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अब आपके बच्चों के लिए FSSAI ले कर आ सकती है ये ख़ास नियम

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Image Credits: DB Post

November 8, 2019

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4 नवम्बर को खाद्य नियामक (एफएसएसएआई) ने स्कूल कैंटीन और स्कूल के बाहर 50 मीटर तक के दायरे में जंक फूड के विज्ञापन और जंक फ़ूड को बेचना प्रतिबंधित करने के लिए नियम बनायीं है. यह बच्चों के लिए सुरक्षित और स्वस्थ भोजन सुनिश्चित करने के अपने उद्देश्य के हिस्से के रूप में आता है।

एफएसएसएआई ने अपने  ‘खाद्य सुरक्षा और मानक नियम, 2019’ नामक अपने मसौदा में 30 दिनों के भीतर अन्य हितधारकों से टिप्पणियां मांगी हैं।

एफएसएसएआई ने कहा, “जिन खाद्य पदार्थों में अधिक फैट नमक और चीनी होते है, उन्हें स्कूल कैंटीन या मेस परिसर या हॉस्टल की रसोई में या स्कूल परिसर के 50 मीटर के दायरे में स्कूली बच्चों को नहीं बेचा जा सकता है।” खाद्य व्यवसाय संचालकों को स्कूल परिसर में या स्कूल परिसर के 50 मीटर के दायरे में ऐसे खाद्य पदार्थों के विज्ञापन पर भी रोक लगानी होगी।

इस साल जून में, FSSAI के सीईओ पवन कुमार अग्रवाल ने घोषणा की थी कि नियामक ने स्कूलों में और आसपास अस्वास्थ्यकर भोजन के विज्ञापनों पर प्रतिबंध लगाने का प्रस्ताव दिया है।

 

एफएसएसएआई ने प्रस्तावित किया है कि स्कूली बच्चों के बीच सुरक्षित भोजन और स्वस्थ आहार को बढ़ावा देने के लिए स्कूल अधिकारियों को एक व्यापक कार्यक्रम अपनाना होगा। स्कूल परिसर को सुरक्षित और स्वस्थ भोजन सुनिश्चित करने के लिए  ‘ईट राइट स्कूल’ में परिवर्तित किया जाना चाहिए।

ड्राफ्ट रेगुलेशन के अनुसार, “नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूट्रिशन (एनआईएन) द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार स्कूल में सुरक्षित और संतुलित आहार की खपत को बढ़ावा देने के लिए स्कूल अधिकारियों को काम करना होगा।”

FSSAI ने यह भी सुझाव दिया कि पोषण विशेषज्ञ और आहार विशेषज्ञ बच्चों के लिए मेनू की तैयारी में सहायता करने के लिए स्कूल प्रशासन द्वारा लगे होने चाहिए।

FSSAI ने इन नियमों के कार्यान्वयन की निगरानी और स्कूली बच्चों को सुरक्षित और पौष्टिक भोजन की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए राज्य स्तरीय सलाहकार समिति द्वारा एक उप-समिति का भी प्रस्ताव रखा है।

“एक स्वस्थ भोजन हमारे बच्चों को बेहतर महसूस करवाता है, बेहतर बनाता है और बेहतर सीखाता है और सही खान-पान की आदतें कम उम्र के बच्चों में डाली जा सकती हैं। इन नियमों के पीछे एक मौलिक विचार है कि बच्चों के लिए क्या स्वस्थ है और क्या नहीं है” एफएसएसएआई  ने कहा।

FSSAI ने ये भी कहा कि वह राज्य के खाद्य अधिकारियों या स्कूल शिक्षा विभाग को निर्देश देगा कि वह इस नियमन में दिए गए सामान्य मार्गदर्शन के अनुसार स्कूली बच्चों के लिए एक स्वस्थ आहार तैयार करे।

 

 

 

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