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स्टूडेंट्स के नाम पर कोचिंग इंस्टिट्यूट ने ले लिए करोड़ो के लोन, छात्रों को आने लगे किश्त भरने की नोटिस

तर्कसंगत

Image Credits: Jagran/Sachdeva/Facebook

November 29, 2019

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झारखंड की राजधानी से काफी चुकाने वाली खबर आ रही है. रांची के लालपुर, सर्कुलर रोड स्थित सचदेवा कोचिंग इंस्टीच्यूट में छात्रों के नाम पर फर्जी लोन लेने का आरोप सामने आया है. इसके बाद छात्रों ने इंस्टिट्यूट में जमकर हंगामा किया. छात्रों ने लालपुर थाना पंहुचकर अपनी शिकायत दर्ज कराई. संस्थान के निदेशक राजीव रंजन उर्फ राजीव सिंह को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है.

 

क्या है मामला ?

छात्रों का आरोप है कि सचदेवा कोचिंग इंस्टीच्यूट में दाखिला लेते वक़्त पैन कार्ड, आधार कार्ड का फोटोकॉपी के साथ ही अन्य कागजात पर साइन कराया गया था़ उसी दस्तावेजों का प्रयोग कर लोन निकाला गया है़. हिंदुस्तान की खबर के अनुसार सचदेवा के निदेशक ने करीब 400 छात्रों का 15 से 16 हजार रुपये लेकर दाखिला लिया. प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी के नाम पर दाखिला लेकर न कभी क्लास करवाई न ही किसी प्रकार की तैयारी कराई. बुधवार को जयंति केरकेट्टा के बयान पर गलत ढंग से 68 छात्रों के नाम पर 1.23 करोड़ के लोन लेने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की गई थी. विद्यार्थियों  ने बताया कि पिछले चार माह से किसी भी बैच में ढंग से कक्षाएं  संचालित नहीं हो रही थीं. इसके अलावा शिक्षक भी बदले जा रहे थे. चार माह में रीजनिंग के चार, गणित, अंग्रेजी और जीएस के दो-दो शिक्षक बदले जा चुके हैं. वहीं सिविल सेवा की  तैयारी के नाम पर एडमिशन लेने के बावजूद विद्यार्थियों को कंबाइंड बैच में  ही पढ़ने को मजबूर किया जाता था. इसके अलावा पिछले कई माह से  जगन्नाथ टावर जहां कोचिंग संचालित है, वहां का भी रेंट नहीं दिया है.

 

गलत मोबाइल नंबर और पासबुक भी बनवाया

पुलिस को जानकारी मिली है कि सचदेवा के निदेशक राजीव रंजन ने लोन देने वाली मुंबई की कंपनी फॉरच्यून इंटिग्रेटेड एसोसिएट फाइनांस (एफआइएएफ) के साथ मिलीभगत कर गलत मोबाइल नंबर के जरिये पासबुक भी बनवाया है. उन पासबुक में पैसा भेजने के बाद सारे पैसे निदेशक के खाते में ट्रांसफर कर दिए गए. लालपुर पुलिस ने आरोपी के कार्यालय से 20 सिम बरामद किया है. सभी अलग-अलग नाम से लिए गए हैं. पुलिस यह जानकारी हासिल कर रही है कि आरोपी ने किन-किन लोगों के नाम से सिम लिया है. पुलिस ने निदेशक राजीव रंजन सिंह को गिरफ्तार कर लिया है.

 

निदेशक ने गलती स्वीकारी

प्रभात खबर की रिपोर्ट के अनुसार लालपुर थाना प्रभारी अरविंद कुमार ने बताया कि राजीव रंजन सिंह ने छात्रों के नाम पर लोन लेने की बात स्वीकार कर ली है. उसने एजुकेशन लोन नहीं बल्कि पर्सनल लोन लिया है उस पर दबाव बनाया जा रहा है कि जो रुपये बैंक से लिया है, उसे बैंक को लौटा दे दे ताकि विद्यार्थियों पर से कर्ज का बोझ खत्म हो. इस मामले में मामले में पीड़ित छात्रा इटकी निवासी जयंती केरकेट्टा समेत 14 विद्यार्थियों ने निदेशक समेत अन्य लोगों के खिलाफ गलत ढंग से 68 छात्रों के नाम पर 1.23 करोड़ के लोन लेने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की गई थी. लोन की रकम 20 मई 2019 को ली गई थी. इस बात की जानकारी तब हुई जब नवंबर में उन्हें फार्चून इनटीग्रेटेड एसेट्स फाइनांस लि. नामक कंपनी से नोटिस आया.

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