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माँ बाप के शिकायत पर पुलिस ने बच्चों को आश्रम से छुड़ाया, स्वामी नित्यानंद के खिलाफ मुक़दमा दर्ज

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Image Credits: NDTV

November 21, 2019

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गुजरात के अहमदाबाद के माता पिता ने  स्वयंभू बाबा स्वामी नित्यानंद के खिलाफ मुक़दमा दर्ज कराया है. आरोप है की नित्यानंद  ने कथिक तौर से कम उम्र के बच्चों को अगवा कर बंधक बनाके उनसे चंदा इकठ्ठा करवाते थे. पुलिस ने स्वामी की दो शिष्याओं प्राण प्रियनंदा और प्रियतत्व रिद्धि किरण को भी गिरफ्तार किया है, दोनों पर बच्चों के अपहरण, बंधक बनाकर रखने और बाल मजदूरी कराने के संगीन आरोप है.

अहमदाबाद ग्रामीण के डीएसपी केटी कमारिया ने बताया कि योगिनी सर्वज्ञपीठम आश्रम से चार बच्चों को छुड़ाया गया है. इनके बयान दर्ज करने के बाद नित्यानंद के खिलाफ केस दर्ज किया गया, कमारिया के मुताबिक, आश्रम से छुड़ाए गए नौ और दस साल के बच्चों ने बताया कि उन्हें यातनाएं दी जा रही थीं और बाल श्रमिक के तौर पर उनसे काम करवाया जा रहा था.

बचाये गए बच्चो को बाल कल्याण समिति को सौंप दिया गया है, जो उनके परिजनों का पता लगा रही है. मुक्त किये हुए बच्चो से पुलिस को जानकारी मिली है कि उन्हें 10 दिनों से बंधक बना कर रखा, यातनाये दी गई और आश्रम के धार्मिक काम करवाए.

इससे पहले,गुजरात के दम्पति का आरोप था की आश्रम प्रशासन पर उन्हें अपनी बच्चीओ से मिलने नही दे रहा है. कमरिया का कहना है कि बहनों को छुड़वाकर  उन्हें उनके अभिभावकों को सौंप दिया गया है. बच्चियों के पिता जनार्दन शर्मा ने गुजरात हाई कोर्ट में सोमवार को एक याचिका दायर कर दावा किया था कि स्वामी नित्यानंद ने उनकी बेटियों को अगवा कर दो हफ्ते से ज्यादा समय से बंधक बनाकर रखा.

 

भारत मे स्वघोषित फ़र्ज़ी बाबाओं का बोलबाला

पिछले कुछ वर्षों में, कई स्वयंभू धर्मियों के आपराधिक गलत काम जैसे वित्तीय धोखाधड़ी, बलात्कार और यहां तक ​​कि हत्या जैसे अपराध सामने आए हैं. भारत में गॉडमैन और उनके खिलाफ आपराधिक अपराधों के आरोप प्रचलित हैं. इस तरह की घटनाएं वर्षों से व्याप्त हैं. ये स्व-नियुक्त नेता वित्तीय धोखाधड़ी से बलात्कार और यहां तक ​​कि एकमुश्त हत्या तक के अपराधों के लिए नियमित रूप से राष्ट्रीय ध्यान आकर्षित कर रहे हैं.

संत रामपाल और गुरमीत राम रहीम सिंह जैसे देवता ऐसे अपराधियों के प्रमुख उदाहरण हैं जिन्होंने सैकड़ों लोगों के विश्वास का फायदा उठाया है.

रामपाल को हत्या के मामलों में आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी. हिसार में उनका आश्रम युद्ध क्षेत्र में बदल गया था क्योंकि पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार करने का प्रयास किया था – सैकड़ों पुलिसकर्मियों और रामपाल के अनुयायियों के बीच झड़प भी हुई थी. उसके दोषी साबित होने के बावजूद सैकड़ों लोगों ने उसका अनुसरण किया और उस पर विश्वास किया.

15 साल पुराने बलात्कार और यौन शोषण मामले में गुरमीत राम रहीम को पंचकुला की विशेष सीबीआई अदालत द्वारा दोषी ठहराए जाने के बाद, कई शहरों में उनके अनुयायियों द्वारा बसों और रेलवे स्टेशनों सहित सार्वजनिक संपत्तियों को जलाया गया. वास्तव में, वह भारत के उत्तरी राज्यों और विदेशों में छह करोड़ से अधिक अनुयायियों का दावा करता है. ये कहना कहीं से भी गैर मुनासिब नहीं होगा कि ये फ़र्ज़ी बाबा अपने भक्तों के विश्वास के साथ छल तो करते ही हैं साथ ही साथ उन्हें वैचारिक तौर पर इतना पंगु बना देते हैं कि उनके कुकर्म सिद्ध होने के बाद भी इनके भक्त इन्हें बचाने के लिए अपने जान देने को तैयार रहते है.

 

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