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बेंगलुरु की बाइकर मोटरस्पोर्ट्स में विश्व खिताब जीतने वाली पहली भारतीय बनी

तर्कसंगत

August 14, 2019

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12अगस्त को बैंगलोर की 23 साल की एक लेडी बाइकर ने हंगरी में महिलाओं के वर्ग में फेडरेशन इंटरनेशनेल डी मोटोकाइक्लिज्म (एफआईएम) बाजास वर्ल्ड कप में जीत दर्ज़ की. बेंगलुरु की बाइकर ऐश्वर्या पिस्से ने मोटरस्पोर्ट्स में विश्व खिताब जीतने वाली पहली भारतीय बनकर इतिहास रच दिया. इस आयोजन का संचालन इंटरनेशनल मोटरसाइकलिंग फेडरेशन द्वारा किया गया था, जो दुनिया में मोटरसाइकिल रेसिंग की जनि मानी निकाय है.

ऐश्वर्या ने दुबई में पहला राउंड जीता था, पुर्तगाल में तीसरे स्थान पर थी, स्पेन में पांचवां और हंगरी में चौथे स्थान पर रही, जिसमें उन्होनें कुल 65 अंक अर्जित किये. इस स्टैंडिंग में पुर्तगाल की रीता वीरा उनसे केवल चार अंकों से पीछे थी. हंगेरियन बाजा में, ऐश्वर्या के चौथे स्थान पर भारत के लिए 13 अंक जोड़े थे, जबकि उनके समकक्ष वीरा 13 अंक लेकर तीसरे स्थान पर थी.

ऐश्वर्या को अपने प्रतिद्वंद्वियों पर एक फायदा था वह यह कि उन्होनें  सभी चार राउंड में हिस्सा लिया था.

ऐश्वर्या 11 अगस्त को एफआईएम जूनियर श्रेणी में भी दूसरे स्थान पर रहीं. उन्होंने चिली के विजेता टॉमस डी गेवार्डो से 14 अंकों के अंतर से 46 अंकों के साथ दूसरा स्थान हासिल किया.

अपने विक्ट्री स्पीच में उन्होंने पिछले साल स्पेन में बाजा आरागॉन रैली में अपनी दुर्घटना का भी उल्लेख किया. पिछले साल, ऐश्वर्या बाजा आरागॉन रैली में प्रतिस्पर्धा करने वाली पहली भारतीय महिला राइडर थीं. हालांकि, वह दुर्घटनाग्रस्त हो गई और इस प्रक्रिया में उनके पैंक्रियास में चोटें आयी थी जो उनके करियर के लिए खतरा थीं.

 

उन्होनें कहा, “यह मेरे जीवन का एक कठिन दौर था, लेकिन मैंने खुद पर विश्वास किया और बाइक रेसिंग में वापस आने के लक्ष्य को लगभग छह महीने में पा लिया.” उन्होनें यह भी कहा कि यह उनके लिए बहुत बड़ी जीत है और वो आगे इसमें और सुधार करेंगी.

ऐश्वर्या ने पांच साल पहले बाइक चलाना सीखा था, वो पहली भारतीय महिला रेसर हैं जिन्होंने पांच राष्ट्रीय रोड रेसिंग और रैली चैम्पियनशिप खिताब जीते हैं.

 

 

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