मेरी कहानी

मेरी कहानी : मैं सिर्फ एक साधारण आदमी हूं, जो ऐसी दुनिया में लोगों को खुश करना चाहता है जहां पहले से ही इतनी नफरत है

तर्कसंगत

Image Credits: Humans Of Bombay

September 3, 2019

SHARES

“मैं पिछले 19 सालों से रिक्शा चला रहा हूँ – ज्यादातर लोग मुझे ‘मुन्नाभाई एसएससी’ या ‘द किंग ऑफ बांद्रा’ के नाम से जानते हैं। मुझे मालुम है कि कैसे ज्यादातर लोग रिक्शा और कैब ड्राइवरों के साथ बेफिज़ूल की बहस में पड़ते हैं. मुझे ये सब पसंद नहीं इसलिए मैंने अपने तरह के ऑटो रिक्शा की शुरुआत करी.

मैंने सबसे पहले जो चीज खरीदी थी, वह 20 रुपये एक अखबार का स्टैंड था और फिर 40 रुपये की एक घड़ी. धीरे-धीरे मैंने रिक्शा में ज्यादा से ज्यादा चीजों को जोड़ना और सहेजना शुरू कर दिया! अब मेरे पास सभी प्रकार की चीजें हैं – स्नैक्स, पानी, वाईफाई, चाय और यहां तक ​​कि एक फर्स्ट ऐड बॉक्स भी रखता हूं.
रक्षा बंधन पर मैं महिलाओं को मुफ्त सवारी देता हूं, संजय दत्त और सलमान खान के जन्मदिन पर मैं सभी को मुफ्त में सवारी देता हूं – क्योंकि वे मेरे पसंदीदा एक्टर हैं! और वैलेंटाइन्स के दिन मैं कपल्स को फ्री राइड देता हूँ! एक दिन में कम से कम 4 लोग मेरे रिक्शे वाले से मुस्कुराते हुए तो निकलते ही होंगे, और यही मेरे लिए  सबसे ज़्यादा मायने रखता है.
एक बार एक जोड़े ने मेरे रिक्शे में सवारी ली लड़के के पास फूलों का एक गुलदस्ता था जो उसने लड़की के लिए खरीदा था पर जब मैंने उन्हें बताया कि उनकी राइड फ्री थी, तो वे इतने खुश हुए कि लड़के ने मुझे गुलाब का गुलदस्ता दे दिया!
मुझे बहुत तारीफ़ मिली है – मुझे ‘टीवी टॉक्स ‘ के लिए बुलाया जाता है, मैं टीवी पर आ चूका हूं और लोगों ने मुझ पर डॉक्यूमेंट्री भी बनाए हैं! इसके माध्यम से, मैंने हमेशा सभी को एक ही बात बताई है – मैं सिर्फ एक साधारण आदमी हूं, जो ऐसी दुनिया में लोगों को खुश करना चाहता है जहां पहले से ही इतनी नफरत है. इसलिए मैं वह कर रहा हूं जो मैं कर सकता हूं, और मेरी क्षमता क्या है. कुछ खुशी फैलाते हुए, एक समय में एक सवारी! ”

“I’ve been a rickshaw driver for the past 19 years now — most people know me as ‘Munnabhai SSC’ or ‘The King Of…

Posted by Humans of Bombay on Friday, 30 August 2019

 

अपने विचारों को साझा करें

संबंधित लेख

लोड हो रहा है...