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मध्य प्रदेश: धान खरीदी के दिन का निर्धारण न होने से बढ़ रही है किसानों की तकलीफ

तर्कसंगत

December 3, 2019

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मध्य प्रदेश के दमोह में निम्न समर्थन मूल्य पर अपनी फसल बेचने को किसानों को अभी और इंतज़ार करना पड़ेगा. निम्न समर्थन मूल्य पर अनाज बेचने की तारीख हर दिन बढ़ जाती है अगली तारीख 10 दिसंबर की रखी गयी है. किसानों की बैचेनी और सब्र अब जवाब दे रहा है.

अधिक परेशानी वाली बात किसानों के लिए ये है कि जिले में धान खरीदी केंद्र का का प्रशासन की तरफ से निर्धारण नहीं हो पाया है. किसानों में असमंजस की स्थिति बनी हुइ है. पहले तारीख 25 नवम्बर की रखी गयी थी जिसे बढ़ाकर 2 दिसंबर कर दिया गया था, मगर तारीख बदलने की सुचना 2 तारीख के शाम तक किसानों को नहीं मिली थी और अब ये 10 दिसंबर तय कर दी गयी है.

जबेरा ब्लॉक के अंतर्गत आने वाले केंद्रों पर कोई खरीदारी नहीं की गयी, कलहरा, अभाना, नोहटा के केंद्रों पर कोई सेल्समेन, समिति प्रबंधक, ऑपरेटर, और हम्माल जैसे व्यवस्था नहीं थी.

उक्त जिले के प्रभारियों के फ़ोन भी बंद ही रहे जिससे किसानों को सबसे ज़्यादा मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है. जिले में सबसे ज़्यादा धान की उपज जबेरा ब्लॉक में हुई है. किसानों को धान की रखवाली की चिंता भी सता रही है, उन्हें ठंड की रात में जग जग कर चोर और मवेशियों से अपने उपज की देखभाल कर रहे हैं.

निम्न समर्थन मूल्य में बिक्री की देरी के कारण से किसानों के पास अपने धान व्यापारियों को बेचने के अपवा को चारा समझ नहीं आ रहा, पत्रिका से बात करते हुए कुछ किसानों का कहना है कि रबी के फसल के मौसम नज़दीक आने के साथ ही बीज और खाद खरीदने के लिए पैसों की ज़रूरत है जो कि व्यापारियों को धान बेच कर ही जमा किये जा सकते हैं.

जिल आपूर्ति अधिकारी ने भी इस बात को स्वीकारा कि केंद्रों का नर्धारण न होने के कारण धान की खरीदी में देरी हुई है. उनकी कोशिश है कि अगले हफ्ते से धान की खरीदी शुरू हो.

 

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