पर्यावरण

इन्होनें स्थानीय लोगों के साथ मिलकर बेंगलुरु में खोदे पानी के 1 लाख रीचार्ज कुएं

तर्कसंगत

July 30, 2019

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 हाल ही में कर्नाटक के उडुपी बारिश के देवताओं को खुश करने के लिये, दो  मेंढकों की शादी होने की खबर से हममें से बहुत से लोग मनोरंजित हो गए होंगे. जितना यह हमारे देश में अंधविश्वास के बारे में दर्शाता है उतना ही यह देश में पानी की कमी के संबंध में ग्रामीणों की हताशा की ओर भी इशारा करता है, यहां एक ऐसे व्यक्ति की कहानी है जो संकट की इस घड़ी में बाधाओं को पछाड़ रहा है.

डॉ.विश्वनाथ श्रीकांतैया, एक जल कार्यकर्ता और शहरी योजनाकार हैं.इन्होनें कई समुदायों के साथ मिलकर बेंगलुरु में पानी के संरक्षण के लिए घरेलू स्तर पर और कुछ बड़े सामुदायिक भागीदारी के साथ सफल अभियान किए हैं. उन्होंने कर्नाटक राज्य में घरों और उद्योगों के लिए कई रूफ टॉप हार्वेस्टिंग ढांचे तैयार किए हैं. वह रेनवॉटर क्लब के एक सक्रिय सदस्य हैं, जो 1995 से बेंगलुरु में वर्षा जल संचयन के बारे में जानकारी फैला रहा है.

 

जल संरक्षण परियोजनाएँ

तर्कसंगत ने घरेलू स्तर पर पानी के संरक्षण के तरीकों के बारे में डॉ.विश्वनाथ से बात की. “छत क्षेत्र के प्रत्येक वर्ग मीटर के लिए, एक रिचार्ज के लिये 20 लीटर स्टोरेज का निर्माण करना पड़ता है, और भवन के चारों ओर पक्के क्षेत्र के प्रत्येक वर्ग मीटर के लिए, 10 लीटर के स्टोरेज का निर्माण करना पड़ता है. रिचार्ज कुँआ न्यूनतम 10 फीट गहरा होना चाहिए, ”उन्होंने कहा.

“हम कई लोगों को विभिन्न जल संरक्षण विधियों का पालन करने के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं, हम एक इकोलोजिकल रूप से चलने वाले आर्किटेक्चरल अभ्यास को भी चलाते हैं, जहां कई कोम्पोनेंट्स को डिजाइन के हिस्से के रूप में शामिल किया जाता है.

नीति स्तर पर, बैंगलोर वॉटर सप्लाए ऐण्ड सीवरेज बोर्ड (BWSSB) और इंजीनियरों के एक समूह द्वारा कई प्रयास किए गए. हालांकि, विश्वनाथ, दो अन्य सक्रिय सदस्यों के साथ, 24 वर्षों से कार्य कर रहे हैं और कई लोगों को ऐसा करने के लिए प्रेरित भी करते हैं.

डॉ.विश्वनाथ ने वर्षा जल को शुद्ध करने के लिए ‘वरुण’ नामक एक फिल्टर भी विकसित किया है.

 

‘बेंगलुरु में 10 लाख वेल्स’

शहर के लिए पानी की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए, करीब 750 परिवारों ने खुदाई की,साफ और गहरा कुआँ बनाया, हालांकि, बोरवेल के युग के कारण उनकी आजीविका खत्म हो गई है.

पारंपरिक कुएं खोदने वाले अब बेंगलुरु में एक मिलियन कुएं खोदने के अभियान के साथ आए हैं. डॉ.विश्वनाथ ने बायोम एनवायरनमेंटल ट्रस्ट और स्वैच्छिक नागरिक नेटवर्क फ्रेंड्स ऑफ लेक के साथ इस परियोजना का शुभारंभ किया.

डॉ.विश्वनाथ ने कहा, “ये रिचार्ज कुएं छत पर गिरी बारिश के पानी का उपयोग करेंगे और इसे एक्वीफर्स में भेजेंगे, जिससे भूजल की स्थिति में सुधार होगा और पारंपरिक कुएं खोदने वालों को बेहतर आजीविका मिलेगी.”

 खोदने वालों ने सुनिश्चित किया है कि लगभग 10,000 खुले कुएं कार्यात्मक हैं और लोगों द्वारा उपयोग किए जा रहे हैं.उन्होंने शहर स्तर पर लगभग 1,00,000 पुनर्भरण कुओं का विकास किया है. वे जिस लक्ष्य को प्राप्त करने की उम्मीद करते हैं वह एक मिलियन का है.

उन्होंने कहा, ” नीतियों, आजीविका और जल सुरक्षा को जोड़ना ही हमे आगे ले जा सकता है.

 

झीलों का कायाकल्प

डॉ.विश्वनाथ अपने सक्रिय समर्थकों के साथ लेक कायाकल्प समुदाय’ के साथ भी काम करते हैं और एकीकृत (इन्टीग्रेटिड) शहरी जल प्रबंधन के विचार को बढ़ावा दे रहे हैं.

“एकीकृत शहरी जल प्रबंधन के कार्यक्रम के तहत, अपशिष्ट जल को  ट्रीट करके झील में भेजा जाता है. इससे वह पानी भूजल के स्तर को बढ़ाता है पीने के लिए उपलब्ध हो जाता है, यह एक पारिस्थितिक प्रक्रिया द्वारा अपशिष्ट जल को पीने के पानी में बदलने की एक प्रक्रिया है, ”डॉ.विश्वनाथ ने कहा.

जल संकट की चपेट में आए बेंगलुरु को जल संरक्षण की दिशा में कुछ जरूरी प्रयासों की आवश्यकता है .नीति स्तर पर बदलाव और सामुदायिक भागीदारी में वृद्धि से समाधान कई स्तरों पर निहित है.

ये प्रयास सिर्फ बेंगलुरु शहर में नहीं किए गए हैं, बल्कि यह मिशन पूरे देश को पानी की कमी की गंभीर समस्या से बचाने के लिए है.

डॉ.विश्वनाथ ने कहा, “वर्तमान गंभीर जल संकट के साथ, जल निकायों का कायाकल्प, जल-कुशल फ़सलों को बढ़ाना, और अपशिष्ट जल को रीसाइकल करना ऐसे गंभीर जल संकट की पुनरावृत्ति से बचने के संभावित उपाय हैं.”

तर्कसंगत, ज़मीनी स्तर पर बदलाव लाने वाले,डॉ. विश्वनाथ, कई समुदायों द्वारा किए गए प्रयासों के समर्थन में खड़ा है.

 

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