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FICCI: मोदी सरकार के फैसले से सुधरेगा कंपनियों का प्रदर्शन

तर्कसंगत

Image Credits: Sudama News/Wikimedia

November 22, 2019

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उद्योग मंडल फिक्की ने सरकार के भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लि. (BPCL), शिपिंग कॉरपोरेशन आफ इंडिया (SCI) और कंटेनर कॉरपोरेशन आफ इंडिया (CONCOR) में हिस्सेदारी बिक्री के फैसले का स्वागत किया है. FICCI ने कहा है कि इस कदम से इन कंपनियों का प्रदर्शन सुधरेगा और उन्हें आधुनिकीकरण और विस्तार के लिए नया निवेश मिलेगा.

फिक्की के अध्यक्ष संदीप सोमानी ने बृहस्पतिवार को बयान में कहा कि सरकार सुधार एजेंडा को आगे बढ़ाने के लिए और कदम उठा रही है. साथ ही, वह उद्योग की कुछ समस्याओं को हल करने का प्रयास कर रही है. यह उत्साहजनक है. एससीआई, बीपीसीएल और कॉनकोर के रणनीतिक विनिवेश और प्रबंधन नियंत्रण के स्थानांतरण का फैसला स्वागतयोग्य कदम है.

सोमानी ने कहा कि इसके अलावा भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के निदेशक मंडल को अधिक परिचालन अधिकार और प्रयोगकर्ताओं से मिले शुल्क के प्रतिभूतिकरण के जरिये बैंकों से दीर्घावधि का कोष जुटाने की अनुमति जैसे फैसले भी सकारात्मक उपाय हैं. उन्होंने कहा कि इससे सड़क एवं राजमार्ग क्षेत्र को और प्रोत्साहन मिलेगा. इससे जुड़े अन्य क्षेत्रों के प्रदर्शन में भी सुधार होगा. बयान में कहा गया है कि अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र (आईएफएससी) में वित्तीय सेवाप्रदाताओं की गतिविधियों की निगरानी के लिए एकीकृत नियामकीय निकाय के गठन के फैसले से आईएफएससी में इकाई स्थापित करने वाली कंपनियों के लिए कारोबार सुगमता की स्थिति सुधरेगी.

सरकार ने वित्तीय संकट से जूझ रही दूरसंचार कंपनियों को राहत देते हुए उनके लिये स्पेक्ट्रम किस्त का भुगतान दो साल के लिए टालने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है. दूरसंचार कंपनियों को 2020-21 और 2021-22 दो साल के लिये स्पेक्ट्रम किस्त भुगतान से छूट दी गई है.

 

बीपीसीएल समेत 5 कंपनियों में विनिवेश मंजूर

आपको बता दें सरकार ने कैबिनेट कमेटी ऑन इकोनोमिक अफेयर्स ने सबसे बड़े निजीकरण के फैसले को मंजूरी देते हुए बुधवार को भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) समेत 5 सरकारी कंपनियों में विनिवेश को मंजूरी दी. चालू वित्त वर्ष में सरकार ने 1.05 लाख करोड़ रुपए का विनिवेश लक्ष्य रखा है.

  • बीपीसीएल – 53.29% (मैनेजमेंट कंट्रोल ट्रांसफर के साथ) सरकार नुमालीगढ़ रिफाइनरी को अपने पास रखेगी, इसमें बीपीसीएल की 61.65% हिस्सेदारी किसी अन्य सरकारी कंपनी को ही बेची जाएगी। सरकार की हिस्सेदारी बीपीसीएल में 53.29 % की है.
  • शिपिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया – 63.75% , सरकार की हिस्सेदारी इसमें 63.75 % की है. इसमें मैनेजमेंट कंट्रोल ट्रांसफर के साथ खरीदने वाले को दे दी जाएगी.
  • कंटेनर कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया – 30.8%,  सरकार की हिस्सेदारी इसमें 54.80 % की है. इसमें मैनेजमेंट कंट्रोल ट्रांसफर के साथ खरीदने वाले को दे दी जाएगी.
  • टिहरी हाइड्रो डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन – 74.23%  सरकार की हिस्सेदारी टिहरी हाइड्रो डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन में सरकार की हिस्सेदारी 74.23% इसमें मैनेजमेंट कंट्रोल ट्रांसफर के साथ खरीदने वाले को दे दी जाएगी.
  • नॉर्थ ईस्टर्न इलेक्ट्रिक पावर कॉर्पोरेशन –  100%, नॉर्थ ईस्टर्न इलेक्ट्रिक पावर कॉर्पोरेशन में सरकार की हिस्सेदारी 100% है इसमें मैनेजमेंट कंट्रोल ट्रांसफर के साथ खरीदने वाले को दे दी जाएगी.

 

 

 

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