पर्यावरण

कोल्हापुर के अक्षय एक ऑर्गेनिक स्टोर चलाते है जो किसी भी तरह का वेस्ट नहीं बनाता है

तर्कसंगत

June 28, 2019

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कोल्हापुर के अक्षय अग्रवाल एक ऐसा ऑर्गेनिक स्टोर चलाते हैं जो किसी भी तरह का अपशिष्ट यानी वेस्ट नहीं निकालता. शहरों में सड़क के किनारे कचरे के ढेर को देखना हर रोज़ का अनुभव है, कचरे की एक बड़ी मात्रा में प्लास्टिक शामिल होता है, जिसके नुकसान सभी जानते हैं इसके बाद भी हम प्रकृति के संरक्षण और अपने परिवेश का ख्याल रखने के लिए अपनी ओर से बहुत कम प्रयास करते हैं, जितना प्रकृति हमे देती है हम शायद ही उसको कुछ वापस देते हैं जो हम उससे लेते हैं.

प्लास्टिक की मजबूती की वजह से इसका उपयोग देश भर की दुकानों और सुपरमार्केट में किया जाता है हालांकि, इसका उत्कृष्ट स्थायित्व और ताकत का मतलब यह भी है कि यह पर्यावरण में टूटता नहीं है हममें से कई लोग शिकायत का सहारा लेते हैं, पर महाराष्ट्र के कोल्हापुर के रहने वाले 26 वर्षीय अक्षय अग्रवाल अच्छे वातावरण के लिए पर्यावरण को बचाना चाहते हैं.

अक्षय जो एक चार्टर्ड अकाउंटेंट हैं, ने प्रकृति को साफ रखने के लिए अपनी ओर से छोटे-छोटे काम किए ताकि लोग जागरूक हों और चॉकलेट रैपर जैसी चीजें भी सड़कों पर न फेंके. पर्यावरण के संरक्षण के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए, उन्होंने गजेन्द्र चौधरी के साथ मिलकर, एक शून्य अपशिष्ट कार्बनिक वाली जीवन शैली की दुकान श्रृंखला की सह-स्थापना की जिसका पहला अदृश्य  आउटलेट पुणे में खोला गया था.

प्रकृति और उसके साथ आने वाली शांति के प्रतीक को या दूसरे शब्दो में कहे तो अदृश्य  को “पहाड़ों का भगवान” कहते है. अक्षय कहते है की अदृश्य का उद्देश्य लोगों की भावना को विकसित करने का है ताकि लोग हरियाली और अपनी जड़ों से लगाव पैदा कर सके इसलिए, हम एक ऐसी प्रणाली विकसित करने की प्रक्रिया में हैं जो हमारे हितधारकों को अपने ऊपर और ऊपर सोचने के लिए प्रेरित करती है और इस तरह जड़ों से लगाव पैदा करने में मदद करती है.

फसलों की विविधताओं के इस्तेमाल से जैविक खेती कि पुरानी शैली के उपयोग करने में किसानों कि मदद की जाती है ताकि उत्पादों में आवश्यक पोषण बना रहे हालांकि, इन सबके अलावा अदृश्य एक नया कॉन्सेप्ट भी लेकर आया है जिसे जीरो-वेस्ट ऑर्गेनिक खरीदने का अनुभव कहा गया है. इसमें स्टोर पर आने वाले उपभोक्ताओं को अपना बैग या कंटेनर लाना होता है और अनाज, दाल और अनाज जैसे अन्य उत्पादों को पैकेट में नहीं, बल्कि खुला खरीदना पड़ता है. इस तरह अदृश्य बिल्कुल भी वेस्टेज पैदा नहीं करता. अक्षय कहते है कि उपभोक्ता किसी भी उत्पाद को कितनी भी राशि का ले सकते हैं. वह इसे तौल सकते है, चेक कर सकते हैं. इस तरह हम इन उत्पादों की पैकेजिंग में इस्तेमाल किये जाने वाले प्लास्टिक की मात्रा को कम करना चाहते हैं.

“हमारा मानना ​​है कि अच्छा स्वास्थ्य और हरा भरा वातावरण खोते जा रहे है. इसलिए उत्पादों के लिए, हम देश भर में लगभग 8,000 जैविक किसानों के संपर्क में हैं इसलिए, हम जिन उत्पादों की पेशकश करते हैं और जिन प्रक्रियाओं का हम उपयोग करते हैं या निर्माण करते हैं, वे हमेशा स्वस्थ होती हैं. उदाहरण के लिए, तेल लकड़ी से दबाकर निकाला जाता है,आटा और पाउडर पत्थर से पिसे होते हैं, और बीज असली किस्म के होते हैं. दुकानों और बाजारों में उत्पादों को पैक करने वाला प्लास्टिक सड़कों और नदियों को प्रदूषित करता है. समुद्री जीवन को मारता है और जानवरों को परेशान करता है. साथ ही अक्षय कहते है कि जब मैं ये तस्वीर देखता हूं तो डर लगता है कि हम ऐसे वातावरण में कैसे ज़िंदा रहेंगे? जीरो-वेस्ट ऑर्गेनिक खरीदारी के माध्यम से, हम उपभोक्ताओं को यह एहसास दिलाना चाहते हैं कि आप पर्यावरण के संरक्षण में योगदान दे रहे हैं अदृश्य का यह प्रयास प्रशंसा के योग्य है जिससे कि आने वाली पीढ़ियां स्वच्छ, हरी धरती में रहें”.

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