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कॉमर्शियल प्‍लेन उड़ाने वाली पहली आदिवासी बनी ओडिशा की ये लड़की

तर्कसंगत

September 9, 2019

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ओडिशा के माओवादी प्रभावित मल्कानगिरी जिले की रहने वाली एक लड़की ने ऐसा काम किया है जिससे भविष्य में कई लड़कियों को प्रेरणा मिलेगी. 27 साल की यह आदिवासी लड़की व्यावसायिक विमान उड़ाने वाली राज्य की पहली महिला बन गई है. इस लड़की का नाम अनुप्रिया मधुमिता लाकड़ा है जो मल्कानगिरी जिले के पुलिस कांस्टेबल की बेटी है.

इस महीने के आखिर में अनुप्रिया इंडिगो एयरलाइंस में सह-पायलट के रूप में शामिल होंगी. एचटी की रिपोर्ट के अनुसार, अनुप्रिया के परिजनों का कहना है कि उनकी बेटी ने केवल उन्हें ही गर्व महसूस नहीं कराया है बल्कि पूरे राज्य को गोर्वांवित किया है. अपनी बेटी की इस उपलब्धि पर बात करते हुए अनुप्रिया के पिता मरिनियास लाकरा ने टीवी 9 भारतवर्ष से कहा, “उसके पायलट की ट्रेनिंग का खर्चा उठाना मेरे लिए काफी मुश्किल था. मैंने रिश्तेदारों की मदद ली और लोन भी लिया. मैंने हमेशा चाहा कि मेरी बेटी वो शिक्षा प्राप्त करे, जिसकी वह इच्छा रखती है.”

अनुप्रिया लाकड़ा बचपन से ही पायलट बनना चाहती थीं. इस ख्वाब को पूरा करने के लिए उन्होंने इंजीनियरिंग की पढ़ाई बीच में ही छोड़ दी और 2012 में एविएशन एकेडमी ज्वॉइन कर लिया. सात साल तक की ट्रेनिंग के बाद उनका पायलट बनने का ख्वाब पूरा हुआ.

राज्य के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने भी अनुप्रिया के कॉमर्शियल पायलट बनने पर उन्हें बधाई दी है. नवीन पटनायक ने ट्वीट किया, “मैं उनकी उपलब्धि से बहुत खुश हूं. वे कई लड़कियों के लिए रोल मॉडल बनेंगी.”

 

 

भुबनेश्वर क्रोनिकल्स ने कहा, ‘ऐसा जिला जहां अभी तक रेलवे लाइन नहीं पहुंची है वहां के आदिवासियों के लिए यह गर्व की बात है कि एक स्थानीय महिला अब विमान उड़ाएगी.’ मल्कानगिरी में पली बढ़ी अनुप्रिया ने दसवीं तक की पढ़ाई जिले से ही की. 12वीं की शिक्षा पड़ोस के कोरापुट से ली. इसके बाद भुवनेश्वर में सरकार द्वारा संचालित इंजीनियरिंग कॉलेज से स्नातक की पढ़ाई को पायलट बनने के सपने के लिए बीच में ही छोड़ दिया. फिर उन्होंने भुवनेश्वर के गवर्नमेंट एविएशन ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट में दाखिला लिया और अपना सपना पूरा किया.

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