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लुधियाना: सैनिकों के हौसले को बच्चों के सलाम का नाम है ‘स्कूल से सरहद तक’

तर्कसंगत

June 7, 2019

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किसी भी देश की सुरक्षा उस देश की सम्प्रभुता और समग्र विकास के लिया काफी ज़रूरी पहलु है. देश अपनी सुरक्षा व्यवस्था को कभी भी नज़रअंदाज़ नहीं कर सकता. मौजूदा हालात में हमें इस बात का एहसास कराया है है कि हम नागरिको की चैन की नींद सरहद पर खड़े सिपाहियों की जागती रातों के बदौलत ही मुमकिन है. उनके त्याग,  बलिदान की बात हम हर सैनिक दिवस, सफल आर्मी ऑपरेशन्स, गणतंत्र और स्वतंत्रता दिवस पर करते हैं, मगर हम में से कितन लोग हैं जिन्होंने सैनिको के प्रति कृतज्ञ होने की सोच और उसकी जागरूकता को अपने काम के ज़रिये बढ़ाव दिया हो.

लुधियाना के चीफ इनकम टैक्स कमिश्नर श्री बी के झा उन लोगों में से एक हैं. जो बॉर्डर के नज़दीक रहते हुए अपनी सैनिकों की महत्वता को काफी नज़दीक से देखा और महसूस किया है. अपनी रोज़मर्रा की कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए उन्होनें इस बात कभी ध्यान रखा है कि हमारी आने वाली पीढ़ी सैनिकों के बलिदान को महज़ उनका काम या कर्तव्य समझ कर भूले नहीं बल्कि मानवीय तौर पर वह उनसे जुड़ी रहे और समय समय पर उनके प्रति अपनी कृतज्ञता को भी प्रकट कर हमारे सैनिकों को यह एहसास दिलाये कि हमें उनके बलिदान की कीमत मालूम है और हम उनके आभारी है.

 

 

स्कूल से सरहद तक

उनकी इस सोच का नतीजा है ‘स्कूल से सरहद तक’. यह एक अभियान है जिसमें उन्होनें हमारे देश के सारे सिक्योरिटी फोर्सेज को यह बताने की कोशिश की है कि हम भले ही उनसे दूर हो उनके नाम उनके ओहदे से वाकिफ नहीं हैं मगर हमें फिर भी उनका ख्याल है और हम उनके इस त्याग के लिए आभारी है.

15 अगस्त 2018 से उन्होनें स्कूल से सरहद तक की शुरुरात की थी, जिसके अंतर्गत उन्होनें सियाचिन, लेह, लद्दाख, कश्मीर, सीआईएसएफ, बीएसएफ, आईटीबीपी, आदि के सैनिकों को बच्चों द्वारा बनाये गए थैंक यू कार्ड पहुंचवाये हैं.

 

 

बच्चों ने भी उनकी इस पहल को काफी गर्मजोशी से अपनाया है और बढ़ चढ़ कर उनकी इस पहल में मदद की है. तर्कसंगत से बात करते हुए बी के झा ने बताया कि गत 15 अगस्त 2018 और दीपावली के लिए उन्होनें विभिन्न स्कूल के बच्चों को सैनिकों के लिए थैंक यू कार्ड बनाने को कहा था, और बच्चों ने भी उहे निराश न करते हुए 47,000 कार्ड्स दिए जिसे उन्होनें जवानों तक पहुंचवाया..

 

 

बी के झा आगे बताते हैं कि इस साल 26 जनवरी 2019  से पहले पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू कश्मीर और चंडीगढ़ के स्कूल और कॉलेज के विद्यार्थियों ने 2,25,000 से अधिक कार्ड बनाए जो सुदूर सरहदों पर और कश्मीर घाटी में तैनात जवानों तक पहुँचाये गए. आर्मी हेडक्वार्टर, और वरिष्ठ फ़ील्ड कमांडरों से बच्चों के लिए भावपूर्ण धन्यवाद, और संदेश आया कि जो कार्ड उन्होनें सैनिकों को भिजवाए थे, वह सैनिकों ने काफी ज़्यादा पसंद किये कुछ सैनिक तो जब बर्फ़ानी सरहद पर गश्त पर निकलते हैं तो वह अपनी जेब में बच्चों द्वारा लिखी गयी चिट्ठी और कार्ड ले कर जाते हैं और कहते है कि गश्त के वक़्त घर परिवार से दूर हो कर जब वह इन चिट्ठियों को पढ़ते हैं तो उन्हें लगता है कि इस देश का कोई बच्चा कही पर है जो उन्हें याद करता है हमारे बारे में सोचता है, और यह सोच उन सैनिकों के लिए के स्फूर्ति का काम करती है.

बच्चों के लिए भी ये संदेश उनके अंतर्मन में देशप्रेम का दीपक प्रज्वलित कर उन्हें भविष्य के ज़िम्मेदार नागरिक बनने की प्रेरणा देती है.

इसके बाद उन्होनें कार्ड और चिट्ठियों की दूसरी खेप भी टेरिटोरीयल आर्मी हेड्क्वॉर्टर्ज़ दिल्ली भिजवाई, जो सैनिकों को बहुत पसंद आई. इससे भी जुड़ी एक दिलचस्प बात यह कि जनवरी 2019 के समय बर्फ़बारी के कारण पहाड़ों पर यातायात सेवा बाधित होने कारण कार्ड सैनिकों तक नहीं पहुँच पाए थे, मगर आर्मी के अफसरों ने कार्ड को हेलिकाप्टर से एयरलिफ्ट कर बच्चों के सन्देश को सैनिकों तक पहुंचवाया. यह घटना आपने आप में इस बात की गवाह है कि बच्चों द्वारा भेजी गयी चिठ्ठी और कार्ड सैनिकों के मानसिकता पर कितना सकरात्मक प्रभाव करती हैं.

