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इन्होनें अपने आस पास के कश्मीरी और अफगानी बच्चों को ईदी बांटकर लोगों का दिल जीत लिया

तर्कसंगत

Image Credits: Hindustan Times

August 14, 2019

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दिल्ली के 28 वर्षीय सिख व्यक्ति अमनदीप मोदी ने सोमवार को ईद अल-अधा के अवसर पर दक्षिणी दिल्ली के भोगल क्षेत्र में अपने किराने की दुकान पर कश्मीरी और अफगान बच्चों को ‘ईदी’ बांटकर लोगों का दिल जीत लिया. इस क्षेत्र में एक बड़ी कश्मीरी और अफगान आबादी है, जिनमें से कुछ लंबे समय से इलाज या व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए भारत आते रहते हैं.

इलाके में ‘मोदी साहब’ के नाम से मशहूर अमनदीप मोदी ने अपनी दुकान, ‘अमन स्टोर’ में खरीदारी करने आए युवा लड़कों और लड़कियों को इम्पोर्टेड कंघी, स्केच पेन के पैकेट, पानी के रंग, चॉकलेट और खिलौने रात 11 बजे तक बांटे.

अमनदीप और उनके 70 वर्षीय पिता गुरविंदर सिंह मोदी की तारीफ सोशल मीडिया पर तब होनी शुरू हुई जब स्थानीय एमसीडी पार्षद, यास्मीन किदवई ने ट्विटर पर उनके नेक काम को उजागर किया.

“हम 2017 से इस स्टोर को चला रहे हैं और कई अफगान और कश्मीरी बच्चे रोज़ाना खरीदारी करने के लिए हमारी दुकान पर आते हैं. पिछले कुछ वर्षों में, हमने उन्हें अपने बच्चों की तरह बड़े होते देखा है और उनके साथ एक भावनात्मक रिश्ता कायम किया है. वे हमारे लिए परिवार की तरह हैं और इसने हमें ईदी उपहार देकर बहुत खुश किया है” अमनदीप मोदी ने हिंदुस्तान टाइम्स से कहा कि उन्होनें अपने ग्राहकों से धाराप्रवाह फारसी भी सीखी है.

वह अपने अफगान ग्राहकों को “चे तोर हस्ति?” पूछते हुए अभिवादन करते देखे गए, जिसका अर्थ है कि आप कैसे हैं? वे उनसे  ‘चे मेर गिरी’ कहते हैं जिसका मतलब है आज आप क्या खरीदना चाहेंगे ?

उनके पिता, गुरविंदर मोदी ने कहा कि वे मूल रूप से पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) क्षेत्र “झेलम नदी के पास के एक गाँव” से हैं और उनके माता-पिता 1947 में जम्मू से दिल्ली आ गए थे. “हम जानते हैं कि अपने जड़ों से दूर होने का दर्द क्या होता है ?”  गुरविंदर ने कहा कि इसके अलावा, बच्चे भगवान के रुप की तरह हैं.”

अमनदीप और उनके पिता की यह नेकी भारत की एकता और हमारे भाईचारे, दयालुता की मिसाल कायम करती है.

 

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