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उत्तर प्रदेश होमगार्ड मंत्री चेतन चौहान ने कहा किसी भी होमगार्ड की नौकरी नहीं जाएगी

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Image Credits: Dabang Dunia/Jagran

October 16, 2019

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उत्तर प्रदेश पुलिस की तरफ से जारी आदेश के मुताबिक 25 हजार होमगार्ड की नौकरी चली गई है. नौकरी गंवाने वाले होमगार्ड के प्रदर्शनों और विपक्षी दलों के हमलों के बाद अब योगी सरकार ने सफाई दी है. होमगार्ड मंत्री चेतन चौहान का कहना है कि किसी को भी नौकरी से नहीं हटाया जाएगा, कोई औपचारिक निर्णय नहीं लिया गया है.

मंत्री ने कहा कि सभी अपनी दीपावली अच्छी तरह मनाएं. होमगार्ड का मानदेय बढ़ने की वजह से कुछ बड़ा बजट जरूर गड़बड़ हुआ है, लेकिन इसके लिए किसी होमगार्ड को निकाला नहीं जाएगा.

 

 

चेतन चौहान ने बताया कि पुलिस विभाग के अधिकारियों को सुझाव दिया है कि जो बजट 500 रुपये के हिसाब से पूरे साल भर का है इस बजट में ही आप जितने होमगार्ड को ड्यूटी दे सकते हैं, दे दीजिए.

उन्होंने कहा कि फिर भी जो होमगार्ड हमारे पास वापस आएंगे उनकी ड्यूटियां लगाई जाएंगी. किसी को भी बेरोजगार नहीं किया जाएगा और न ही हटाया जाएगा. उन्होंने कहा कि वित्त विभाग ने होमगार्ड के लिए अलग से बजट देने में कुछ परेशानी जाहिर की थी, जिसके बाद यह समस्या पैदा हुई. उन्होंने बताया कि बातचीत के जरिए जल्द ही इस समस्या का हल निकाला जाएगा.

गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने जुलाई 2019 में सरकार को भत्तों में बढ़ोतरी करने का आदेश दिया था. इसके अनुसार सरकार को होमगार्ड्स को 672 रुपये दैनिक भत्ता देना पड़ेगा. अभी उन्हें 500 रुपये दैनिक भत्ता दिया जा रहा है. लेकिन उत्तर प्रदेश सरकार का कहना है कि इससे उनपर हर महीने 10 से 12 करोड़ रुपये का अतिरिक्त भार आ जाएगा.

डीजीपी ओपी सिंह ने बेरोजगार हुए गार्डों को राहत देने वाली बात कही है कि उन्हें बेरोजगार नहीं किया गया है. कुछ समय के लिए ड्यूटी खत्म की गई है. सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद बढ़े वेतन और बजट को देखते हुए यह फैसला लिया गया है. हालांकि, उन्होंने यह नहीं बताया कि होमगार्डों की ड्यूटी कब तक नहीं लगेगी.

डीजीपी ने कहा, होमगार्ड हमारी सुरक्षा व्यवस्था के मजबूत स्तंभ हैं. वो किसी भी मामले में पुलिस जवान से कम नहीं हैं. सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद उनका दैनिक वेतन बढ़ाकर 672 रुपए कर दिया गया. दुर्भाग्यवश ऐसी स्थिति पैदा हुई कि हम फिलहाल ये मानदेय देने में असमर्थ हैं, जिसकी वजह से 25 हजार जवानों को सेवाओं से हटा दिया गया है. लेकिन उन्हें बेरोजगार नहीं किया गया .अस्थायी रूप से उनकी सेवाएं खत्म की गई हैं. आने वाले दिनों में जब शासन की तरफ से बजट की व्यवस्था होगी, तो दोबारा से उन्हें ड्यूटी पर लगाया जाएगा.

 

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