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UGC और AICTE हो सकते हैं खत्म, कैबिनेट के सामने आने वाला है विधेयक

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Image Credits: AajTak/Jagran

September 25, 2019

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भारत के प्रस्तावित उच्चतर शिक्षा आयोग (HECI), को लाने के लिए मानव संसाधन विकास मंत्रालय UGC और AICTE को बंद करने के लिए तैयार है. इस संबंध में एक विधेयक अगले महीने मंत्रिमंडल के समक्ष रखा जाएगा.

मंत्रालय ने पिछले वर्ष विश्‍वविद्यालय अनुदान आयोग, यूजीसी अधिनियम को निरस्त करके विश्‍ववि‍द्यालय अनुदान आयोग को विस्थापित करने एवं भारतीय उच्च शिक्षा आयोग (HECI) की स्थापना करने की घोषणा की थी. मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने इसे टिप्पणियों और सुझावों के लिये सार्वजनिक किया है और विभिन्‍न पक्षकारों से राय मांगी गई है. भारतीय उच्च शिक्षा आयोग का उद्देश्य उच्च शिक्षा की गुणवत्ता और शिक्षा के स्तर को सुधारना है.

न्यूज़ 18 की एक रिपोर्ट के अनुसार यूजीसी देश भर के विश्वविद्यालयों के लिए नियामक है, वहीं एआईसीटीई इंजीनियरिंग, फार्मेसी, प्रबंधन और अन्य तकनीकी शिक्षा महाविद्यालयों के लिए एक नियामक के रूप में कार्य करता है. पहले के ड्राफ्ट बिल में एचईसीआई को शैक्षणिक मामलों को नियंत्रित करने का प्रस्ताव दिया गया था, जबकि मानव संसाधन विकास मंत्री के तहत एक सलाहकार बोर्ड को विश्वविद्यालयों को मौद्रिक अनुदान जारी करने की जिम्‍मेदारी सौंपी गई थी. लेकिन इसे लेकर विभिन्न छात्र समूहों नेे विरोध किया था.

केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने जुलाई में संसद में बताया था कि एचईसीआई शैक्षणिक मानदंड को बनाए रखने, गुणवत्ता को बेहतर बनाने, अच्छा प्रदर्शन करने वाली संस्थाओं व ज्ञान, नवाचार को बढ़ावा देने में मदद करेगा.

लाइव मिंट की साझा रिपोर्ट के अनुसार मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया क‍ि भारतीय उच्च शिक्षा आयोग एकल नियामक के रूप में काम करेगा और यूजीसी को निरस्त करने एवं एआईसीटीई को अपने दायरे में लायेगा. यह विधेयक राज्यों के साथ व्यापक विचार विमर्श के बाद तैयार किया गया है. इसे अक्तूब में कैबिनेट के समक्ष लाया जायेगा. मंत्रालय ने अपनी वेबसाइट पर कहा है कि भारतीय उच्च शिक्षा आयोग विधेयक यूजीसी और एआईसीटीई की जगह, एकल नियामक के रूप में भारतीय उच्च शिक्षा आयोग विधेयक को राज्यों के साथ परामर्श के बाद मंत्रिमडंल की सहमति के लिए तैयार किया गया.

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