सप्रेक

बैंगलोर की यमुना ने कैब ड्राइवरों की मदद कर नीति आयोग से जीता अवार्ड

तर्कसंगत

November 15, 2019

SHARES

ओला और उबर के आने से भारतीय शहरों के टैक्सी मार्केटों में एक बड़ा बदलाव आने लगा है. इससे टैक्सी चालकों की आमदनी में एक बड़ा उछाल आया है. लेकिन उन्हें कैसे इन पैसों का इस्तेमाल करना है उसके बारे में उचित जानकारी नहीं है. इसकी वजह से काफी सारे टैक्सी चालक अच्छी कमाई करते हुए भी कर्ज़दार बन जाते हैं. 

उन्हें इस क़र्ज़ के जाल से निकलने वाल कोई नहीं होता मगर यमुना शास्त्री की कम्पनी “कैब दोस्त” ने इस समस्या का हल निकाला है. इसकी शुरुआत 2015 में हुई थी. ‘कैब दोस्त’ टैक्सी चालकों की आयकर भरने में और आधार विवरण को लिंक करने में सहायता करता है. साथ ही साथ, इनको बैंकिंग और पैसे बचाने के कई तरीके के बारे में  भी बताता है. ऐसी ही प्रतिभाशाली नारियों को नीति आयोग द्वारा सम्मान दिलवाने के लिए यहाँ रजिस्टर करें. नामांकन करने की अंतिम तारीख 17 नवंबर 2019 है.

आज के दिन कैब दोस्त एक प्रॉफिट स्टार्टअप है, जो इन चालकों को 500 रूपये की मामूली शुल्क पर कई सारी सेवाएं उपलब्ध करता है. टैक्सी चालक अगर बैंक लोन लेना चाहते हैं तो उसकी कागज़ी करवाई के लिए इनकी कम्पनी कुछ मामूली शुल्क ले कर वो काम भी करती है. इतना ही नहीं वह इन ड्राइवरों के लिए वित्तीय साक्षरता के सत्र रखते हैं जहां इन्हे जीवन बीमा, चिकित्सा बीमा, नेट  बैंकिंग और पैसे बचाने की सरकारी स्कीम के बारे में बताया जाता है.


 


अब तक, कैब दोस्त ने 7500 चालकों के साथ काम किया है और इसका नतीजा 2 करोड़ का टैक्स रिफंड रहा है.  यह स्टार्टअप अपनी सुविधाओं को भारत में और फैलाना चाहता है और तकरीबन 100 शहरों में ऑटो चालक, सिक्योरिटी गार्ड और हाउसकीपिंग वालों को सुविधा प्रदान करने की आशा रखता है. 

यमुना को उनकी इस पहल के लिए बीते साल भारत सरकार की नीति आयोग ने  वीमेन ट्रांसफॉर्मिंग इंडिया अवार्ड से  पुरस्कृत किया है. अगर आप भी ऐसी किसी महिला को जानते हैं या आप खुद किसी न किसी तरह से एक बेहतर भारत के निर्माण में सहयोगी हैं तो इस लिंक पर रजिस्टर करें.

अपने विचारों को साझा करें

संबंधित लेख

लोड हो रहा है...