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पहले राउंड में हारने के बाद, बजरंग पुनिया ने 2019 एशियाई कुश्ती चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीता

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Image Credits: Times Of India

April 24, 2019

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भारत के बजरंग पूनिया ने चीन में जारी एशियाई कुश्ती चैम्पियनशिप 2019 में 65 किग्रा भार वर्ग में स्वर्ण पदक जीता। एशियाई खेल और राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाले बजरंग पूनिया ने फाइनल में कजाकिस्तान के पहलवान सायातबेक ओकासोव को 12-7 से हराया.

कजाख के पहलवान ने बजरंग को दबाव में लाने के लिए एक मजबूत शुरुआत की, लेकिन दूसरे दौर में बजरंग ने ऐसा कुछ भी नहीं होने दिया और 12-7 से जीत दर्ज की. 2017 में एक स्वर्ण, 2014 में रजत और 2013 और 2018 में कांस्य के बाद यह बजरंग का पाँचवाँ पदक है.

पुनिया, जिन्होंने पिछले साल विश्व चैंपियनशिप में रजत पदक जीता था, सेमीफाइनल में, उन्होंने उज्बेकिस्तान के सिरोजिद्दीन खसानोव पर 12-1 तकनीकी श्रेष्ठता की जीत दर्ज करने से पहले केवल एक पॉइंट दिया.

बजजरंग ने पदक अपने देशवासियों को समर्पित किया, “मैं नई तकनीकों को अपनाने के लिए प्रशिक्षण ले रहा हूं; मुझे खुशी है कि मैं उन पर अमल कर सका और मैं बहुत खुश हूं कि मैं यहां मैच और स्वर्ण पदक जीत सका.”

एशियाई खेलों के स्वर्ण पदक विजेता ने आगे कहा, “काम करने के लिए बहुत कुछ है और मेरा ध्यान विश्व चैम्पियनशिप के लिए तैयार करना है, जो एक ओलंपिक क्वालीफायर भी है.”

 

बजरंग के गुरु योगेश्वर दत्त ने भी उन्हें ट्विटर पर बधाई दी

 

इससे पहले दिन में, उन्होंने पूर्व विश्व जूनियर चैंपियन पेमैन बियाबानी और श्रीलंका के चार्ल्स फर्न को हराया.

परवीन राणा (79 किग्रा) हालांकि, भारत के लिए दोहरी खुशी नहीं बना सके क्योंकि वह फाइनल में ईरान की तेमौरी बहमन से 0-3 से हार गए और उन्हें रजत पदक से संतोष करना पड़ा.

उन्होंने कहा, ‘मैं खुश हूं कि मैं अपने पदक का रंग बदल सका. प्रवीण ने कहा कि काफी महत्वपूर्ण टूर्नामेंट आ रहे हैं और यह जीत मुझे और प्रेरित करेगी क्योंकि मेरा लक्ष्य इस साल के अंत में विश्व चैंपियनशिप के लिए बर्थ जीतना और ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करना है.

राणा, जिनके पास 2012 एशियाई चैंपियनशिप में कांस्य भी है, ने सेमीफाइनल में अपनी मजबूत डिफेन्स से कजाखस्तान के गैलिमजान उस्सेरबायेव को 3-2 से हराया.

दिल्ली के इस पहलवान ने अपने अभियान की शुरुआत दिन में जापान के युता अबे और मंगोलिया के टग्स एर्डीन डेन्जेन्श्राव पर जीत के साथ की थी.

97 किग्रा में, सत्यव्रत कादियान ने कांस्य पदक के प्ले ऑफ में अपने तीसरे एशियाई चैंपियनशिप पदक को पक्का करने के लिए चीन के हाओबिन गाओ को 8-2 से हरा दिया. 25 वर्षीय, 2014 के राष्ट्रमंडल खेलों के रजत पदक विजेता, ने अपने क्वार्टर-फ़ाइनल विजेता, बैतज़ुल उलज़िइशान के फाइनल में पहुंचने के बाद कांस्य पदक के मुकाबले में जगह बनाई.

यह 57 किग्रा वर्ग में रवि कुमार को सफलत नहीं मिली. अंडर -23 कुश्ती विश्व चैंपियनशिप में रजत पदक विजेता के पास 2017 की विश्व और एशियाई चैंपियन युकी ताकाहाशी को परेशान करने का एक बड़ा मौका था, जिसे वो जीत में तब्दील नहीं कर सके.

रिपीचेज में ताइपे के चिया त्सो लियू को 4-0 से हराकर रवि ने कांस्य पदक के प्ले ऑफ में जगह बनाई थी, रजनीश (70 किग्रा) एकमात्र भारतीय थे जो चैंपियनशिप के पहले दिन ही बना किसी पदक के बाहर हो गए.

दूसरे दिन, राहुल अवारे (61 किग्रा), अमित धनखड़ (74 किग्रा), दीपक पुनिया (86 किग्रा), विक्की (92 किग्रा), और सुमित (125 किग्रा) अपनी किस्मत और योग्यता आज़मायेंगे.

छह दिवसीय एशियाई कुश्ती चैंपियनशिप 28 अप्रैल तक जारी रहेगी. भारत ने 30 सदस्यीय दल भेजा है और पिछले साल से  8 पदक के बजाय ज़्यादा पदक जीतने की उम्मीद करेंगे.

 

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