पर्यावरण

आरे वन: मुंबई मेट्रो रेल के वृक्षारोपण कार्यक्रम के अंतर्गत लगाए 60 % पेड़ सूख गए

तर्कसंगत

November 22, 2019

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मुंबई मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड के आरे वन में और साथ ही मुंबई में ट्रांसप्लांटेशन ड्राइव का कोई अच्छा असर नहीं हुआ। बॉम्बे हाईकोर्ट की मेट्रो 3 ट्री कमेटी द्वारा किए गए एक निरीक्षण में दावा किया गया कि जंगल में लगाए गए 1,060 पेड़ों में से 680 ख़त्म हो गए हैं, यानि कि 60% से अधिक पेड़ बर्बाद हो गए हैं।

यह कोलाबा से अंधेरी जाने वाली मेट्रो 3 लाइन के निर्माण के दौरान लगभग 1,500 पेड़ों की कटाई की भरपाई के लिए किया गया था। वृक्षारोपण अभियान पूरे शहर में हुआ और न केवल आरे में।

मुंबई मेट्रो 3 के आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर ये जानकारी पोस्ट की गयी है , जिसमें प्रत्यारोपण और शहरी वृक्षारोपण अभियान को सबसे बड़ा अभियान बताया गया था। इसने इस बात पर भी चर्चा की कि कैसे लगाए गए ताजे वृक्षों की उत्तरजीविता 97% थी और 36.2% रोपित वृक्ष नगरीय परिस्थितियों में भी सबसे अधिक जीवित रहने के लिए बाध्य थे।

 

मुंबई स्थित कार्यकर्ता जोरू भटेना, जिन्होंने पेड़ों की कटाई के खिलाफ पहले विरोध प्रदर्शनों में सक्रिय रूप से भाग लिया था, जंगलों में जाकर देखा।

उन्होंने तर्कसंगत से कहा, ”देखभाल की कमी के कारण पेड़ों का नष्ट होना स्पष्ट है। ऐसा तब नहीं होता जब इच्छाशक्ति सुदृढ़ होती और इस अभियान को सफल करने की इच्छा होती। भटेना ने कहा कि आरे जंगल एक उपजाऊ भूमि है, इसलिए यह तथ्य कि इतनी बड़ी संख्या में पेड़ बरबाद हुए शहर के मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन की ओर से लापरवाही का सीधा सीधा उदाहरण है।



 

यह एकमात्र उदाहरण नहीं है क्योंकि इस तरह की लापरवाही पहले भी देखी जा चुकी है। इसे पहले MMRC (मुंबई मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड) के संज्ञान में लाया गया था लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई है।

निगम की अभी भी शहर के चारों ओर 500-600 और पेड़ लगाने की योजना है। हालांकि, परिणाम के साथ ड्राइव के विपरीत, यह स्पष्ट हो जाता है कि यह कुछ ऐसा है जो निगम केवल एक दायित्व के रूप में कर रहा है।

 

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