मेरी कहानी

मेरी कहानी: “मेरी कैब ड्राइवर, ने बताया कि वह कैसे CCD के मालिक के एहसानों को नहीं भूल सकता”

तर्कसंगत

Image Credits: India Today/Facebook Puneeth Ba

August 9, 2019

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आज मेरे कैब ड्राइवर ने आज मुझे कैफ़े कॉफी डे के संस्थापक वीएस सिद्धार्थ के साथ उसकी एक भावनात्मक रिश्ते के बारे में ज़िक्र किया। उसने कहा कि वो दुखी था और वह आज थोड़ी जल्दी काम पर निकल गया क्योंकि वह उनकी मौत की खबर का मीडिया कवरेज नहीं देख सकता था. मैंने उससे पूछा कि क्यों और तब उसने सीसीडी आउटलेट में से एक पर अपने काम करने की एक छोटी कहानी बताई। वह केवल इसलिए दुखी हो रहा था क्योंकि उसे लगता है कि वह सिद्धार्थ और उसकी कंपनी का ऋणी है। वहां काम करने के बाद उसने अंग्रेजी में बोलना सीखा और कैसे वे अपनी आर्थिक स्थिति को एक हद तक बेहतर बना सका और उस अनुभव के ज़रिये जीवन में आगे बढ़ सका.

मैं केवल इस बारे में सोच रहा था कि अपनी क्षमताओं और प्रतिभाओं का श्रेय लेने की हड़बड़ी में कितनी आसानी से, कई बार हम उन संगठनों और उनकी कोशिश को भूल जाते हैं. जिस तरह से कम्पनीज और संगठनों के नेता इतने लोगों के जीवन को छूते हैं, वह व्यवसायों और उनके द्वारा कमाए जाने वाले पैसे से एक अलग कहानी है। यह एक आदमी के दूसरे आदमी को सक्षम बनाने की कहानी है जो एक के बाद एक बढ़ती जाती है.

इन सबके साथ, सिद्धार्थ का लिखा खत अत्यंत निराशाजनक और दुखद है अगर उनके लापता होने का असली कारण यही है. अगर यह सच है, तो यह एंटरप्रेन्योर पीढ़ी के कई लोगों के लिए एक डरावना और एक मजबूत चेतावनी है!

 

The cab driver today I met started discussing about the missing of CCD’s founder Siddhartha. He was sad and told me that…

Posted by Puneeth Ba on Tuesday, 30 July 2019

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