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‘बिन दुल्हन शादी’: लर्निंग डिसेबिलिटी से जूझ रहे,परिवार ने करवाई अनोखी शादी

तर्कसंगत

Image Credits: Ahmedabad Mirror

May 17, 2019

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27 वर्षीय अजय बारोट ने अपनी भव्य शादी के दौरान एक-एक खूबसूरत लम्हा जिया.10 मई को उत्तर गुजरात के हिम्मतनगर शहर के पास चंपलानार गाँव में एक अनोखी शादी का आयोजन किया गया ,जिसमें लर्निंग डिसेबिलिटी से ग्रसित अजय की बचपन की शादी करने की इच्छा उन्के परिवार वालों ने पूरी की.

शादी में किसी भी भारतीय शादी समारोह से जुड़े सभी तत्व थे – संगीत, मस्ती और आनंद केवल दुल्हन नहीं थी. शादी के लिए सभी गुजराती रस्मों और परंपराओं का पालन किया गया.



“खुश हूँ कि मैंने अपने बेटे के सपने को पूरा किया”

अजय के जीवन की शुरुआत में ही पाया गया की वह लर्निंग डिसेबिलिटी से जूझ रहे थे.उन्होंने अपनी माँ को भी बहुत ही छोटी उम्र में खो दिया और अपनी विकलांगता के कारण, उन्हें कभी औपचारिक शिक्षा नहीं मिली.

बरोट को विवाह की चमक धमक काफी पसंद थी. “वह अन्य लोगों की शादी की बारात का हमेशा ही आनंद लेते थे और वह उनकी खुद की शादी के बारे में पूछते थे. हम उनके प्रश्न का उत्तर देने में असमर्थ रहते क्योंकि उनके लिए उनका जोड़ खोजना संभव नहीं था. इस प्रकार, अपने परिवार के सभी सदस्यों से बात करने के बाद, मैंने तय किया कि उसके लिए शादी की बारात का इंतजाम किया जाए ताकि उसे लगे कि उसकी शादी हो रही है और उसका बचपन का सपना पूरा हो रहा है,” अजय के पिता विष्णु बारोट ने कहा. विष्णु बारोट गुजरात राज्य सड़क परिवहन निगम के साथ एक कंडक्टर के रूप में काम करते है. उनकी अल्प आय को ध्यान में रखते हुए, पूरा बरोट परिवार एक साथ आया और शादी के लिए 2 लाख से अधिक खर्च किए, जिसकी वजह से अजय के चेहरे पर एक बड़ी मुस्कान थी, जिसकी कीमत करोड़ों की थी. अजय के पिता ने कहा कि वह वास्तव में खुश हैं कि वह अपने बेटे की इच्छा को पूरा कर सके.

शादी का आयोजन गुजराती परंपरा के अनुसार किया गया, जिसमें 800 मेहमानों को निमंत्रण भेजा गया था.इसमें मेहंदी, हल्दी समारोह और गरबा जैसे कार्यक्रम भी मौजूद थे. अजय ने गुलाबी रंग की पगड़ी के साथ खूबसूरत बेज रंग की शेरवानी पहनी थी.“एक दुल्हन को छोड़कर, वहाँ सब कुछ था. नृत्य और गरबा कार्यक्रम, बढ़िया कपड़े, फोटोग्राफर और एक उचित शादी से जुड़े सभी लोग.हमने 800 लोगों को शादी के कार्ड बांटे और एक भव्य दावत का आयोजन किया, ”अजय के चाचा कमलेश बारोट ने कहा.

तर्कसंगत अजय के चेहरे पर मुस्कान लाने के लिए अजय के परिवार की हरसंभव कोशिशों की सराहना करता.

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