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घरों में काम करने वाली मुंबई की महिला बनीं स्टैंड अप कॉमेडियन – नौकरानियों को हो रही समस्याओं के बारे में बताती हैं

तर्कसंगत

May 9, 2019

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“करियर जीवन में कभी भी बदल सकता है. हमें उनकी प्रतिभा का कोई अंदाजा नहीं था लेकिन अब जब मैं उन्हें मंच पर परफॉर्म करते हुए देखती हूं तो मुझे उस पर गर्व महसूस होता है.” स्टैंड अप कॉमेडियन दीपिका महात्रे,जो कभी घरों में काम किया करती थी, की बेटी ने बताया.

 

ट्रेन में गहने बेचना

कुछ समय पहले, 44 वर्षीय दीपिका अपने दिन की शुरुआत अलग तरीके से करती थी. वह सुबह 4 बजे उठती और 4:30 बजे नालासोपारा स्टेशन से चर्चगेट के लिए एक लोकल ट्रेन पकड़ती थी. ट्रेन मिलते ही उनकी रोज़ की नौकरी शुरू हो जाती. वह ट्रेन में नकली आभूषण बेचने के लिए अपना बड़ा बैग खोलती और उन्हें बेचती थीं.

“मैं गाड़ियों के एक डिब्बे से दूसरे डिब्बे में जाती थी और सुबह 7 बजे तक मैं अपना सुबह का कारोबार खत्म कर देती थी जिसके बाद ट्रेन से मलाड चली जाती थी” तीन बेटियों की मां ने तर्कसंगत से बताया.

वे बताती हैं कि ट्रेन में आभूषण बेचने से उन्हें प्रतिदिन केवल 300-400 रुपये ही मिलते थे और कभी-कभी तो इतना भी नहीं. यही कारण है कि उसे अपने पांच लोगों के परिवार के लिए अन्य नौकरियों का सहारा भी लेना पड़ता था.

 

लोगो के घरों में काम करती थी

रोज सुबह 7:30 बजे तक वह मलाड के संगीता विहार कॉलोनी में पहुंच जाती थी जहां वह पांच अलग-अलग घरों में रसोइए के रूप में काम करती थीं. दीपिका का दिन यहीं समाप्त नहीं होता. दूसरे लोगों के घर में खाना बनाने के बाद, अपने घर का काम करने के लिए उन्हें लगभग 2 – 2: 30 बजे तक अपने घर वापस आना होता है.

 

 

“मुझे अपने पति का भी ख्याल रखना होता है. वह पिछले कई सालों से ठीक नहीं है क्योंकि वह अस्थमा के मरीज हैं. वह काम किया करते थे लेकिन हमारी शादी के कुछ साल बाद ही वह अक्सर बीमार पड़ने लगे. इसलिए मैंने अपने परिवार को खिलाने और उन्हें कुछ आराम देने का फैसला किया.”

यह सब उसकी दिनचर्या थी जब तक कि उन्हें एक स्टैंड-अप कॉमेडियन के रूप में शो करने के लिए प्रस्ताव मिलना शुरू नहीं हुआ. एक कॉमेडियन के रूप में उनकी यात्रा एक साल पहले शुरू हुई जब उनकी एक “मैडम” ने कॉलोनी में एक प्रतिभा शो का आयोजन किया और समारोह में प्रदर्शन करने के लिए उनके साथ सहित अन्य नौकरानियों को बोला गया.

 

टैलेंट शो

कुछ ने नृत्य और गायन के लिए चुना जबकि उन्होंने दर्शकों के सामने पेश करने के लिए कुछ चुटकुले तैयार किए. उन्होंने बताया कि दर्शकों में एक पत्रकार ने उनको पसंद किया और उन्हें कॉमेडियन अदिति मित्तल से मिलवाया.

“कुछ दिनों के बाद, मैं अपने मैडम के घर पर अदिति मित्तल से मिली जिन्होंने मुझे प्रदर्शन करने के लिए कहा और मैं आसानी से सहमत हो गई. पहली बार जब मैं मंच पर गई तो घबरा गई लेकिन साथ ही विश्वास से भी भरी हुई थी.”

उन्हें अपना पहला शो पेश किये हुए अब एक साल से ज्यादा समय हो गया है. 44 वर्षीय दीपिका ने अब तक मुंबई और उसके आसपास कई स्टैंड-अप शो में प्रदर्शन किया है.

 

 

उन्होंने बताया “मैं हर शो के बाद बहुत अच्छा महसूस करती हूं. बहुत से लोग आते हैं और मुझे गले लगाते हैं. वे मेरे चुटकुलों की सराहना भी करते हैं. मेरे शो में, जब मैं इस बात पर चुटकुले किये कि कैसे लोग अपनी नौकरानियों के साथ भेदभाव करते हैं तो लोगो ने इस मुद्दे की गंभीरता को समझा. वास्तव में, कुछ ने अपनी नौकरानियों के साथ ऐसा करने के लिए माफी तक मांगी.”

 

उनकी चिंताएँ बड़ी हैं

हालांकि, स्टैंड-अप करने के बाद भी दीपिका चिंतित हैं. वह बताती हैं “मुझे इनमें से किसी भी शो के लिए पैसे नहीं मिलते हैं. क्योंकि यह मेरे स्टैंड-अप की शुरुआत है लेकिन यह बहुत मुश्किल हो रहा है क्योंकि मेरी कमाई का कोई अन्य स्रोत नहीं है. मैं इसे अपना नया करियर बनाना चाहती हूं क्योंकि यह पहला मौका है जब लोगों ने मुझे मेरी प्रतिभा के लिए पहचाना है लेकिन आर्थिक रूप से यह चुनौती से भरा हुआ है.”

वह बताती हैं कि अगर उन्हें अभिनय के लिए कुछ भूमिका मिले तो वह जरूर करना चाहेंगीं. जब हमने उससे पूछा कि उसकी नई यात्रा के बारे में उनके परिवार का रवैया कैसा रहा, तो वह बताती हैं “मेरा परिवार मुझे अपने चुटकुलों के लिए विचार देता है वे बहुत सहायता करते हैं.”

दीपिका अपने एक नए स्केच की तैयारी कर रही हैं. वह विमुद्रीकरण (Demonitisatin) के बारे में बात करना चाहती हैं. वे बताती हैं “जब विमुद्रीकरण (Demonitisation) हुआ तो हम नौकरानियों को बहुत सारी समस्याओं का सामना करना पड़ा और हम अभी भी इसका सामना कर रहे हैं.” वह एक और स्केच पर भी काम कर रही है जो उन समस्याओं के बारे में बताएगा जो महिलाओं को उनके पति के कारण होती हैं.

दीपिका अब सोशल मीडिया पर बहुत सक्रिय हैं. वह बताती हैं “पहले मुझे कोई भी नहीं जानता था लेकिन अब ना सिर्फ मेरे इलाके के लोग बल्कि कई दूसरे राज्यों और देशों के लोग मुझसे बात करते हैं.”

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