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एमटीएनएल और बीएसएनएल का विलय निश्चित, केंद्र सरकार ने दी मंजूरी और लिए कई अहम फैसले

तर्कसंगत

October 24, 2019

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सरकार ने घाटे में चल रही सार्वजनिक क्षेत्र की दूरसंचार कंपनियों बीएसएनएल और एमटीएनएल के लिए 68,751 करोड़ रुपये के पुनरुद्धार पैकेज को बुधवार को मंजूरी दे दी। इसमें एमटीएनएल का बीएसएनएल में विलय, कर्मचारियों के लिये स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति योजना (वीआरएस) और 4 जी स्पेक्ट्रम आवंटन शामिल है।

कल की घोषणा आने तक खबर ये थी कि  वहीं बीएसएनएल लगातार तीसरा महीना है जब वेतन मिलने में देरी हो रही है। कर्मचारियों को अगस्त का वेतन भी बीस दिन की देरी से मिला था। लेकिन सितंबर माह का वेतन मिलने में जरूरत से ज्यादा देरी हो रही है। इसी तरह फरवरी का वेतन भी इस साल मार्च के आखिर में मिला था।

 

एमटीएनएल और बीएसएनएल का विलय

दूरसंचार मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने पैकेज से जुड़ी जानकारियां प्रेस के साथ साझा करते हुए कहा कि बीएसएनएल और एमटीएनएल के विलय को मंजूरी दे दी गई है। इस विलय का काम पूरा होने तक एमटीएनएल प्रमुख दूरसंचार कंपनी बीएसएनएल की अनुषंगी के रूप में काम करेगी। पुनरुद्धार पैकेज में दोनों कंपनियों की तत्काल पूंजी जरूरतों को पूरा करने के लिए 15,000 करोड़ रुपये के सरकारी बांड, 4 जी स्पेक्ट्रम के लिए 20,140 करोड़ रुपये , कर्मचारियों की वीआरएस के लिए 29,937 करोड़ रुपये और जीएसटी के तौर पर 3,674 करोड़ रुपये की राशि दिया जाना शामिल है।

बीएसएनएल पर फिलहाल 14 हजार करोड़ की देनदारी है और वित्त वर्ष 2017-18 में उसे 31287 करोड़ का नुकसान हुआ था। कंपनी में फिलहाल 1.76 लाख कर्मचारी कार्यरत हैं। वीआरएस देने से कर्मचारियों की संख्या अगले पांच सालों में 75 हजार रह जाएगी।

 

वीआरएस पैकेज

वीआरएस पैकेज पर रवि शंकर प्रसाद ने कहा , “वीआरएस पैकेज के तहत पात्र कर्मचारियों को 60 वर्ष की आयु तक कंपनी की सेवा करके अर्जित होने वाली आय का 125 प्रतिशत मिलेगा। इस फैसले के साथ हमने इन सार्वजनिक कंपनियों के लाखों कर्मचारियों के हित का ध्यान रखा है।” बीएसएनएल में करीब 1.76 लाख कर्मचारी हैं जबकि एमटीएनएल के करीब 22,000 कर्मचारी हैं. केंद्रीय मंत्री ने ये भी कहा, “वीआरएस पूरी तरह से स्वैच्छिक है। कोई भी इसे अपनाने के लिए बाध्य नहीं कर सकता है। “दोनों कंपनियों पर कुल 40,000 करोड़ रुपये का कर्ज है, जिसमें से आधा कर्ज एमटीएनएल का है, जो सिर्फ दिल्ली और मुंबई में परिचालन करती है। दोनों कंपनियां बाजार में प्रतिस्पर्धी बने रहने के लिए लंबे समय से स्पेक्ट्रम की मांग कर रही थीं ताकि 4 जी सेवा शुरू की जा सके।

सरकार ने वीआरएस पैकेज में अनुग्रह राशि के तौर पर 17,169 करोड़ रुपये और अग्रिम पेंशन लाभ के तौर पर 12,768 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है। प्रकाश जावड़ेकर ने कहा, “53.5 साल की उम्र से ऊपर के कमर्चारियों को उनकी सेवा की शेष अवधि में अर्जित वेतन का 125 प्रतिशत तक लाभ मिलेगा। कंपनी के 50 से 53.5 वर्ष की आयु वर्ग के कर्मचारी यदि वीआरएस अपनाते हैं तो उन्हें अपनी बची सेवा मे मिलने वाली प्राप्ति का 80 से 100 प्रतिशत के दायरे में लाभ मिलेगा।

 

अगस्त-सितंबर का बकाया है वेतन

बीएसएनएल और एमटीएनएल की बदहाली की वजह से कर्मचारियों को लगातार दिक्‍कत हो रही है। उन्‍हें सैलरी मिलने में भी देरी हो रही है। दरअसल, बीएसएनएल को मासिक वेतन के रूप में 850 करोड़ रुपये का भुगतान करना पड़ता है। अभी बीएसएनएल के पास करीब 1.80 लाख कर्मचारी हैं। बता दें कि वित्त वर्ष 2017-18 में बीएसएनएल का घाटा 7,992 करोड़ रुपये था। इससे पहले 2016-17 में कंपनी का घाटा 4,786 करोड़ रुपये रहा। इस हिसाब से सिर्फ 1 साल में 3,206 करोड़ रुपये का घाटा हुआ है।

बीएसएनएल के 1.58 लाख कर्मचारियों को अभी सितंबर माह की सैलरी नहीं मिली है। वहीं एमटीएनएल के 22 हजार कर्मचारियों को सितंबर के अलावा अगस्त माह की सैलरी भी नहीं मिली है। इस घोषणा के बाद एमटीएनएल के कर्मचारियों ने अपने धरना प्रदर्शन को भी स्थगित कर दिया है।

 

निजी कंपनी की शेयर में गिरावट

कल की घोषणा के बाद दूरसंचार क्षेत्र की सरकारी कंपनियों भारत संचार निगम लिमिटेड(बीएसएनएल) और महानगर टेलीफोन निगम लिमिटेड (एमटीएनएल) के विलय के साथ ही इन दोंनों कंपनियों को पटरी पर लाने और प्रतिस्पधीर् बनाने के लिए सरकार द्वारा दिये गये पैकेज से निजी क्षेत्र की दूरसंचार कंपनियों में भारी गिरावट दर्ज की गयी।

बीएसई के टेलीकॉम समूह में सबसे अधिक 3.04 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गयी। बीएसई के सेंसेक्स में शामिल दूरसंचा कंपनी भारती एयरटेल में 3.66 प्रतिशत की गिरावट रही। रिलायंस जियो को संचालित करने वाली प्रवर्तक कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज का शेयर 1.51 प्रतिशत उतर गया। दूरसंचार सेवायें देने वाली एक अन्य प्रमुख कंपनी वोडाफोन आइडिया का शेयर 7.83 प्रतिशत गिर गया।

 

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