ख़बरें

इसरो ने कार्टोसैट-3 और दो अन्य उपग्रह सीमा सुरक्षा को बढ़ाने के लिए लॉन्च किये

तर्कसंगत

Image Credits: Hindustan Times

November 21, 2019

SHARES

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने 18 नवंबर को घोषणा की कि वह अपनी सीमा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए कार्टोसैट -3 और दो अन्य उपग्रहों का प्रक्षेपण करेगा।  इसरो इन तीनों उपग्रहों को नवंबर और दिसंबर 2019 में विभिन चरणों में लॉन्च करने के लिए पूरी तरह तैयार है।

एजेंसी ने बताया कि इसरो के पोलर सैटेलाइट लॉन्च व्हीकल-एक्सएल रॉकेट संस्करण (पीएसएलवी-एक्सएल) को 25 नवंबर को अमेरिका से कक्षा कार्टोसैट -3 और 13 कमर्शियल नैनोसेटलाइट में रखा जाएगा। 25 नवंबर को सुबह 9:28 बजे श्रीहरिकोटा से रॉकेट लॉन्च किया जाएगा।

कार्टोसैट -3 उपग्रह तीसरी पीढ़ी का उच्च-रिज़ॉल्यूशन इमेजिंग क्षमता वाला उन्नत उपग्रह है। यह अपने पिछले सैटेलाइट की तुलना में अत्यधिक उन्नत है क्योंकि इसमें 0.25 मीटर का शक्तिशाली रिज़ॉल्यूशन और एक व्यापक स्पाटिअल रेंज है। टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक, पहले लॉन्च किए गए सर्विलांस सैटेलाइट में इतना शक्तिशाली रेजोल्यूशन नहीं था।

कार्टोसैट -3 में मल्टी स्पेक्ट्रल और हाइपरस्पेक्ट्रल क्षमताएं होंगी जो दुश्मन और आतंकी ठिकानों पर ज़ूम करने में सेना की सहायता करेगी। कार्टोसैट -3 को 97.5 डिग्री के झुकाव पर 509 किमी की कक्षा में रखा जाएगा।

एसआरओ दो और निगरानी – रिसैट -2 बीआर 1 और रिसैट -2 बीआर 2 को भी दिसंबर में लॉन्च करेगा। इन उपग्रहों की मदद से बादलों के माध्यम से और रात में छवियों को पकड़ने की क्षमता होगी।

भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी ने इस साल 22 मई को रिसैट -2 बी लॉन्च किया था। पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में आतंकी लॉन्चपैड्स पर बड़े पैमाने पर सर्जिकल स्ट्राइक करने के लिए रिस्तों का इस्तेमाल किया गया था।

अपने विचारों को साझा करें

संबंधित लेख

लोड हो रहा है...