 

 

इस घटना से प्रेरित होकर बी झा ने यह प्रण किया कि इस बार 15 अगस्त 2019 के लिए पूरे उत्तर पश्चिम के विभिन्न स्कूलों से संपर्क कर  उन्हें अपनी गर्मी की छुट्टियों में बच्चों को एक छोटा असाइनमेंट देते हुए उन्हें छुट्टियों में सैनिकों के लिए कार्ड बनाने को कहेंगे. कम से कम 20 लाख कार्ड स्वतंत्रता दिवस 2019 पर पूरे देश में, हमारे सैनिकों और अन्य सशस्त्र बलों तक पहुंचवायेंगे. वो और उनकी आयकर-टीम जिसमें उत्तर पश्चिम क्षेत्र के वॉलुंटीर अधिकारी और कर्मचारी शामिल हैं, इस लक्ष्य को प्राप्त करने में दिन रात प्रयासरत है, और टीचरों द्वारा प्रेरित हज़ारों बच्चे कार्ड बनाने में जुट गए हैं.

एक और दिलचस्प घटना का ज़िक्र करते हुए बी के झा बताते हैं कि वाघा बॉर्डर की तरह ही फ़िरोज़पुर के पास हुसैनवाला बॉर्डर के पास की बीटिंग रिट्रीट में भाग लेने वाले सैनिकों को जब बच्चों द्वारा भेजे गए कार्ड दिए गए, उनमें से एक सैनिक ने भावपूर्ण हो कर कहा कि “आज तक लोग हमें देखने आते थे आज कोई हमसे मिलने आया है.”

 

 

स्कूल से सरहद तक की कहानी, सिर्फ यहीं तक सिमित नहीं है, वी के झा जी ने हमें इसके एक और दूसरे प्रोग्राम ‘वीर नारी’ के बारे में भी बताया ” हमनें न केवल स्कूल बल्कि कॉलेज के छात्र- छात्राओं को भी अपने इस अभियान में शमिल किया है, यह छात्र अपनी तरफ से कार्ड तैयार करते हैं और उन्हें उन्हें हम वॉर वेटरन्स के परिवारों को खुद अपने हाथों से तोहफ़े और एक अभिनंदन/धन्यवाद पत्र के साथ भेंट करते हैं. इन वीर नारियों में चीन और पाकिस्तान युद्ध, और अन्य स्थानों पर शहीद हुए सैनिकों के घरवालों तक धन्यवाद और तोहफा पहुँचाया जाता है

 

 

“उन परिवारों को यह एहसास निरंतर दिलाया जाता है कि हमें उनके घरवालों के बलिदान का ख्याल है, देश और देशवासियों के लिए दे गयी उनकी आहुति व्यर्थ नहीं गयी है. इन परिवारों में से कुछ माताएं, बहने, 70 से 80 वर्ष की भी हैं, जो उस वक़्त में जवान रही होंगी और उन्होनें अपनों को खोया था, हमारी इस छोटी सी कोशिश से उनके आँखों में आंसू के साथ होठों पर मुस्कान भी आती है, इस तरह से हम उनका आशीर्वाद प्राप्त करते हैं जिससे हमें इस काम के लिए शक्ति मिलती है.”

 

 

तर्कसंगत श्री बी के झा की इस नायाब,अनूठे और बच्चों से सैनिकों की कड़ी को जोड़ने के इस प्रयास की सरहना करता है. हमें उम्मीद है की हमारे पाठक भी इस पहल में अपना योगदान देना चाहेंगे, और इसके उपाय के रूप में हमें बी के झा जी ने बताया कि

पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू कश्मीर और चण्डीगढ़ में स्थित स्कूल अपने शहर के इंकम टैक्स ऑफ़िस, वहाँ के अफ़सर के नाम, कार्ड्ज़ पैकेट या carton में डाल कर भेज दें. Carton पर स्कूल का नाम और पता, भेजने वाले का नाम और टेलेफ़ोन नम्बर, और कार्ड की संख्या लिख दें.
कार्ड्ज़ 19.07.2019 तक भेज दें ताकि हम उन्हें कलेक्ट कर, छाँट कर, समय पर आगे भेज सकें. आप कहीं भी हों, कार्ड्ज़ इन पतों पर भी भेजे जा सकते हैं:
1. Chandigarh: Office of Pr. CCIT, Aayakar Bhavan, Sector 17 E, Chandigarh
2. Ludhiana: Office of CCIT, Aayakar Bhavan, Rishi Nagar, Ludhiana 141001
यह ध्यान रहे कि पैकेट या carton पर लिखी सूचना की फ़ोटो लेकर टेलेफ़ोन नम्बर 7525804499 पर अवश्य Whatsapp कर दें, ताकि हम कार्ड्ज़ उन offices से collect कर सकें।
अगर कोई दिक्कत हो तो सूचना और सहायता के लिए 0161-2302550 पर सम्पर्क करें. अन्यथा, आप 7525804499 पर सिर्फ़ Whatsapp मेसिज भेजें. आपको वापस फ़ोन कर cards से सम्बंधित आपकी जिज्ञासा या समस्या का निवारण किया जाएगा।

 

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