मेरी कहानी

मेरी कहानी : मैं लोगों की उस सोच को तोड़ने में सफल रहा जो ये सोचते हैं कि विकलांगता एक अभिशाप है

तर्कसंगत

Image Credits: Humans Of Lbsnaa

September 10, 2019

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“मैं उत्तर पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अमरोहा गाँव से हूँ. मुझे डेढ़ साल की उम्र में निमोनिया हो गया था और डॉक्टर ने मुझे एक गलत इंजेक्शन दिया जिससे मेरी रेटिना की ऑप्टिकल नसों को नुकसान पहुँचा.

मैं यह याद रखने के लिए बहुत छोटा था कि मेरे जीवन में क्या बदलाव आया है – लेकिन मैं आपको बता सकता हूं कि मैं इसके बारे में शिकायत नहीं करना चाहता. बल्कि इसके बाद मेरे दिमाग ने अलग तरह से काम करना शुरू किया मेरी आँखों की रौशनी भले चली गयी मगर मुझे लगा जैसे मुझे कोई दूसरी शक्ति मिल गयी हो, मेरा मतलब है कि अगर मैं देख सकता तो आज मैं भी एक किसान होता, मैं भी खेत पर काम करता या बेरोजगार होता.

मैं एक शरारती बच्चा था – हमेशा दूसरों से आगे निकलने की कोशिश करता, हमेशा बेहतर बनने की कोशिश करता. यह ऐसा प्रविर्ती थी कि जैसे खुद को साबित करना मेरे लिए सबसे बड़ा मिशन था.

मुझे दिल्ली के एक सीनियर सेकेंडरी स्कूल ऑफ ब्लाइंड छात्रों में प्रवेश मिला. इसका मतलब घर के आराम से एक बड़े शहर में जाना था और मैं शुरू में इस बदलाव से क़तरा रहा था लेकिन तभी मेरी पढ़ाई सही मायनों में शुरू हुई.

दिल्ली में होने के कारण मैंने सभी अच्छे कॉलेजों के बारे में सुना और 12 वीं के बाद उन सब में आवेदन किया. मेरा दाखिला सेंट स्टीफन में हो गया लेकिन अंग्रेजी माध्यम में परिवर्तन चुनौतीपूर्ण था. मगर मैंने अब तक संघर्ष कर के जीतना सीख लिया था.
इसके अलावा मैंने कुछ अद्भुत सहायक दोस्त बनाए और इसने मुझे एक इंसान के रूप में बदल दिया. मेरे शिक्षकों, मेरे दोस्तों ने मुझे अंग्रेजी मध्यम में पढ़ाई करने में मदद की.

मैंने जेएनयू से पोस्ट ग्रैजुएशन किया और अभी मैं पीएचडी कर रहा हूं. मैं अरबिंदो कॉलेज में 4 साल तक पढ़ाने के लिए भी गया – कुछ ऐसा जो मुझे अपनी आर्थिक स्थिति को बनाए रखने के लिए ज़रूरी था.

अब मैं यहां हूं और यह सब मुझे अहसास कराते हैं कि मैंने अपने कदम सही दिशा में उठाये -जिससे मैं लोगों की उस सोच को तोड़ने में सफल रहा जो ये सोचते हैं कि विकलांगता एक अभिशाप है. मैं कम सक्षम नहीं हूं, मैं सिर्फ अलग हूं और समाज को हमारा सम्मान करना चाहिए. मेरा दिमाग उतना ही शक्तिशाली है और मैं फिर से परीक्षा लिख ​​रहा हूं और मुझे लगता है कि मैं एक प्रयास या दो बार में IAS करने जा रहा हूं.”

सतेंद्र सिंह
AIR 714
CSE 2018

स्रोत : Humans Of Lbsnaa

 

"I am from Amroha village in north western UP. I was about a year and a half old when I got pneumonia and the doctor…

Posted by Humans of Lbsnaa on Wednesday, 12 June 2019

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