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मद्रास हाई कोर्ट की मुख्य न्यायाधीश विजया के ताहिलरमानी का इस्तीफा

तर्कसंगत

Image Credits: Punjab Kesari/India Tv

September 10, 2019

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मद्रास उच्च न्यायालय की मुख्य न्यायाधीश विजया के. ताहिलरमानी ने सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम के मेघालय हाई कोर्ट ट्रांसफर करने के आदेश पर पुनर्विचार करने का उनका अनुरोध ठुकराए जाने के बाद इस्तीफा दे दिया. आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि ताहिलरमानी ने शुक्रवार रात राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद को अपना इस्तीफा दिया और भारत के चीफ जस्टिस रंजन गोगोई को इसकी एक प्रति भी भेजी. राष्ट्रपति ने उनके इस्तीफे को आगे की कार्रवाई के लिए सरकार को बढ़ा दिया है.

 

43 साल की उम्र में बनी थी बॉम्बे हाईकोर्ट की जज

जस्टिस ताहिलरमानी को 26 जून 2001 को 43 साल की उम्र में बॉम्बे हाई कोर्ट का जज नियुक्त किया गया था. बंबई उच्च न्यायालय की कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश के पद पर काम करते हुए जस्टिस ताहिलरमानी ने मई, 2017 में बिलकिस बानो सामूहिक दुष्कर्म मामले में सभी 11 व्यक्तियों की उम्र कैद की सजा को बरकरार रखा था.सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले को गुजरात से महाराष्ट्र स्थानांतरित किया था.

12 अगस्त 2008 को उन्हें मद्रास हाई कोर्ट का चीफ जस्टिस बनाया गया. देश की 25 हाई कोर्ट में जस्टिस ताहिलरमानी और जस्टिस गीता मित्तल ही महिला चीफ जस्टिस हैं. जस्टिस ताहिलरमानी को 2 अक्टूबर 2020 को रिटायर होना था. उन्होंने करीब एक साल पहले ही अपने पद से इस्तीफा दे दिया है.

कॉलेजियम ने 28 अगस्त को उनका तबादला करने की सिफारिश की थी. इसके बाद जस्टिस ताहिलरमानी ने उनके तबादले के प्रस्ताव पर फिर से विचार करने के लिए कॉलेजियम को एक प्रतिवेदन दिया था. उन्होंने कॉलेजियम के फैसले का विरोध भी किया था. शीर्ष अदालत के कॉलेजियम में जस्टिस एस. ए बोबडे, जस्टिस एन. वी. रमन, जस्टिस अरुण मिश्रा और जस्टिस आर. एफ नरीमन शामिल थे. कॉलेजियम ने मेघालय हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस एके मित्तल का तबादला मद्रास हाई कोर्ट करने की सिफारिश भी की थी.

 

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