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58 हजार करोड़ के कर्ज तले दबी एयर इंडिया की बोली अगले महीने लग सकती है

तर्कसंगत

October 21, 2019

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सरकार एयर इंडिया की 100 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने के लिये अगले महीने प्रारंभिक बोलियां मंगाने की योजना बना रही है। कुछ निकाय पहले ही एयर इंडिया में दिलचस्पी दिखा चुके हैं। एयरलाइन पर तकरीबन 58,000 करोड़ रुपये का कर्ज है, इसके अलावा कंपनी हजारों करोड़ के घाटे में चल रही है।

मनीकंट्रोल की एक रिपोर्ट के अनुसार सरकार एक्सप्रेशन ऑफ़ इंटरेस्ट को अंतिम रूप देने की तैयारी कर रही है। उन्होंने आगे कहा कि इस बार 100 फीसदी हिस्सेदारी बेचने के लिए EoI मंगाने की तैयारी की जा रही है। जो कि इस महीने के अंत में या अगले महीने बोलियां मंगाई जा सकती हैं। ये बोलियां हाल ही में बनाए गए ई-बिडिंग के जरिए मंगाई जाएंगी।

 

22 अक्टूबर को होनी है बैठक

नागर विमानन सचिव प्रदीप सिंह खरोला ने कंपनी के निदेशक मंडल की बैठक से पहले एक समीक्षा बैठक की थी। निदेशक मंडल की बैठक 22 अक्टूबर का होने वाली है। इस एयरलाइन के कर्मचारियों की यूनियनें विनिवेश के प्रस्ताव का विरोध कर रही है। उन्हें नौकरी जाने का डर है। एयरलाइन की बैलेंसशीट स्वच्छ करने के लिए करीब 30,000 करोड़ रुपए का कर्ज बांड जारी करके किया जाना है। ये बांड एयरलाइन की विशेष उद्येशीय कंपनी एयर इंडिया एसेट होल्डिंग कंपनी (एआईएएचएल) की ओर से जारी किए जा सकते हैं। इसी महीने के शुरुआत में एयर इंडिया मैनेजमेंट ने घाटे में चल रहे एयरलाइन के प्रस्तावित प्राइवेटाइजेशन पर अपने ट्रेड यूनियनों के साथ बैठक की। एयरलाइन के कर्मचारी संगठन इस प्रक्रिया का विरोध कर रहे हैं। उन्हे डर सता रहा है कि इस प्लान से नौकरी जाने का खतरा बढ़ सकता है।

आपको बता दें कि एआईएएचएल का गठन इस उद्श्येश्य से किया गया है कि एयरलाइन के क्रियाशल पूंजीगत रिण, तैल-चित्र और कलात्मक वस्तुओं तथा एयर इंडिया की अनुषंगी कंपनियों एयर इंडिया एयर ट्रांसपोर्ट सर्विसेज, एयरलाइन एलाएड सर्विसेज, एयर इंडिया सहित इंजीनियरिंग सर्विसेज और होटल कार्पोरेशन आफ इंडिया के पास पड़ी किसी भी प्रकार की सम्पत्ति को एक जगह किया जा सके। कंपनी अब तक 21,985 करोड़ रुपए बांड से जुटा चुकी है।

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