पर्यावरण

चूरू, राजस्थान में तापमान 50 डिग्री सेल्सियस से ऊपर ; दुनिया के शीर्ष 15 सबसे गर्म स्थानों में ग्यारह भारतीय शहर

तर्कसंगत

Image Credits: NDTV/Top 10 Tamilnews

June 6, 2019

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एल डोरैडो वेदर वेबसाइट पर जारी सूची के अनुसार, राजस्थान के चुरू शहर में पारा सोमवार (3 मई, 2019) को 50.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. भारत के उत्तरी और मध्य भागों के ग्यारह भारतीय शहर दुनिया के 15 सबसे गर्म स्थानों की सूची में थे.

अन्य शहरों में भी अधिक तापमान देखा गया, जिसमें राजस्थान में गंगानगर, फलोदी, बीकानेर, कोटा एयरोड्रम, पिलानी, बाड़मेर, सवाई माधोपुर और जैसलमेर शामिल हैं; मध्य प्रदेश में नौगॉन्ग; हरियाणा में नारनौल. सूची में दर्ज सभी शहरों में तापमान 47.2 डिग्री सेल्सियस के बराबर या उससे अधिक दर्ज किया गया.

 

देश भर में बढ़ता तापमान

जबकि भारत के कई अन्य शहरों ने रविवार (2 मई, 2019) को 45 डिग्री सेल्सियस के निशान को पीछे छोड़ दिया, हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले में तापमान 44.9 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया. पुणे, जिसे एक हिल स्टेशन माना जाता है, में तापमान 27 मई को 43 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था.

तमिलनाडु, पुदुचेरी, केरल, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में दक्षिण भारत के कई हिस्सों में रविवार को 44 डिग्री सेल्सियस के स्तर पर गिरावट दर्ज की गई.

राष्ट्रीय राजधानी में रविवार को तापमान के 46 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने के बाद रेड अलर्ट जारी किया गया. लोगों को दिन के सबसे गर्म घंटों के दौरान बाहर जाने से बचने की हिदायत दी गई.

राजस्थान में, हीटस्ट्रोक से कई मौतें दर्ज की गईं. रविवार को सीकर जिले में हीटस्ट्रोक से एक किसान की मौत हो गई, जबकि राजस्थान के जालोर और जोधपुर में दो लोग डूब गए.

 

तापमान में चिंताजनक वृद्धि

पिछले वर्ष जारी किए गए भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के आंकड़ों के अनुसार, पिछले एक दशक में तापमान में खतरनाक वृद्धि हुई है.

हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, 1901 से लेकर अब तक के समय में पिछला दशक सबसे गर्म रहा है. “2008 से 2017 तक का दशक भारत के लिए रिकॉर्ड गर्म दशक रहा है,” आईएमडी के जलवायु निगरानी और विश्लेषण प्रभाग के वरिष्ठ वैज्ञानिक अरविंद श्रीवास्तव ने कहा.

 

हालात सुधरते नहीं दिख रहे

भारत मौसम विभाग के अनुसार, भारत के उत्तरी और मध्य भाग में, विशेषकर राजस्थान में, गर्मी की गंभीर स्थिति अगले कुछ दिनों तक बनी रहेगी. भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान गांधीनगर के विशेषज्ञों ने पहले ही चेतावनी दी है कि इस साल देश के 40 प्रतिशत से अधिक भाग सूखे का सामना कर सकते हैं.

एक निजी मौसम भविष्यवक्ता स्काईमेट के अनुसार इस स्थिति को बदत्तर बनाते हुए, दक्षिण एशिया में आने वाला वार्षिक मानसून देरी के साथ 6 जून को भारत के दक्षिणी क्षेत्र में पहुंचेगा. इसके अलावा, भारत में इस साल औसत से कम बारिश होगी.

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