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बुलंदशहर हिंसा में मरे सुमित की लगाई गई मूर्ति, परिवार ने बताया ‘गो-रक्षक वीर’

तर्कसंगत

Image Credits: Navjivan/Lallantop

October 29, 2019

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बुलंदशहर हिंसा के स्याना में हुई दौरान अपनी जान गंवाने वाले इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह के हत्यारोपी सुमित दलाल की मूर्ति स्थापित की गई है. मूर्ति की स्थापना स्याना गांव में ही की गई है. गौरतलब है कि सुमित की मौत उसी हिंसा के दौरान हो गई थी. सुमित हिंसा के दौरान उस भीड़ का हिस्सा था जिसकी वजह से वहां गोली-बारी भी हुई, जिसमें बजरंग दल नेता योगेश राज व फौजी जीतू सहित 44 लोगों को जेल भी भेजा गया था. इसी हिंसा के बीच गोली लगने से सुमित और इंस्पेक्टर सुबोध की मौत हो गई थी. सरकार ने इंस्पेक्टर सुबोध को ‘शहीद’ का दर्जा दिया था.

 

परिवार ने बताया ‘गौ-रक्षक वीर’

पिता ने अपनी निजी जमीन पर मृतक सुमित की प्रतिमा को स्थापित कर दिया और उस स्थल को ‘गो रक्षक वीर शहीद चौधरी सुमित दलाल धाम’ का नाम दे दिया. सुमित के पिता अमरजीत ने कहा कि सीएम योगी आदित्यनाथ ने आश्वासन दिया था जांच के बाद शहीद इंस्पेक्टर सुबोध के समान हमें भी सहायत मिलेगी, लेकिन 11 महीने बाद भी कोई सहायता नहीं मिली है. हम सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है. बल्कि मेरे बेटे के खिलाफ उल्टा इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह की हत्या का केस दर्ज कर लिया गया, जबकि सुमित की इंस्पेक्टर से पहले हत्या हो गई थी. न्यूज़ 18 की रिपोर्ट के अनुसार परिवार की यह भी मांग है कि जितनी धनराशि इंस्पेक्टर सुबोध के परिजनों को सरकार ने दी है हमें भी आर्थिक सहायता के तौर पर धनराशि दी जाए. वहीं छोटे बेटे को सरकारी नौकरी व 50 लाख मुआवजा मिले लेकिन उनकी मांगें अभी तक पूरी नहीं हुई हैं. पिता का ये भी आरोप है कि सुमित की मौत इंस्पेक्टर सुबोध की गोली से ही हुई थी. मामले में पुलिस ने मृतक सुमित को भी नामजद आरोपी बनाया था. अमरजीत का कहना है, ‘यदि सरकार ने अपने किए हुए वादों पर अमल नहीं किया तो सुमित की पहली पुण्यतिथि यानि 3 दिसम्बर 2019 और स्याना हिंसा एक वर्ष होने पर धर्म परिवर्तन कर आत्महत्या कर लेंगे.’

 

क्या था मामला?

गौरतलब है कि 3 दिसंबर को बुलंदशहर के स्याना थाना क्षेत्र के एक खेत में गोकशी की आशंका के बाद बवाल शुरू हुआ. जिसकी शिकायत मिलने पर सुबोध कुमार पुलिसबल के साथ मौके पर पहुंचे थे. इस मामले में एफआईआर दर्ज की जा रही थी, इतने में ही तीन गांव से करीब 400 लोगों की भीड़ ट्रैक्टर-ट्राली में कथित गोवंश के अवशेष भरकर चिंगरावठी पुलिस चौकी के पास पहुंच गई और जाम लगा दिया था. इसके बाद पुलिस पर पथराव करते हुए चौकी फूंक दी थी. बवाल में स्याना कोतवाल सुबोध कुमार शहीद हो गए थे. चिंगरावठी निवासी सुमित की गोली लगने से मौत हो गई थी. इस मामले में बजरंग दल नेता योगेश राज व फौजी जीतू सहित 44 लोगों को जेल भेजा गया था. राजद्रोह की धारा भी लगाई गई थी. इनमें योगेश राज व जीतू सहित 38 लोग जमानत पर जेल से छूट चुके हैं. गोकशी मामले में 10 लोगों को जेल भेजा गया था. छह पर रासुका लगाई गई थी. इनमें एक को ही जमानत मिल सकी है.

 

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