाता के रूप में भरना होगा. यह NSVP पेज पर ऑनलाइन या ऑफलाइन किया जा सकता है. फिर अपने नजदीकी इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिस में अपने उम्र और सही पता की पहचान के साथ फॉर्म 6 जमा कर सकते हैं.

 

यदि आप इंटरनेट नहीं की पहुंच नहीं है

अन्य ऑफ़लाइन विकल्प भी मौजूद हैं-

 

  1.     बूथ स्तर के अधिकारी (BLO) से संपर्क:-

मीर मोहम्मद अली बताते हैं “प्रत्येक BLO को औसतन 1000 मतदाता दिये जाते हैं और वे मतदाताओं के घरों में यह देखने के लिये जाते हैं कि क्या कोई नया मतदाता है या कोई मृतक मतदाता है और जो पहले से ही सूची में है.  ज्यादातर मामलों में BLO पाते हैं कि मतदाता अपने पंजीकृत पते पर नहीं रहता हैं.”

यदि आप BLO से नहीं मिल पते हैं तो आप अपने निकटतम निर्वाचन पंजीकरण कार्यालय में स्वयं जाकर पूछताछ कर सकते हैं कि आपका नाम मतदाता सूची में है या नहीं.

 

  1.     तहसीलदार से संपर्क:-

यहां तक ​​कि आपका नाम मतदाता सूची में है या नहीं, इसकी जांच करने के लिये अपने जिले के तहसीलदारों / तालुकदारों से संपर्क कर सकते हैं.

 

चरण 2: यदि आपका नाम गायब है

यदि आपका नाम मतदाता सूची से गायब है तो आपको एक फार्म 6 भरना होगा और एक नये मतदाता के रूप में पंजीकरण कराना होगा

हालाँकि फार्म 6 के कई रूप हैं जो गलत हो सकते  हैं, यहाँ कउच्च फार्म की सूची और उनके उपयोग हैं:-

हालांकि, यह ध्यान रखना आवश्यक है कि चरण 1 – 4 के लिये, इन फॉर्मों को भरने के लिए अंतिम दिन नजदीक है. लेकिन यदि आपके यहाँ चरण 5, 6 या 7 में मतदान है तो आपके पास अभी भी अपना नाम जाँचने और अपने लोकतांत्रिक विशेषाधिकार का उपयोग करने के लिये समय है.

फॉर्म भरने की अंतिम तारीखें इस प्रकार हैं:-

 

मतदाता सूची में नाम कब हटाया या जोड़ा जाता है

 

  1.     नए मतदाता और मृतक मतदाता:

मतदाताओं की सूची में नये नाम जोड़े जाते हैं क्योंकि मतदाता अपना वोट डालने के लिए पंजीकृत करते हैं और यदि मौजूदा मतदाता की मृत्यु हो जाती है तो उन्हें हटा दिया जाता है. मतदाताओं में पहली बार के मतदाता और मौजूदा मतदाता शामिल हैं जिन्होंने एक निर्वाचन क्षेत्र में पंजीकरण कराया है.

 

  1.     पता बदलने पर किसी दूसरे निर्वाचन क्षेत्र में जाना:

जब आप अपना निर्वाचन क्षेत्र बदलते हैं तो आपका नाम पिछले निर्वाचन क्षेत्र की मतदाता सूची से हटा दिया जाता है. ऐसी स्थिति में मतदाता सूची में शामिल किये जाने के लिये एक बार फिर से फॉर्म 6 भरें और इसे अपने नये निर्वाचन क्षेत्र के निर्वाचन पंजीकरण कार्यालय में आयु और पते के प्रमाण के साथ जमा करे. इस तरह आप अपने निकटतम निर्वाचन क्षेत्र से मतदान करने के पात्र होंगे.

 

  1.     निर्वाचन क्षेत्र के भीतर किसी दूसरी जगह जाना:

यदि आप एक ही निर्वाचन क्षेत्र के भीतर स्थानांतरित होते हैं और अब पंजीकृत पते पर नहीं रह रहे हैं तो बूथ-स्तर के डोर-टू-डोर सर्वेक्षक आपके पुराने पते पर आपको न पाकर सूची से बाहर कर सकते हैं.  मतदाता सूची से बाहर होने से बचने के लिये फॉर्म 8 A भरें और इसे अपने नजदीकी निर्वाचक पंजीकरण कार्यालय में जमा करें.

 

मतदाता सूची को में नया पता या नाम चढ़वाना क्यों आवश्यक है?

अनुपस्थित मतदाताओं की ओर से फर्जी मतदान को रोकने के लिये ऐसा किया जान आवश्यक है. जिन्होंने या तो देश में कहीं और मतदान करने के लिए पंजीकरण किया है या अपने पंजीकृत पते से कहीं और चले गये हैं उनके लिये ये प्रक्रिया जरुरी है.

चुनाव आयोग को मतदाता सूची से उनके नाम हटाने की आवश्यकता होती है. यदि मृतक का नाम मतदाता सूची से बाहर नहीं किया जाता हैं तो वे वोट नहीं दे सकते है लेकिन उनकी जगह कोई और वोट दे सकता है जो स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया के लिये हानिकारक है.

 

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