पर्यावरण

रिसर्च : दफ्तर का ठण्डा तापमान पहुंचा रहा महिलाओं की कॉग्निटिव क्षमता को नुक्सान.

तर्कसंगत

May 28, 2019

SHARES

एक अध्ययन के अनुसार कमरे के तापमान का असर आपकी उतपादक्ता से सीधा संबंध है और इसका कॉगनिटिव (संज्ञानात्मक) क्षमता पर भी खासा असर पड़ता है.

पाया गया की पुरुषों और महिलाओं में कॉग्निशन को असर करने वाले क्षेत्र अलग-अलग हैं. किए गए सर्वे में भी पाया गया की महिलाएँ अक्सर अंदर के वातावरण गर्म ही पसंद करती हैं. इस अध्ययन का मकसद तापमान का कॉग्निटिव स्किल पर असर जानना था और इसी कोशिश में पाया गया की महिलाओं को सर्द वातावरण से ज़्यादा नुक्सान होते हैं.

इस अध्ययन के लिये 543 कॉलेज छात्रों पर जाँच हुई जिसमे हर छात्र को गणित के, कुछ तार्किक और लेटर स्क्रैबलस के प्रश्न सुलझाने के लिये दिए गए. जिन्हे या तो ठंडे तापमान में या तो गर्म तापमान में सुलझाना था कमरे का तापमान 16 से 32 डिग्री रखा गया. हर सही उत्तर के लिये कैश इनाम भी दिया गया.

परिणामों में देखा जा सकता था कि अधिकतर तार्किक प्रश्नों के उत्तर स्थिर रहे. और गर्म तापमान में महिला छात्रों ने गणित और मौखिक परीक्षाओं में पुरुष छात्रों से बेहतर प्रदर्शन किया.

और सही जवाबों के अंतर की मात्रा भी हैरान कर देने वाली थी, जिसमे हर 1 डिग्री बढा देने पर महिलाओं के सही उत्तरों में 2 प्रतिशत का उछाल देखा गया. वहीं पुरुषों में इसके उलट तापमान बढा देने पर सही उत्तरों में गिरावट पाई गई.

अध्ययनकर्ताओं ने बताया “अच्छा प्रदर्शन अच्छे प्रयासों से सीधे तौर पर संबंधित हैं.” और गर्म तापमान में महिलाओं का प्रदर्शन पुरुषों से कहीं अधिक बेहतर रहा. यह दर्शाता है कि महिलाएँ ठंडे वातावरण में पुरुषों से ज़्यादा संवेदनशील होती है ठीक वैसे ही जैसे पुरुष गर्म वातावरण में होते हैं.

अगर नियुक्त करने वाले उत्पादकता बढ़ाना चाहते हैं तो उन्हे काम की जगहों के तापमान का ध्यान रखना चाहिये.साथ ही यह नहीं भूलना चाहिये यह अध्ययन अपने आप में पहला है.इसके द्वारा आए गए परिणामों पर दोबारा जाँच की जायेगी और आगे और भी परिणाम आएँगे.आगे सैम्पल साइज़ और भी बड़ा होगा और यह प्रयोग वाकई के दफ्तरों में भी किए जाएंगे.

इससे पूर्व किए गए अध्ययन के परिणाम कुछ मिले जले भी थे और नए अध्ययन इन्ही में एक प्रगति कार्य है.

“इस अध्ययन का कारण थर्मोस्टैटिक की पैरवी करना है और इसका मकसद सिर्फ आराम नही है बल्कि संज्ञानात्मकता प्रदर्शन बढ़ाना है,साथ ही उत्पादकता भी.”-अध्य्यनकर्ताओं ने कहा.

 

अपने विचारों को साझा करें

संबंधित लेख

लोड हो रहा है...