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सरकार ‘एक राष्ट्र एक राशन कार्ड’ लाने की प्रक्रिया में; प्रवासी मज़दूरों को लाभ मिलने की उम्मीद

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Image Credits: News18/Indian Money

July 1, 2019

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भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने और एक दुकान के मालिक पर लाभार्थियों की निर्भरता को कम करने के लिए, केंद्र सरकार ‘एक राष्ट्र एक राशन कार्ड’ शुरू करने की योजना बना रही है.

यह सुनिश्चित करने के लिए योजना को लागू किया जाएगा कि कोई भी व्यक्ति विशेष रूप से प्रवासी श्रमिकों को सब्सिडी वाले अनाज प्राप्त करने से वंचित न हो, जो अपने मूल स्थान से बाहर जाने के बाद अपने राशन कार्ड का उपयोग करने में विफल रहते हैं. उक्त योजना में कई दुकानों से राशन लेने के लिए एक से अधिक राशन कार्ड का उपयोग करने वाले लोगों के व्यवहार को समाप्त करने की उम्मीद है.

केंद्रीय उपभोक्ता मामलों, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्री रामविलास पासवान द्वारा 27 जून को खाद्य सचिवों और राज्य सरकारों के अन्य अधिकारियों, भारतीय खाद्य निगम, केंद्रीय भंडारण निगम और राज्य भंडारण निगम के प्रतिनिधियों और अन्य अधिकारियों के साथ एक बैठक की अध्यक्षता करते हुए इस योजना को सार्वजनिक किया गया था.

 

 

 

मंत्री ने इस बात पर प्रकाश डाला कि सरकार एक वर्ष के भीतर योजना की औपचारिकताओं को पूरा करने की कोशिश कर रही है. पासवान ने द इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि यह योजना सभी सार्वजनिक वितरण दुकानों (राशन की दुकानों) में पॉइंट-ऑफ-सेल (PoS) मशीनों की उपलब्धता पर निर्भर करती है. उन्होंने यह भी कहा कि PoS मशीनें आंध्र प्रदेश, हरियाणा, और अन्य राज्यों में सभी राशन दुकानों में मौजूद हैं. उन्होंने कहा, “देश भर में लाभ प्रदान करने के लिए 100% उपलब्धता (PoS मशीनों) की आवश्यकता है.”

टाइम्स ऑफ इंडिया ने बताया कि PoS मशीनों के साथ सभी राशन दुकानों को लैस करने के अलावा, खाद्य मंत्रालय सभी राशन कार्डों का एक केंद्रीय डेटाबेस भी बनाएगा जो नकल को रोक सकेगा. ऑनलाइन डेटाबेस जिसे पीडीएस का एकीकृत प्रबंधन कहा जाता है, या आईएमपीडीएस को जब कोई लाभार्थी दुकान से राशन एकत्र करता है तो वह उसी समय में अपडेट किया जाएगा.

बैठक में, राज्यों ने आश्वासन दिया कि वे जल्द से जल्द IMPDS लागू करेंगे. अब तक, खाद्य मंत्रालय ने दावा किया था कि IMPDS आंध्र प्रदेश, गुजरात, हरियाणा, तेलंगाना, त्रिपुरा, राजस्थान और कर्नाटक राज्यों में चालू है, जहाँ लाभार्थी राज्य के किसी भी जिले से राशन का अपना हिस्सा एकत्र कर सकते हैं.

पासवान ने आगे कहा कि खाद्य और सार्वजनिक वितरण विभाग द्वारा किए गए कार्य 81 करोड़ लाभार्थियों के लिए महत्वपूर्ण हैं, जिनमें 612 लाख टन खाद्यान्न एफसीआई, एसडब्ल्यूसी और अन्य निजी गोदामों के गोदामों में सालाना जमा होता है.

हालाँकि, अब तक, यह अस्पष्ट है कि केंद्र या राज्य सरकार नए राशन कार्ड जारी करेगी या नहीं. अब तक, राज्य सरकार ही है जिन्होनें राशन कार्ड जारी किए हैं.

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