पर्यावरण

शहर को सुन्दर बनाने के लिए और लोगों को जागरूक करने के लिए लोगों ने बनाया ‘वॉल ऑफ़ होप’

तर्कसंगत

September 6, 2019

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गढ़वाल हिमालय क्षेत्र में स्थित मसूरी हिल स्टेशन, ब्रिटिश शासन काल से ही हरियाली और शांत वातावरण के लिए लोकप्रिय रहा है और पर्यटकों को लुभाता रहा है. इतनी भारी संख्या में पर्यटकों की आवाजाही की वजह से मसूरी में प्लास्टिक वेस्ट का स्तर बढ़ता जा रहा है और जो शहर की सुंदरता और वातावरण दोनों ही को प्रभावित कर रहा है. बिगड़ते हालात के प्रति जागरूक मसूरी की जनता ने इस चुनौतियों से लड़ने की ठानी है.

हम आपको इस खबर के जरिए यहां एक ऐसी जगह बताएंगे जो बेहद शानदार है, जिसे यहां के लोगों ने बड़ी मेहनत और खूबसूरती से सजाया है. जी हाँ मूसरी के रहने वाले लोगों ने एक ऐसी वॉल तैयार की है जो 12 फीट ऊंची और 1500 फीट लंबी है. इस दीवार को 15 हज़ार प्लास्टिक की बोतलों से तैयार किया गया है. सबसे अच्छी बात इस दीवार में लगी बोतले आस-पास के क्षेत्रों से उठायी गई है.

 

 

यह दीवार 150 फ़ीट लंबी और 12 फ़ीट ऊंची है, जो बंगलो की कांडी गांव में स्थित है और इस साल जून महीने में इसका अनावरण हुआ था. इस दीवार को हिलडारी प्रोजेक्ट के अंतर्गत तैयार किया गया था, जिसके तहत प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट और प्लास्टिक से मुक्त वातावरण के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में प्रयास किया जा रहा है.

यह  ‘वॉल ऑफ होप’ इसलिए बनाई गई जिससे वहां आने वाले यात्री हिल स्टेशन पर कूड़ा न फेके. इस दीवार का उद्घाटन मसूरी के पास बंगला की कंडी गांव की रहने वाली ग्राम प्रधान रीना रंगल ने किया. गोवा के संग्रहालय के संस्थापक सुबोध केरकर ने इस दीवार को बनाने का सुझाव दिया था.

 

 

वहां रहने वालीं सीमा सेमवाल ने कहा कि हम इस दीवार के बनने से काफी खुश हैं. अब हमारा गांव और सुंदर दिख रहा है. प्लास्टिक के यूज का यह अनोखा तरीका है और लोगों को इससे सीख लेनी चाहिए. एएनआई को दिए गए इंटरव्यू में हिलदारी ग्रुप के प्रोजेक्ट मैनजेर अरविंद शुक्ला ने कहा कि इस दीवार के निर्माण के लिए स्कूल और कॉलेजों के करीब 50 वोलेंटियर आगे आए। स्थानीय लोगों ने भी इसमें बढ़-चढक़र हिस्सा लिया.

 

 

हिलडारी प्रोजेक्ट की टीम, नियमित तौर पर पूरे मसूरी में सफ़ाई अभियान आयोजित करती रही है. टीम ने गोवा फ़ाउंडेशन के संग्रहालय के साथ भी करार कर रखा है, जिसका उद्देश्य है इस प्रोजेक्ट के लिए कला को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाना.

हिलडारी की टीम हर महीने एक या दो बार सफ़ाई अभियान चलाती है.अभी तक टीम 18 अभियान चला चुकी है और हर बार लगभग 60 किलों वेस्ट इकट्ठा किया। टीम नगर पालिका परिषद, वेस्ट वर्कर्स, नागरिक समूहों, स्थानीय मीडिया चैनलों, कीन और स्क्रैंबलिंग ऐडवेंचर्स जैसे गैर-सरकारी संगठनों का भी सहयोग लेती है.

जो भी वेस्ट इकट्ठा होता है, उसे ‘कीपिंग द एनवायरमेंट ईकोलॉजिकली नैचुरल’ (कीन) नाम के एनजीओ द्वारा प्रॉसेस कराया जाता है. यह एनजीओ पिछले 25 सालों से वेस्ट प्रॉसेसिंग का काम कर रहा है. हिलडारी की टीम ने उत्तराखंड सरकार के सामने यह प्रस्ताव रखा है कि मसूरी में ऐसा इन्फ़्रास्ट्रक्चर विकसित किया जाए, जिसके माध्यम से यह सुनिश्चित हो सके कि पर्यटक गंदगी या कूड़े को सही जगह पर फेंके.

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